फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Books were seen, bought and discussed.

Lucknow News: किताबें देखीं, खरीदीं और चर्चा भी की

Sun, 15 Mar 2026 02:12 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 15 Mar 2026 02:12 AM IST
विज्ञापन
Books were seen, bought and discussed.
रवींद्रालय परिसर में लखनऊ पुस्तक मेले में मौजूद लोग।
लखनऊ। चारबाग स्थित रवींद्रालय परिसर में चल रहे लखनऊ पुस्तक मेले के दूसरे दिन शनिवार को पाठकों ने पुस्तकों को देखा और खरीदारी की। साथ ही सांस्कृतिक मंच पर कई पुस्तकों के विमोचन के साथ उन पर चर्चा और मंचन भी किया गया। पुस्तक मेले में किताबों पर 10 फीसदी तक की छूट दी जा रही है।
विज्ञापन


नेशनल बुक ट्रस्ट के स्टॉल पर भगत सिंह की किताब मैं नास्तिक हूं समेत बच्चों के लिए वैदिक मैथमेटिक्स और द स्टोरी ऑफ अवर रिवर्स जैसी किताबों की खूब मांग रही। इस बार मेले में उर्दू के भी दो प्रकाशक आए हैं जिस पर भी पाठकों की चहलकदमी देखी गई।
विज्ञापन

सुबह के सत्र में नवसृजन प्रकाशन की ओर से पूर्व डीजीपी महेश चंद्र द्विवेदी की अध्यक्षता में हुए समारोह में डाॅ. उषा सिन्हा, सुल्तान शाकिर हाशमी, नरेंद्र भूषण और ओम नीरव ने मंजू सक्सेना के लघुकथा संग्रह एक कप चाय, श्रीकृष्ण द्विवेदी द्विजेश के छंद संग्रह छाया वसंत रहे, हेमंत कुमार के निबंध संग्रह अवध का लोक इतिहास, डॉ. सुषमा सौम्या के गीत संग्रह नमन, अनिल किशोर शुक्ल के काव्य संग्रह मेरे अष्टपदी अगीत और मनोरमा श्रीवास्तव के गजल संग्रह तितलियों के देश में... का विमोचन किया। समारोह में मनु वाजपेयी, डाॅ. योगेश, देवेश द्विवेदी व डाॅ. सुधा मिश्रा आदि की उपस्थिति रही।
विज्ञापन
विज्ञापन


इन पुस्तकों पर हुई चर्चा

डाॅ. शिप्रा चतुर्वेदी की किताब जर्मन लोककथाएं पर चर्चा की गई। इसमें शामिल कहानियों पर बात हुई। इसमें से एक कहानी कथा टिल का मंचन भी किया गया जिसमें अभय, अदम्य, प्रांजल और सृष्टि ने अभिनय किया। इसी क्रम में डाॅ. अश्विनी कुमार मल्होत्रा ने अपनी पुस्तक एक डाॅक्टर की कलम से और दो अन्य पुस्तकों के बारे में जयश्री और श्रोताओं के साथ चर्चा की। वास्तुविद विपुल वार्ष्णेय की किताब अवध के मंदिर का लोकार्पण हुआ। इस दौरान पद्मश्री डाॅ. विद्या विंदु सिंह की अध्यक्षता और चंद्रशेखर वर्मा के संचालन में परिचर्चा भी हुई। परिचर्चा में डाॅ. आनंद प्रकाश माहेश्वरी, लेखिका विपुल वार्ष्णेय और पुस्तक की हिंदी में भूमिका लिखने वाली अलका प्रमोद शामिल हुईं। शाम को साहित्य साधक संस्था की ओर से काव्य गोष्ठी हुई।

रवींद्रालय परिसर में लखनऊ पुस्तक मेले में मौजूद लोग।

रवींद्रालय परिसर में लखनऊ पुस्तक मेले में मौजूद लोग।

रवींद्रालय परिसर में लखनऊ पुस्तक मेले में मौजूद लोग।

रवींद्रालय परिसर में लखनऊ पुस्तक मेले में मौजूद लोग।

रवींद्रालय परिसर में लखनऊ पुस्तक मेले में मौजूद लोग।

रवींद्रालय परिसर में लखनऊ पुस्तक मेले में मौजूद लोग।

रवींद्रालय परिसर में लखनऊ पुस्तक मेले में मौजूद लोग।

रवींद्रालय परिसर में लखनऊ पुस्तक मेले में मौजूद लोग।

रवींद्रालय परिसर में लखनऊ पुस्तक मेले में मौजूद लोग।

रवींद्रालय परिसर में लखनऊ पुस्तक मेले में मौजूद लोग।

रवींद्रालय परिसर में लखनऊ पुस्तक मेले में मौजूद लोग।

रवींद्रालय परिसर में लखनऊ पुस्तक मेले में मौजूद लोग।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed