'गालीकांड' पर पीछे हटने को तैयार नहीं भाजपा, बनाई आगे की रणनीति
दयाशंकर के आपत्तिजनक बयान को बसपा अब भले ही ज्यादा तूल न दे लेकिन बसपा नेताओं के अपशब्दों पर भाजपा आक्रामक तेवरों से पीछे हटने को तैयार नहीं है।
भाजपा नेताओं की बैठक में 28 जुलाई को राजधानी में होने वाले महिला मोर्चा के प्रदर्शन की तैयारियों पर चर्चा हुई। तय हुआ कि प्रदर्शन में प्रदेश के हर जिले से महिलाओं का प्रतिनिधित्व रहेगा।
भाजपा ने मायावती के प्रति अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करने के बाद प्रदेश उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह को उसी दिन पार्टी से निष्कासित कर दिया था।
अगले दिन राजधानी में बसपा के प्रदर्शन में दयाशंकर के साथ ही उनकी बहन-बेटी के बारे में अपशब्द कहे गए थे। इसे लेकर भाजपा बहन-बेटियों के सम्मान के नाम पर आक्रामक हो गई है।
भाजपा ने सभी जिलों में प्रदर्शन कर बसपा महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी को पदों से हटाने और उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की है। हालांकि, बसपा अध्यक्ष मायावती ने रविवार को इस मुद्दे को ज्यादा तूल न देने का संकेत देते हुए रैलियों का एलान कर दिया है। लेकिन, भाजपा अभी नरम रुख अपनाने के मूड में नहीं है।
बसपा को बैकफुट पर लाना है मकसद
भाजपा महिलाओं के सम्मान के नाम पर 28 जुलाई को महिला मोर्चा के बैनर तले राजधानी में रैली करेगी। दरअसल, भाजपा की योजना बहन-बेटी के सम्मान के नाम पर नसीमुद्दीन की घेराबंदी कर बसपा को बैकफुट पर लाने की है।
भाजपा के प्रदेश महामंत्री विजय बहादुर पाठक ने बताया कि 28 जुलाई के प्रदर्शन की तैयारियां चल रही हैं। सोमवार को भी इस मुद्दे पर बैठक हुई है। प्रदर्शन में प्रदेश के हर जिले से महिलाएं शामिल होंगी।
उन्होंने प्रदेश सरकार से पूछा है कि दयाशंकर के खिलाफ दर्ज केस में उन पर शिकंजा कसा जा रहा है लेकिन नसीमुद्दीन और अन्य नेताओं के खिलाफ एफआईआर में नरम रुख क्यों अपनाया जा रहा है? सरकार उन पर कब शिकंजा कसेगी?
कहा कि भाजपा नारी की गरिमा और सम्मान की लड़ाई लड़ रही है। उन्होंने सपा-बसपा पर मिलीभगत का आरोप भी लगाया।