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दरोगा और उसके साथियों पर पिटाई का आरोप लगा इंजीनियर ने मुख्यमंत्री से लगाई जान बचाने की गुहार
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लखनऊ। दरोगा पर पत्नी को प्रेमजाल में फंसाने का आरोप लगाने वाले इंजीनियर ने सोमवार को दो वीडियो वायरल किए हैं। इसमें दरोगा से खुद की जान बचाने के लिए मुख्यमंत्री, गृह सचिव, डीजीपी व पुलिस कमिश्नर से गुहार लगाई है। वीडियो में इंजीनियर ने कहा कि दरोगा के साथियों ने उन पर हमला कर पिटाई की है। कभी भी उनकी हत्या हो सकती है।
इंदिरानगर के इस्माइलगंज में किराए के मकान में रहने वाले इंजीनियर के मुताबिक, एक प्रॉपर्टी डीलर ने प्लॉट दिलाने के नाम पर उनकी रकम हड़प ली थी। उन्होंने चिनहट कोतवाली में शिकायत की तो तत्कालीन कमता चौकी प्रभारी दरोगा मनोज कुमार सिंह को जांच दी गई। इंजीनियर का आरोप है कि दरोगा ने 50 हजार रुपये रिश्वत लेने पर भी प्रॉपर्टी डीलर से रकम वापस नहीं दिलाई। फिर वह नोएडा चले गए तो दरोगा आए दिन किसी न किसी बहाने उनकी पत्नी को चौकी पर बुलाने लगे। पत्नी से फोन पर भी दरोगा की बातचीत होने लगी। हाल ही में दरोगा का तबादला वाराणसी हो गया था। इंजीनियर का आरोप है कि 26 जनवरी को वह अचानक घर पहुंचे तो अपनी पत्नी के साथ दरोगा को आपत्तिजनक हालत में देख दंग रह गए। इंजीनियर ने मोबाइल से फोटो खींची तो दरोगा ने झूठे मुकदमे में फंसाने और जान से मरवाने की धमकी दी। इंजीनियर ने डीजीपी ऑफिस में शिकायत की थी।
इंजीनियर ने सोमवार को दो वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किए हैं। इनमें कहा है कि शुक्रवार को उन्होंने डीजीपी व शनिवार को पुलिस कमिश्नर कार्यालय में दरोगा के खिलाफ शिकायती पत्र दिया था। शनिवार रात वह चिनहट में अपने दोस्त के ऑफिस गए थे। नौ बजे वहां से निकलते ही दरोगा के 10-15 साथियों ने घेर लिया और बुरी तरह से पिटाई की। दरोगा संग उनकी पत्नी भी थी, जो कुछ दूरी पर खड़ी होकर उन्हें पिटते देख रही थी। आरोप लगाया कि हमलावरों ने तमंचे निकाले तो वो अपनी बाइक वहीं छोड़कर किसी तरह भाग निकले। मगर खतरा बना हुआ है।
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मैं जान चुका हूं, मुझे मरना है...
लखनऊ। वीडियो में इंजीनियर कह रहे हैं कि इनको (दरोगा को) वर्दी मिल गई है तो ये सोच रहे हैं कि मैं गुंडा हो गया हूं, मैं कुछ भी कर सकता हूं। ये वर्दी का अपमान है। कहा कि मेरी पत्नी भी दरोगा की साजिश में शामिल हो गई है। मैं जान चुका हूं मुझे मरना है। इस वजह से दूसरे शहर में अपने दोस्त के घर में छिपा हूं। अगर मेरी शिकायत पर कार्रवाई हुई होती तो ये लोग इस तरह खुलेआम मुझ पर हमला न करते। इंजीनियर ने मुख्यमंत्री, गृह सचिव, डीजीपी व पुलिस कमिश्नर से गुहार लगाते हुए कहा कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो उनकी हत्या हो जाएगी या वह खुद आत्महत्या कर लेंगे।
डीजीपी कार्यालय से संबद्ध है आरोपी
लखनऊ। डीसीपी (पूर्वी) अमित आनंद का कहना है कि आरोपी दरोगा मनोज कुमार सिंह पहले चिनहट थाने में तैनात था। कुछ समय पहले उसका तबादला वाराणसी हो गया। वहां से उसे डीजीपी ऑफिस संबद्ध कर दिया गया। ऐसे में मामले की रिपोर्ट वाराणसी के पुलिस कमिश्नर को भेजी गई है। डीसीपी ने इंजीनियर द्वारा जारी वीडियो की जानकारी से इनकार किया। कहा कि इंजीनियर ने हमले की कोई शिकायत नहीं की और न ही इस बाबत कोई तहरीर मिली है। तहरीर मिलने पर छानबीन की जाएगी।
