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पुलिस पर 40 हजार रिश्वत लेने का आरोप, एडीसीपी को सौंपी जांच
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लखनऊ। सुशांत गोल्फ सिटी थाने में तैनात सिपाही पर 40 हजार रुपये रिश्वत देने का आरोप एक महिला ने लगाया। सिपाही की बात-चीत का वीडियो सोशल मीडिया पर सोमवार को तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में कुर्सी पर बैठा हुआ सिपाही 40 हजार रुपये किसको दिए गए यह महिला को बता रहा है। मामले को संज्ञात में लेते हुए लखनऊ पुलिस आयुक्त डीके ठाकुर ने मामले की जांच एडीसीपी दक्षिणी को सौंपी है।
पीड़ित महिला अनीता द्वारा दिए गए शिकायती पत्र में बताया है कि 11 जुलाई को सुशांत गोल्फ सिटी थाने की चौकी एचसीएल के इंचार्ज अर्जुन सिंह ने फोन करके अपने पास बुलाया था। उसके बाद कहा कि यदि तुम अपने भतीजे सहज राम के बेटे शिवा(16) को जेल जाने से बचना चाहती हो तो इसके बदले में पूरे रुपए की व्यवस्था करनी होगी। इसके साथ ही कहा था कि यह रकम नहीं मिली तो तुम्हारे भतीजे का चालान कर जेल भेज दिया जाएगा। दरोगा ने यह भी कहा कि इस रकम में मेरे अलावा मेरे अधीनस्थ सिपाही अवधेश व थाना प्रभारी का भी हिस्सा शामिल होगा। इसलिए इसकी व्यवस्था करके सिपाही अवधेश को दे दो।
महिला अनीता का कहना है यह सुनकर उसने उसी दिन पहले चालीस हजार रुपए की व्यवस्था करके उस सिपाही को सौप दिए। इसके बाद भी अवधेश सिपाही और रकम की मांग करने लगा। इतना सब होने के बाद उनको इंस्पेक्टर विजयेंद्र सिंह के सामने पेश किया। अनीता का कहना है इंस्पेक्टर ने घर जाने की सलाह देते हुए कहा दो घंटे बाद तुम्हारे भतीजे को छोड़ दिया जाएगा। इंस्पेक्टर के आश्वासन के बाद अनीता घर चली गई। आरोप है कि उसके घर आने के बाद ही पुलिस ने उसके भतीजे शिवा का चालान करते हुए उसे जेल भेज दिया। यह बात जब उस महिला को मालूम हुई तो उसने दरोगा अर्जुन सिंह से मिलकर पूछा दरोगा ने विवेचना के बाद छोड़ देने के लिए कहा। एडीसीपी पुर्णेंदु सिंह मामले की जांच कर रही है।
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पीड़ित महिला अनीता द्वारा दिए गए शिकायती पत्र में बताया है कि 11 जुलाई को सुशांत गोल्फ सिटी थाने की चौकी एचसीएल के इंचार्ज अर्जुन सिंह ने फोन करके अपने पास बुलाया था। उसके बाद कहा कि यदि तुम अपने भतीजे सहज राम के बेटे शिवा(16) को जेल जाने से बचना चाहती हो तो इसके बदले में पूरे रुपए की व्यवस्था करनी होगी। इसके साथ ही कहा था कि यह रकम नहीं मिली तो तुम्हारे भतीजे का चालान कर जेल भेज दिया जाएगा। दरोगा ने यह भी कहा कि इस रकम में मेरे अलावा मेरे अधीनस्थ सिपाही अवधेश व थाना प्रभारी का भी हिस्सा शामिल होगा। इसलिए इसकी व्यवस्था करके सिपाही अवधेश को दे दो।
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महिला अनीता का कहना है यह सुनकर उसने उसी दिन पहले चालीस हजार रुपए की व्यवस्था करके उस सिपाही को सौप दिए। इसके बाद भी अवधेश सिपाही और रकम की मांग करने लगा। इतना सब होने के बाद उनको इंस्पेक्टर विजयेंद्र सिंह के सामने पेश किया। अनीता का कहना है इंस्पेक्टर ने घर जाने की सलाह देते हुए कहा दो घंटे बाद तुम्हारे भतीजे को छोड़ दिया जाएगा। इंस्पेक्टर के आश्वासन के बाद अनीता घर चली गई। आरोप है कि उसके घर आने के बाद ही पुलिस ने उसके भतीजे शिवा का चालान करते हुए उसे जेल भेज दिया। यह बात जब उस महिला को मालूम हुई तो उसने दरोगा अर्जुन सिंह से मिलकर पूछा दरोगा ने विवेचना के बाद छोड़ देने के लिए कहा। एडीसीपी पुर्णेंदु सिंह मामले की जांच कर रही है।
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