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Lucknow News: बिना संकेतक मौत का रास्ता बता रहे ब्लैक स्पॉट
Mon, 24 Jun 2024 03:26 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Mon, 24 Jun 2024 03:26 AM IST
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आशीष दीक्षित
रायबरेली। सड़क हादसों में रायबरेली प्रदेश की टॉप टेन सूची में शामिल है। उस पर राष्ट्रीय राजमार्ग और राजधानी मार्ग के 50 ब्लैक स्पॉट बिना संकेतक और चिह्न के हैं। ये ब्लैक स्पॉट हादसों के सबसे बड़े गुनहगार हैं। पिछले तीन सालों में हादसों के आंकड़े बताते हैं कि ब्लैक स्पॉट की वजह से न केवल गई जानें गईं बल्कि परिवार की खुशियां भी बर्बाद हुई हैं। सड़क सुरक्षा की बैठकों और समीक्षा में प्रशासनिक अधिकारी ब्लैक स्पॉट पर सतर्कता को लेकर इंतजाम करने के निर्देश देते रहे हैं, लेकिन नतीजा सिफर रहा है।
ब्लैक स्पॉट सड़क का वह रेड जोन है जो हादसों से लाल होता रहता है। रायबरेली में ब्लैक स्पॉट को चिह्नित कर वहां पर सड़क सुरक्षा के इंतजाम को लेकर शासन से लेकर प्रशासनिक स्तर पर निर्देश जारी होते रहते हैं, लेकिन इनकी दशा में कोई सुधार नहीं है। सड़क सुरक्षा के आंकड़ों पर गौर करें तो रायबरेली में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के 33, राज्य मार्ग (स्टेट हाईवे) के 14 और अन्य मार्गों के तीन ब्लैक स्पॉट हैं। वर्ष 2021 से 2023 तक इन ब्लैक स्पॉट पर 371 हादसे हुए थे और इसमें 239 लोगों की जान गई थी। इस वर्ष भी 150 से अधिक हादसे हो चुके हैं और अब तक 45 लोगों की मौत हो चुकी है। खास बात यह है कि एक भी ब्लैक स्पॉट में चिह्नित सड़क पर संकेतक छोड़िए, ब्लैक स्पॉट का भी बोर्ड नहीं लगा है। सबसे अधिक ब्लैक स्पॉट सलोन और ऊंचाहार में हैं। वहीं ऊंचाहार का अरखा क्षेत्र हादसों का सबसे बड़ा रेड प्वाइंट है।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर...
सलोन में लखनऊ-प्रतापगढ़ पर सूची, उमरी और साहबगंज, ऊंचाहार में एनएच-24बी पर चड़रई चौराहा, सवैया तिराहा, ऊंचाहार कस्बा, कबीर चौराहा, बाबूगंज, अरखा, सवैया हसन, भदोखर में लखनऊ-प्रयागराज हाईवे पर मुंशीगंज तिराहा, कुचरिया, एसजेएस स्कूल के पास भावपुल, मेरजगंज मोड़, मनहेरू चौराहा, रायबरेली शहर में लखनऊ-प्रयागराज हाईवे पर रतापुर चौराहा, आईटीआई मोड़, सारस मोटल तिराहा, मिल एरिया में रायबरेली-सुल्तानपुर हाईवे पर राही, बछरावां में लखनऊ-प्रयागराज हाईवे पर बछरावां चौराहा, कोतवाली सदर में लखनऊ-प्रयागराज हाईवे पर सिविल लाइन और त्रिपुला, हरचंदपुर में लखनऊ-प्रयागराज हाईवे पर कठवारा, कस्बा गंगागंज, जगतपुर में एनएचसी-30 कस्बा जगतपुर, नवाबगंज, गुरुबक्शगंज में रायबरेली-कानपुर एनएच-31 हाईवे पर किलौली, देदौर ब्लैक स्पॉट हैं।
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राज्य मार्ग पर...
ऊंचाहार में एसएच-38 पर सवैयाधनी, जमुनापुर, बीकरगढ़, मिल एरिया में रायबरेली-फैजाबाद रोड पर देवानंदपुर, चांद ढाबा, हरदासपुर में आरटीओ कार्यालय के पास, कोतवाली शहर में राजघाट, गुरुबक्शगंज में ओनई ब्लैक स्पॉट हैं।
शहर में फिरोज गांधी चौराहा भी ब्लैक स्पॉट
शहर के बीच बना फिरोज गांधी चौराहा सबसे व्यवस्ततम चौराहा है और यह ब्लैक स्पॉट है। यहां पर ट्रैफिक लाइट तो लगी है लेकिन अभी तक इनका उपयोग नहीं हो रहा है। संकेतांक भी नहीं है। इस कारण पीक ऑवर में यह चौराहा बहुत संवेदनशील माना जाता है।
ब्लैक स्पॉट पर हुए हादसों के आंकड़ों पर नजर
वर्ष-- हादसे-- मौत-- -घायल
2021- 126-- 82-- 88
2022-121-- -76-- 73
2023-124-- -81-- 75
क्या है ब्लैक स्पॉट
सड़क पर जिस जगह बार-बार हादसे होते हैं, उन्हें ब्लैक स्पॉट कहा जाता है। शासन स्तर पर किसी सड़क, हाईवे, एक्सप्रेस वे पर एक ही जगह तीन साल में पांच सड़क हादसे हो जाएं। साथ ही सड़क के उस हिस्से में तीन साल में दस मौत हो जाएं तो उसे ब्लैक स्पॉट घोषित कर दिया जाता है। हादसे के आसपास का 500 मीटर का एरिया ब्लैक स्पॉट माना जाता है।
वर्जन:::
ब्लैक स्पॉट को खत्म करने के साथ वहां पर संकेतांक और हादसों को रोकने के लिए प्रशासनिक स्तर पर सड़क सुरक्षा की बैठक में निर्देश दिए गए हैं। कुछ काम भी हुआ है। कोशिश है कि ब्लैक स्पॉट पर जरूरी सड़क सुरक्षा व्यवस्था कराई जाए। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के कारण कुछ काम रुके पड़े थे। जिनको चालू कराने के निर्देश दिए गए हैं।
-प्रफुल्ल त्रिपाठी, एडीएम प्रशासन
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रायबरेली। सड़क हादसों में रायबरेली प्रदेश की टॉप टेन सूची में शामिल है। उस पर राष्ट्रीय राजमार्ग और राजधानी मार्ग के 50 ब्लैक स्पॉट बिना संकेतक और चिह्न के हैं। ये ब्लैक स्पॉट हादसों के सबसे बड़े गुनहगार हैं। पिछले तीन सालों में हादसों के आंकड़े बताते हैं कि ब्लैक स्पॉट की वजह से न केवल गई जानें गईं बल्कि परिवार की खुशियां भी बर्बाद हुई हैं। सड़क सुरक्षा की बैठकों और समीक्षा में प्रशासनिक अधिकारी ब्लैक स्पॉट पर सतर्कता को लेकर इंतजाम करने के निर्देश देते रहे हैं, लेकिन नतीजा सिफर रहा है।
ब्लैक स्पॉट सड़क का वह रेड जोन है जो हादसों से लाल होता रहता है। रायबरेली में ब्लैक स्पॉट को चिह्नित कर वहां पर सड़क सुरक्षा के इंतजाम को लेकर शासन से लेकर प्रशासनिक स्तर पर निर्देश जारी होते रहते हैं, लेकिन इनकी दशा में कोई सुधार नहीं है। सड़क सुरक्षा के आंकड़ों पर गौर करें तो रायबरेली में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के 33, राज्य मार्ग (स्टेट हाईवे) के 14 और अन्य मार्गों के तीन ब्लैक स्पॉट हैं। वर्ष 2021 से 2023 तक इन ब्लैक स्पॉट पर 371 हादसे हुए थे और इसमें 239 लोगों की जान गई थी। इस वर्ष भी 150 से अधिक हादसे हो चुके हैं और अब तक 45 लोगों की मौत हो चुकी है। खास बात यह है कि एक भी ब्लैक स्पॉट में चिह्नित सड़क पर संकेतक छोड़िए, ब्लैक स्पॉट का भी बोर्ड नहीं लगा है। सबसे अधिक ब्लैक स्पॉट सलोन और ऊंचाहार में हैं। वहीं ऊंचाहार का अरखा क्षेत्र हादसों का सबसे बड़ा रेड प्वाइंट है।
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राष्ट्रीय राजमार्ग पर...
