असम के बाद भाजपा का पूरा फोकस यूपी, सब कुछ फाइनल
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असम चुनाव से निपटते ही भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने यूपी पर पूरा फोकस कर दिया है। एक तरफ भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने पर काम चलेगा तो दूसरी तरफ संगठनात्मक ढांचे को भी चुस्त-दुरुस्त करने की तैयारी शुरू हो गई है।
सांसदों और अन्य जनप्रतिनिधियों को भी जन संवाद का एजेंडा सौंपते हुए लोगों से संपर्क व संवाद के काम पर लगाने का फैसला किया गया है। जिससे सांसदों व विधायकों से न मिल पाने की कार्यकर्ता और जनता की शिकायतों को दूर किया जा सके।
12-13 जून को इलाहाबाद में पार्टी की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक भी तय कर दी गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तो 26 मई को उत्तर प्रदेश (सहारनपुर) आ रहे हैं। साथ ही राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का भी 4 जून को कानपुर व लखनऊ और 7 जून को कासगंज का कार्यक्रम तय हो गया है। सांसदों से भी अपने संसदीय क्षेत्र में लगातार पांच दिन डेरा डालने को कहा गया है।
प्रदेश सरकार पर हमला बोलें, जनता को बताएं
भाजपा नेताओं ने शनिवार को यहां सभी पदाधिकारियों, जिला अध्यक्षों, जिला प्रभारियों, क्षेत्रीय अध्यक्षों और क्षेत्रीय मंत्रियों के साथ इन कार्यक्रमों और नेताओं के दौरे का पूरा रोडमैप खींचा।
कहा कि कुछ ही महीने बाद चुनावी बिगुल बज जाएगा। इसलिए संगठनात्मक ढांचे के गठन में अगर कहीं कोई कमी है तो उसे दो सप्ताह के भीतर ठीक कर लिया जाए। जहां संगठन नहीं बन पाया है तो उसे बना लिया जाए। यह खुशी की बात है कि राष्ट्रीय नेतृत्व ने पार्टी की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक भी उत्तर प्रदेश में तय कर दी है। इससे भी भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने में मदद मिलेगी।
प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सपा के शासनकाल में गुंडागर्दी बढ़ी है। कानून व्यवस्था के मोर्चे पर सरकार ने लोगों को पूरी तरह निराश किया है। युवाओं को छला जा रहा है। किसान परेशान है। बुंदेलखंड सहित अधिकांश हिस्से में राहत राशि बंटी नहीं, विकास ठप पड़ गया है। केंद्र सरकार की योजनाओं को रोका जा रहा है।
राष्ट्रीय सह महामंत्री संगठन शिव प्रकाश ने बैठक में मौजूद लोगों को समझाया कि प्रदेश विधानसभा का चुनाव निर्णायक चुनाव है। कार्यकर्ता उत्साह से लबरेज है। बस नेताओं को मेहनत करके कार्यकर्ताओं को मुद्दे समझाने हैं, जिन्हें वे जनता के बीच जाकर सपा और बसपा की पोल खोल सकें।
कार्यकर्ताओं की कीमत पर किसी को भाजपा में जगह नहीं
प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने बैठक में आए लोगों से कहा कि असम की सफलता से कार्यकर्ताओं में उत्साह का संचार हुआ है। बड़ी संख्या में लोग भाजपा में जुड़ना चाहते हैं। हम जोड़ना भी चाहते हैं।
संगठन की इकाई गठित करते समय इसका ध्यान रखें। पर, कार्यकर्ता का बलिदान करके नहीं। कहीं भी किसी को पार्टी के पुराने कार्यकर्ता के बलिदान की कीमत पर पार्टी में शामिल न किया जाए। पद या टिकट का आश्वासन तो कत्तई दिया ही न जाए।
कार्यकर्ताओं और जनता में उत्साह है, जोश है। हम कार्यकर्ताओं की मेहनत के बल पर चुनाव में 265 से ज्यादा सीटें जीतने में सक्षम हैं।