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इंदिरानगर के इस्माइलगंज में किराए के मकान में रहने वाले इंजीनियर के मुताबिक, एक प्रॉपर्टी डीलर ने प्लॉट दिलाने के नाम पर उनकी रकम हड़प ली थी। उन्होंने चिनहट कोतवाली में शिकायत की तो तत्कालीन कमता चौकी प्रभारी दरोगा मनोज कुमार सिंह को जांच दी गई। इंजीनियर का आरोप है कि दरोगा ने 50 हजार रुपये रिश्वत लेने पर भी प्रॉपर्टी डीलर से रकम वापस नहीं दिलाई। फिर वह नोएडा चले गए तो दरोगा आए दिन किसी न किसी बहाने उनकी पत्नी को चौकी पर बुलाने लगे। पत्नी से फोन पर भी दरोगा की बातचीत होने लगी। हाल ही में दरोगा का तबादला वाराणसी हो गया था। इंजीनियर का आरोप है कि 26 जनवरी को वह अचानक घर पहुंचे तो अपनी पत्नी के साथ दरोगा को आपत्तिजनक हालत में देख दंग रह गए। इंजीनियर ने मोबाइल से फोटो खींची तो दरोगा ने झूठे मुकदमे में फंसाने और जान से मरवाने की धमकी दी। इंजीनियर ने डीजीपी ऑफिस में शिकायत की थी।
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इंजीनियर ने सोमवार को दो वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किए हैं। इनमें कहा है कि शुक्रवार को उन्होंने डीजीपी व शनिवार को पुलिस कमिश्नर कार्यालय में दरोगा के खिलाफ शिकायती पत्र दिया था। शनिवार रात वह चिनहट में अपने दोस्त के ऑफिस गए थे। नौ बजे वहां से निकलते ही दरोगा के 10-15 साथियों ने घेर लिया और बुरी तरह से पिटाई की। दरोगा संग उनकी पत्नी भी थी, जो कुछ दूरी पर खड़ी होकर उन्हें पिटते देख रही थी। आरोप लगाया कि हमलावरों ने तमंचे निकाले तो वो अपनी बाइक वहीं छोड़कर किसी तरह भाग निकले। मगर खतरा बना हुआ है।
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मैं जान चुका हूं, मुझे मरना है...
लखनऊ। वीडियो में इंजीनियर कह रहे हैं कि इनको (दरोगा को) वर्दी मिल गई है तो ये सोच रहे हैं कि मैं गुंडा हो गया हूं, मैं कुछ भी कर सकता हूं। ये वर्दी का अपमान है। कहा कि मेरी पत्नी भी दरोगा की साजिश में शामिल हो गई है। मैं जान चुका हूं मुझे मरना है। इस वजह से दूसरे शहर में अपने दोस्त के घर में छिपा हूं। अगर मेरी शिकायत पर कार्रवाई हुई होती तो ये लोग इस तरह खुलेआम मुझ पर हमला न करते। इंजीनियर ने मुख्यमंत्री, गृह सचिव, डीजीपी व पुलिस कमिश्नर से गुहार लगाते हुए कहा कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो उनकी हत्या हो जाएगी या वह खुद आत्महत्या कर लेंगे।
डीजीपी कार्यालय से संबद्ध है आरोपी
लखनऊ। डीसीपी (पूर्वी) अमित आनंद का कहना है कि आरोपी दरोगा मनोज कुमार सिंह पहले चिनहट थाने में तैनात था। कुछ समय पहले उसका तबादला वाराणसी हो गया। वहां से उसे डीजीपी ऑफिस संबद्ध कर दिया गया। ऐसे में मामले की रिपोर्ट वाराणसी के पुलिस कमिश्नर को भेजी गई है। डीसीपी ने इंजीनियर द्वारा जारी वीडियो की जानकारी से इनकार किया। कहा कि इंजीनियर ने हमले की कोई शिकायत नहीं की और न ही इस बाबत कोई तहरीर मिली है। तहरीर मिलने पर छानबीन की जाएगी।