सलोन में लखनऊ-प्रतापगढ़ पर सूची, उमरी और साहबगंज, ऊंचाहार में एनएच-24बी पर चड़रई चौराहा, सवैया तिराहा, ऊंचाहार कस्बा, कबीर चौराहा, बाबूगंज, अरखा, सवैया हसन, भदोखर में लखनऊ-प्रयागराज हाईवे पर मुंशीगंज तिराहा, कुचरिया, एसजेएस स्कूल के पास भावपुल, मेरजगंज मोड़, मनहेरू चौराहा, रायबरेली शहर में लखनऊ-प्रयागराज हाईवे पर रतापुर चौराहा, आईटीआई मोड़, सारस मोटल तिराहा, मिल एरिया में रायबरेली-सुल्तानपुर हाईवे पर राही, बछरावां में लखनऊ-प्रयागराज हाईवे पर बछरावां चौराहा, कोतवाली सदर में लखनऊ-प्रयागराज हाईवे पर सिविल लाइन और त्रिपुला, हरचंदपुर में लखनऊ-प्रयागराज हाईवे पर कठवारा, कस्बा गंगागंज, जगतपुर में एनएचसी-30 कस्बा जगतपुर, नवाबगंज, गुरुबक्शगंज में रायबरेली-कानपुर एनएच-31 हाईवे पर किलौली, देदौर ब्लैक स्पॉट हैं।
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राज्य मार्ग पर...
ऊंचाहार में एसएच-38 पर सवैयाधनी, जमुनापुर, बीकरगढ़, मिल एरिया में रायबरेली-फैजाबाद रोड पर देवानंदपुर, चांद ढाबा, हरदासपुर में आरटीओ कार्यालय के पास, कोतवाली शहर में राजघाट, गुरुबक्शगंज में ओनई ब्लैक स्पॉट हैं।
शहर में फिरोज गांधी चौराहा भी ब्लैक स्पॉट
शहर के बीच बना फिरोज गांधी चौराहा सबसे व्यवस्ततम चौराहा है और यह ब्लैक स्पॉट है। यहां पर ट्रैफिक लाइट तो लगी है लेकिन अभी तक इनका उपयोग नहीं हो रहा है। संकेतांक भी नहीं है। इस कारण पीक ऑवर में यह चौराहा बहुत संवेदनशील माना जाता है।
ब्लैक स्पॉट पर हुए हादसों के आंकड़ों पर नजर
वर्ष
2021- 126
2022-121
2023-124
क्या है ब्लैक स्पॉट
सड़क पर जिस जगह बार-बार हादसे होते हैं, उन्हें ब्लैक स्पॉट कहा जाता है। शासन स्तर पर किसी सड़क, हाईवे, एक्सप्रेस वे पर एक ही जगह तीन साल में पांच सड़क हादसे हो जाएं। साथ ही सड़क के उस हिस्से में तीन साल में दस मौत हो जाएं तो उसे ब्लैक स्पॉट घोषित कर दिया जाता है। हादसे के आसपास का 500 मीटर का एरिया ब्लैक स्पॉट माना जाता है।
वर्जन:::
ब्लैक स्पॉट को खत्म करने के साथ वहां पर संकेतांक और हादसों को रोकने के लिए प्रशासनिक स्तर पर सड़क सुरक्षा की बैठक में निर्देश दिए गए हैं। कुछ काम भी हुआ है। कोशिश है कि ब्लैक स्पॉट पर जरूरी सड़क सुरक्षा व्यवस्था कराई जाए। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के कारण कुछ काम रुके पड़े थे। जिनको चालू कराने के निर्देश दिए गए हैं।
-प्रफुल्ल त्रिपाठी, एडीएम प्रशासन