गुरु मुलायम के सारे दांवपेंच जानता है ये 'शिष्य'
भाजपा के ओबीसी मोर्चा के पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए गए प्रो.एसपी सिंह बघेल कहते हैं कि उन्हें अपने गुरु मुलायम सिंह यादव के सारे दांवपेंच अच्छी तरह पता हैं। इसलिए उन्हें भरोसा है कि न सिर्फ यूपी विधानसभा चुनाव बल्कि उससे पहले बिहार विधानसभा चुनाव में भी वह पिछड़ी जातियों की भाजपा के पक्ष में गोलबंदी करने में काफी हद तक सफल रहेंगे।
उनका यह भी कहना है कि जिस जलेसर सीट से वे तीन बार सांसद रहे वहां भी उनकी अपनी जाति के वोटों की संख्या इतनी नहीं थी कि जिता सकती। निजी सोशल इंजीनियरिंग और सबको साथ रखकर ही वे चुनाव जीते।
वह अनुभव उन्हें भाजपा नेतृत्व की कसौटी पर खरा उतारने में मदद करेगा। उम्मीद है कि वे पिछड़ी जातियों में भाजपा को अच्छे नंबर दिलाने में कामयाब रहेंगे। शनिवार को ‘अमर उजाला’ से बातचीत में उन्होंने कहा कि बघेल, पाल और धनगर समुदाय से उन्हें दूसरा सांसद बनने का मौका मिला है।
अखिलेश और डिंपल के खिलाफ भी लड़ चुके हैं चुनाव
उनसे पहले इस समाज से सिर्फ बंशीधर ही सांसद रहे। परिसीमन में जलेसर सीट समाप्त होने के बाद उन्हें फीरोजाबाद आना पड़ा। बसपा के टिकट पर पहले वह अखिलेश यादव के सामने,फिर डिंपल यादव के सामने और इस बार भाजपा के टिकट पर अक्षय यादव के खिलाफ चुनाव लड़े।
हिस्से में पराजय जरूर आई लेकिन चुनाव कैसा लड़ा,इसे फीरोजाबाद के लोग ही बता देंगे। बघेल के अनुसार,कहने का अर्थ यह है कि भाजपा के ओबीसी मोर्चे का अध्यक्ष बनने के सामने आने वाली चुनौतियों और कठिनाइयों की पूरी तरह जानकारी है।
उन्हें पता है कि मुलायम सिंह यादव कैसे अपने लोगों को चुनाव लड़वाते हैं और किस तरह विपक्ष में लड़ रहे व्यक्ति से निपटते हैं। बकौल बघेल वह समाजवादी यूथ ब्रिगेड के भी अध्यक्ष रहे चुके हैं। इसलिए पिछड़ी जातियों के बीच संगठन के कामकाज करने के तौर-तरीकों की भी जानकारी है।