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Lucknow News: जिला अस्पताल में ऑक्सीजन के दोनों प्लांट ठप
Sun, 02 Mar 2025 01:00 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sun, 02 Mar 2025 01:00 AM IST
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जिला अस्पताल का ऑक्सीजन प्लांट।
- फोटो : संवाद
रायबरेली। जिला अस्पताल में ऑक्सीजन के दोनों प्लांट प्राणवायु नहीं दे रहे हैं। नए प्लांट को अब तक शुरू नहीं कराया गया है, जबकि पुराने प्लांट को सही कराया जा रहा है। शनिवार को प्लांट को ठीक करने के लिए काम हुआ। थोड़ी देर के लिए प्लांट को चलाया गया, लेकिन मरीजों को बेड पर ऑक्सीजन मिलने में समस्या हुई। ऐसे में वार्डों के साथ ही पीडियाट्रिक आईसीयू में भर्ती मरीजों को सिलिंडरों के सहारे ऑक्सीजन दी जा रही है।
जिले में कोरोना काल में ऑक्सीजन की बेहद समस्या के बाद जिला अस्पताल में करीब 50 लाख रुपये खर्च करके 1000 लीटर प्रति मिनट की क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया गया था। इस प्लांट से सभी 300 बेडों के साथ ही पीडियाट्रिक आईसीयू के बेडों तक सीधे ऑक्सीजन की आपूर्ति हो रही थी। पिछले तीन माह से यह प्लांट ठप है।
इसके अलावा 10 केएलडी क्षमता नया प्लांट भी सात लाख रुपये से अधिकइ की लागत से स्थापित कराया गया, लेकिन अब तक इस प्लांट को शुरू नहीं कराया गया। ऐसे में मरीजों को सिलिंडर के भरोसे रखा जा रहा है। ऐसे में मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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वर्तमान समय में सांस की समस्या के मरीजों की संख्या बढ़ी है। हर वार्ड में कुछ ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं, जिन्हें ऑक्सीजन पर रखना पड़ रहा है, लेकिन बेड पर ऑक्सीजन न मिलने के कारण सिलिंडर के भरोसे उनकी जान बचाने का प्रयास किया जा रहा है। प्लांट को सही कराने के लिए लगातार प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली। शनिवार को प्लांट को ठीक कराने का काम हुआ। शाम को कुछ देर के लिए प्लांट को संचालित किया गया, लेकिन मरीजों को इसका फायदा नहीं मिला।
इमरजेंसी वार्ड में फट चुकी है सिलिंडर की पाइप
जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में मरीज को ऑक्सीजन लगाते समय सिलिंडर की पाइप फट चुकी है। कुछ दिन पहले ही यह हादसा हुआ था। मरीजों ने वार्ड से बाहर भागकर जान बचाई थी। गनीमत रही कि किसी मरीज को नुकसान नहीं हुआ। आए दिन वार्डों में मरीजों की इसी प्रकार की समस्या से निपटना पड़ रहा है।
ऑक्सीजन प्लांट को ठीक कराया गया है। नया प्लांट भी पूरी तरह से तैयार है। उसे भी जल्द ही संचालित कराया जाएगा। इसके लिए प्रक्रिया चल रही है।
- डॉ. प्रदीप अग्रवाल, सीएमएस जिला अस्पताल
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जिले में कोरोना काल में ऑक्सीजन की बेहद समस्या के बाद जिला अस्पताल में करीब 50 लाख रुपये खर्च करके 1000 लीटर प्रति मिनट की क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया गया था। इस प्लांट से सभी 300 बेडों के साथ ही पीडियाट्रिक आईसीयू के बेडों तक सीधे ऑक्सीजन की आपूर्ति हो रही थी। पिछले तीन माह से यह प्लांट ठप है।
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इसके अलावा 10 केएलडी क्षमता नया प्लांट भी सात लाख रुपये से अधिकइ की लागत से स्थापित कराया गया, लेकिन अब तक इस प्लांट को शुरू नहीं कराया गया। ऐसे में मरीजों को सिलिंडर के भरोसे रखा जा रहा है। ऐसे में मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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वर्तमान समय में सांस की समस्या के मरीजों की संख्या बढ़ी है। हर वार्ड में कुछ ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं, जिन्हें ऑक्सीजन पर रखना पड़ रहा है, लेकिन बेड पर ऑक्सीजन न मिलने के कारण सिलिंडर के भरोसे उनकी जान बचाने का प्रयास किया जा रहा है। प्लांट को सही कराने के लिए लगातार प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली। शनिवार को प्लांट को ठीक कराने का काम हुआ। शाम को कुछ देर के लिए प्लांट को संचालित किया गया, लेकिन मरीजों को इसका फायदा नहीं मिला।
इमरजेंसी वार्ड में फट चुकी है सिलिंडर की पाइप
जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में मरीज को ऑक्सीजन लगाते समय सिलिंडर की पाइप फट चुकी है। कुछ दिन पहले ही यह हादसा हुआ था। मरीजों ने वार्ड से बाहर भागकर जान बचाई थी। गनीमत रही कि किसी मरीज को नुकसान नहीं हुआ। आए दिन वार्डों में मरीजों की इसी प्रकार की समस्या से निपटना पड़ रहा है।
ऑक्सीजन प्लांट को ठीक कराया गया है। नया प्लांट भी पूरी तरह से तैयार है। उसे भी जल्द ही संचालित कराया जाएगा। इसके लिए प्रक्रिया चल रही है।
- डॉ. प्रदीप अग्रवाल, सीएमएस जिला अस्पताल