UP: भाजपा सांसद बोले- समाज को तोड़ने वाले सुन लें... महाकुंभ का यही संदेश एक रहेगा भारत देश
भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग समाज को बांटने का काम कर रहे हैं वो जान लें कि गंगा की अविरल धारा न बंटे समाज हमारा।
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भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि जो लोग आज समाज को तोड़ने की बात कर रहे हैं उन्हें देखना चाहिए कि महाकुंभ में जाने वाले लोगों से क्या पहचान पूछी जा रही है? महाकुंभ का यही संदेश एक रहेगा भारत देश। उन्होंने कहा कि गंगा की अविरल धारा न बंटे समाज हमारा।
सुधांशु त्रिवेदी प्रतिष्ठा द्वादशी के आयोजन में शामिल होने के लिए अयोध्या पहुंचे थे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि 500 साल के बाद यह मौका आया था जब प्रभु श्रीराम अपने मंदिर में विराजमान हुए। अब इस पावन अवसर की वर्षगांठ मनाई जा रही है जिस तरह से हमारा देश तरक्की कर रहा है उससे यही कहा जा सकता है कि प्रभु श्रीराम सिर्फ अपने आवास में नहीं आए हैं बल्कि देश के गरीबों के लिए 4 करोड़ आवास लेकर आए हैं। विश्व में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ रही है। देश को 74 नए एयरपोर्ट मिले हैं। 450 नए विश्वविद्यालय मिले हैं और 300 नए मेडिकल कॉलेज मिले हैं। अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के साथ ही अबूधाबी में भी मंदिर का निर्माण हुआ है। इसके साथ ही भारत और मध्य पूर्व कॉरिडोर भी बनाया जा रहा है।
#WATCH | Ayodhya, Uttar Pradesh | BJP MP Dr Sudhanshu Trivedi says, "It is the anniversary of the Pran Pratishtha ceremony of Shri Ram Mandir. The event came after 500 years. The pace with which India is moving toward new heights shows that Lord Ram not only brought his home but… pic.twitter.com/9vm9rQA0Zu
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) January 12, 2025
#WATCH | Ayodhya, Uttar Pradesh | On Union HM Amit Shah's statement, BJP MP Dr Sudhanshu Trivedi says, "There were many parties which were against the construction of Shri Ram Temple, however today due to the compulsion of circumstances, they have had to accept it. Union HM Amit… pic.twitter.com/t75suKbmUT
— ANI (@ANI) January 12, 2025
इस मौके पर उन्होंने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा और कहा कि कई राजनीतिक दल थे जो कि चाहते थे कि राम मंदिर न बने पर उन्हें भी आज ये सच स्वीकार करना पड़ रहा है। जनता सब जानती है कि कौन वास्तविकता में साधु संत है और कौन साधु का वेश धरकर घूम रहा है।