यूपी में भाजपा की दूसरी लिस्ट में दलबदलुओं का बोलबाला
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यूपी विधानसभा चुनाव के लिए रविवार को जारी भाजपा की 155 प्रत्याशियों की दूसरी सूची भी दागियों व दलबदलुओं से सजी है। इसमें लखनऊ व बाराबंकी सहित तीसरे, चौथे व पांचवें चरण की ज्यादातर सीटों के उम्मीदवारों की घोषणा कर दी गई है।
दागी छवि वाले अशोक चंदेल व दबंग माने जाने वाले अजय प्रताप सिंह लल्ला भैया व बृजेश पाठक को भी पार्टी ने टिकट दिया है। वरिष्ठ भाजपा नेता व गृहमंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र पंकज सिंह को नोएडा से उम्मीदवार बनाया गया है। यहां से मौजूदा विधायक विमला बाथम का टिकट कट गया है। इस तरह भाजपा ने अब तक दो विधायकों के टिकट काटे हैं।
सांसद हुकुम सिंह की पुत्री मृगांका सिंह कैराना, बृजभूषण शरण सिंह के पुत्र प्रतीक भूषण गोंडा सदर, सर्वेश सिंह के पुत्र सुशांत सिंह बढ़ापुर और स्वामी प्रसाद मौर्य के पुत्र उत्कृष्ट मौर्य ऊंचाहार से टिकट पाने में कामयाब रहे हैं। इनके अलावा भी कई पूर्व विधायकों व सांसदों के पुत्रों को भाजपा ने उम्मीदवार बनाया है।
दूसरी सूची में भी राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह सहित अन्य कई नेताओं के नाते-रिश्तेदार टिकट पाने में सफल रहे हैं। पहली सूची की तरह दूसरी सूची में भी कोई मुसलमान प्रत्याशी नहीं है। पार्टी ने अब तक सूबे की 403 सीटों में से 303 के उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं।
सामाजिक समीकरणों को साधने की कोशिश
भाजपा ने अपनी रणनीति के अनुरूप दूसरी सूची में भी अगड़ी जातियों (राजपूत-ब्राह्मण-कायस्थ) के साथ पिछड़ों व अति पिछड़ों (कुर्मी-कुशवाहा, लोध, जाट) पर दांव लगाया है। सामाजिक समीकरणों को साधते हुए 31 ब्राह्मणों के साथ लगभग इतने ही उम्मीदवार ठाकुर बिरादरी के बनाए गए हैं। कायस्थ व वैश्य बिरादरी के लोगों को भी टिकट दिए गए हैं। सपा से आए वेद गुप्ता को अयोध्या से टिकट दिया गया है।
भाजपा ने अयोध्या में पहली बार किसी वैश्य को उम्मीदवार बनाया है। पहली सूची में हसनपुर से चंद्रपाल सिंह खड्गवंशी का टिकट बदलते हुए महेंद्र सिंह खड्गवंशी को मैदान में उतारने का फैसला किया है।
नोएडा, साहिबाबाद, कैराना व मेरठ कैंट जैसी पहले व दूसरे चरण की बची नौ सीटों के लिए भी उम्मीदवार तय कर दिए हैं। मेरठ कैंट से मौजूदा विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल टिकट पाने में कामयाब रहे हैं।
अमेठी से संजय सिंह की पहली पत्नी गरिमा सिंह को मैदान में उतारकर भाजपा ने इस सीट की लड़ाई को रोचक बना दिया है। उन्नाव की भगवंतनगर सीट से पार्टी ने अपने वरिष्ठ नेता व मुख्य प्रवक्ता पूर्व मंत्री हृदयनारायण दीक्षित को उम्मीदवार बनाया है। इसके अलावा भी कुछ पदाधिकारी टिकट पाने में कामयाब रहे हैं।
40 से अधिक दलबदलुओं को टिकट
दूसरी सूची में 40 से अधिक दलबदलू टिकट पाने में कामयाब रहे हैं। पूर्व मंत्री और बसपा से विधायक रहे नंदगोपाल नंदी, सपा से विधायक रहे शेरबहादुर सिंह के पुत्र राजेश, बिहारी लाल आर्य, कांग्रेस से विधायक संजय जायसवाल, कांग्रेस नेता व पूर्व मंत्री रामलाल राही के पुत्र सुरेश राही, सपा महिला सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष रंजना वाजपेयी के पुत्र हर्ष वाजपेयी, सपा से आए व नरेश अग्रवाल के करीबी राजकुमार अग्रवाल, सपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को प्रत्याशी बनाया गया है। तीन-चार दिन पहले भाजपा में आए अभिजीत डांगा भी बिठूर (कानपुर) से टिकट पाने में सफल रहे हैं।
...पर इनकी तमन्ना रही अधूरी
ललितपुर में बसपा छोड़कर भाजपा में आए विधायक रमेश कुशवाहा दलबदल के बावजूद टिकट नहीं पा सके हैं। उनकी जगह भाजपा ने अपने कार्यकर्ता रामरतन कुशवाहा को उम्मीदवार बनाया है।