अब सोनिया और मुलायम के गढ़ पर भाजपा की नजर
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लोकसभा चुनाव में हारी हुई सात सीटों पर मजबूती के लिए भाजपा खास ध्यान देगी।
इन सातों सीटों पर कार्यकर्ताओं से संवाद स्थापित करने और क्षेत्र की समस्याओं के समाधान की जिम्मेदारी एक-एक सांसद को सौंपी गई है।
सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली में यह काम केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र करेंगे तो मुलायम सिंह यादव के गढ़ मैनपुरी में मोहनलालगंज के सांसद कौशल किशोर।
लोकसभा चुनाव में भाजपा को 71 और उसके सहयोगी अपना दल को दो सीटों पर कामयाबी मिली है, जबकि सात सीटों पर भाजपा प्रत्याशी चुनाव हार गए।
राहुल की अमेठी भी छीनने की कोशिश
हारी हुई सीटों में पांच पर सपा और दो पर कांग्रेस विजयी रही। मैनपुरी लोकसभा सीट पर भविष्य में उपचुनाव होना है।
सातों सीटों के कार्यकर्ता यह महसूस न करें कि कोई जनप्रतिनिधि उनकी सुनवाई करने वाला नहीं है, इसलिए सांसदों को इन क्षेत्रों का दायित्व सौंपा गया है।
राहुल के संसदीय क्षेत्र अमेठी में फूलपुर के सांसद केशव प्रसाद मौर्य और रायबरेली में केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र, डिंपल यादव के संसदीय क्षेत्र में इटावा के सांसद अशोक दोहरे जिम्मेदारी संभालेंगे।
बदायूं में बरेली के सांसद संतोष गंगवार, फीरोजाबाद में आगरा के सांसद रमाशंकर कठेरिया और आजमगढ़ में गोरखपुर के सांसद योगी आदित्यनाथ को जिम्मेदारी दी गई।
लोगों से संवाद करेंगे सांसद
ये सभी सांसद स्थानीय कार्यकर्ताओं और आम लोगों से संपर्क और संवाद कायम करेंगे। उनकी समस्याओं की जानकारी कर उनका समाधान निकालने की कोशश करेंगे।
ये केंद्र और संगठन के बीच सेतु का काम भी करेंगे। वे अपने संसदीय क्षेत्र के साथ ही अतिरिक्त जिम्मेदारी के रूप में नए क्षेत्रों में भी समय देंगे।
मकसद साफ है, भाजपा 2017 को ध्यान में रखकर रणनीति बनाने में जुटी है। कोशिश है कि हारी हुई सीटों के कार्यकर्ता खुद को उपेक्षित महसूस न करें।