UP: भाजपा और गंगा के लिए बनेगा ठोस प्लान
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ रविवार को यहां गंगा के साथ-साथ भाजपा की हालत पर चिंतन करेगा। साथ ही बैठक में शामिल लोगों से बातचीत करके उन उपायों को तलाशने की कोशिश करेगा जिनसे गंगा को और भाजपा को मुसीबतों से निजात दिलाई जा सके।
बैठक में संघ के सहसरकार्यवाह डॉ. कृष्णगोपाल भी रहेंगे। वैसे तो यह बैठक संघ के ‘समग्र गंगा’ अभियान को जमीन पर उतारने की रणनीति तय करने के लिए बुलाई गई है। पर, हाल में ही उपचुनाव में भाजपा को लगे झटके पर चिंतन से यह बैठक अछूती नहीं रहने वाली है।
संघ के विभिन्न हल्कों में इस बात पर काफी बेचैनी है कि लोकसभा चुनाव में भारी समर्थन मिलने के बावजूद विधानसभा उपचुनाव में इतनी करारी शिकस्त की असली वजह क्या रही।
डॉ. कृष्णगोपाल संघ के सरकार्यवाह होने के साथ संघ की तरफ से भाजपा की उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड इकाई के प्रभारी भी हैं। इस नाते भी विधानसभा उपचुनाव के नतीजे बैठक का हिस्सा होना स्वाभाविक है।
इसलिए भी फीडबैक अहम
दरअसल, अगले महीने संघ के केंद्रीय कार्यकारी मंडल की लखनऊ में ही बैठक भी है। उस बैठक में डॉ. कृष्णगोपाल को इस मुद्दे पर अपना पक्ष रखना होगा। इसलिए भी वह चाहेंगे कि गंगा पर बैठक के दौरान वह उस बैठक के लिए भी जरूरी फीडबैक जुटा लें।
राजधानी में साउथ सिटी में आयोजित इस बैठक में गंगोत्री से गंगासागर तक प्रशासनिक दृष्टि से पांच और संघ की सांगठनिक दृष्टि से 12 प्रांतों के प्रचारकों व संघ से जुडे़ संगठनों के प्रमुखों को बुलाया गया है। साथ ही चार क्षेत्र प्रचारक भी इसमें हिस्सा लेंगे।
बैठक में गंगा की सफाई, उसकी धारा को निर्मल और अविरल बनाने के काम को जमीन पर उतारने के बारे में विचारों का आदान-प्रदान होगा।
साथ ही तय किया जाएगा कि समग्र गंगा के अभियान की सफलता को क्या-क्या करना जरूरी है। गंगा भविष्य में फिर प्रदूषण की समस्या से न जूझे, इसके लिए क्या-क्या करना जरूरी है।