यूपी पंचायत चुनाव: अयोध्या-मथुरा-काशी में भाजपा को तगड़ा झटका, सपा से मिल रही कड़ी टक्कर
इन चुनाव को 2022 में होने वाले यूपी विधानसभा चुनाव के लिए सेमीफाइनल माना जा रहा है। जबकि यूपी के विधानसभा चुनाव 2017 व लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा के हाथों करारी हार मिलने के बाद सपा के लिए ये नतीजे उत्साह बढ़ाने वाले हैं।
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पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद भाजपा को यूपी में भी समाजवादी पार्टी से कड़ी टक्कर मिल रही है। वहीं, भाजपा के एजेंडे में खास स्थान रखने वाले अयोध्या-मथुरा-काशी में पार्टी को तगड़ा झटका लगा है।
अभी तक मिल रहे रुझानों व घोषित नतीजों के अनुसार, अयोध्या में जिला पंचायत सदस्य की 40 सीटों में से 24 पर सपा ने जीत दर्ज की है। इस नतीजे से सपाई गदगद नजर आ रहे हैं और अब जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर निगाहें जमाने लगे हैं। जीत से उत्साहित प्रत्याशी अभी तो कुछ बोलने से कतरा रहे हैं, लेकिन दबी जुबान अपनी दावेदारी से गुरेज भी नहीं कर रहे हैं।
वहीं, मथुरा में जिला पंचायत सदस्य की कुल 33 सीटें हैं। इनमें बसपा 12 सीटें लेकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है, जबकि भाजपा की 8 और रालोद की भी आठ सीटें आई हैं। एक पर सपा और तीन निर्दलीय प्रत्याशियोां ने जीत दर्ज की है। कांग्रेस अपना खाता नहीं खोल पाई है।
इसके अलावा, वाराणसी में 40 सीटों में से 14 के नतीजे आए हैं। नतीजों व रुझान के मुताबिक सपा 10, भाजपा 7, बसपा 4, अपना दल (एस) 3, भासपा 2, अपना दल (कृष्णा गुट) 1 व कांग्रेस 1 सीट पर आगे है।
दरअसल, इन चुनाव को 2022 में होने वाले यूपी विधानसभा चुनाव के लिए सेमीफाइनल माना जा रहा है। जबकि यूपी के विधानसभा चुनाव 2017 व लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा के हाथों करारी हार मिलने के बाद सपा के लिए ये नतीजे उत्साह बढ़ाने वाले हैं वहीं बसपा भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराती हुई नजर आ रही है।
अभी तक ये दिख रहा रुझान
वहीं, पूरे प्रदेश की बात करें तो सोमवार शाम तक 2357 जिला पंचायत सदस्यों की मतगणना में भाजपा 699 और सपा 689 सीटों पर बढ़त बनाए हुए थी। 670 सीटों पर निर्दलीय और 229 पर बसपा व 66 पर कांग्रेस प्रत्याशी आगे चल रहे थे।
मतगणना के दूसरे दिन देर रात तक राज्य निर्वाचन आयोग ने 181 जिला पंचायत सदस्य, 38,317 ग्राम प्रधान, 55,926 क्षेत्र पंचायत सदस्यों व 2,32,612 ग्राम पंचायत सदस्यों के नतीजे जारी कर दिए।