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GST: भाजपा नेता बोले - आर्थिक सुधारों को समझने के लिए शिशु बुद्धि नहीं पीएम मोदी जैसी कुशाग्र बुद्धि चाहिए
Wed, 24 Sep 2025 05:52 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 24 Sep 2025 05:52 PM IST
सार
राज्यसभा सांसद और भाजपा के प्रवक्ता डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि मोदीराज में चरण दर चरण आर्थिक सुधार किए गए। इन्हें समझने के लिए कुशाग्र बुद्धि की जरूरत है।
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राज्यसभा सांसद और भाजपा के प्रवक्ता डॉ. सुधांशु त्रिवेदी।
- फोटो : ANI
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विस्तार
राज्यसभा सांसद और भाजपा के प्रवक्ता डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि जीएसटी की दरों में बदलाव ने आम आदमी के लिए रोटी, कपड़ा और मकान के टैक्स में कटौती की है। खाद्य पदार्थों में टैक्स शून्य से पांच प्रतिशत है। कपड़ों पर भी जीएसटी को कम कर दिया गया है। सीमेंट पर जो टैक्स 31 फीसदी था वो 18 प्रतिशत कर दिया है।
जनसामान्य को रोटी, कपड़ा और मकान में राहत नवरात्र के पहले दिन से मिल रही है। कारों पर जीएसटी कम करने का फायदा है कि एक दिन में रिकॉर्ड संख्या में कारों की बिक्री हो रही है। आम जनता के हाथ में अब खर्च करने की ताकत बढ़ी है।
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नवरात्र से दिवाली और छठ तक साढ़े तीन से चार लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था जनता के जरिए देश में बढ़ेगी। ये किसी खास कारण से इस वक्त लिया फैसला नहीं है। चरण दर चरण आर्थिक सुधार हुआ है। पहले लोगों के खाते खुले। जन धन खातों में डायरेक्ट ट्रांसफर से पैसा आया और फिर डिजिटल ट्रांसेक्शन से पैसे का लेन देन संभव हो पाया है। इनकम टैक्स की लिमिट बढ़ाई गई और फिर जीएसटी की दरों में बदलाव किया गया।
इस बदलाव को समझने के लिए शिशु बुद्धि से काम नहीं चलेगा। मोदी जी जैसी कुशाग्र बुद्धि चाहिए। प्रधानमंत्री ने इसके साथ स्वदेशी का आह्वान किया है। महात्मा गांधी ने सबसे पहले स्वदेशी आंदोलन चलाया था और अब मोदी जी के नेतृत्व में ये अभियान चलेगा।
वो आतंकवादियों के भी मुकदमे वापस ले सकते हैं...
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान कि अगर सपा सत्ता में आई तो आजम खां पर लगे मुकदमे वापस ले लिए जाएंगे पर सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि जो लोग आतंकवादियों के मुकदमे वापस ले सकते हैं वो किसी के भी मुकदमे वापस ले सकते हैं। वहीं, एफआईआर में जातियों का नाम हटाने के सवाल उठाने पर उन्होंने कहा कि ये वही हैं जो लोकसभा में जाति पूछने पर बोले थे कि जाति कैसे पूछ ली।
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जनसामान्य को रोटी, कपड़ा और मकान में राहत नवरात्र के पहले दिन से मिल रही है। कारों पर जीएसटी कम करने का फायदा है कि एक दिन में रिकॉर्ड संख्या में कारों की बिक्री हो रही है। आम जनता के हाथ में अब खर्च करने की ताकत बढ़ी है।
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नवरात्र से दिवाली और छठ तक साढ़े तीन से चार लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था जनता के जरिए देश में बढ़ेगी। ये किसी खास कारण से इस वक्त लिया फैसला नहीं है। चरण दर चरण आर्थिक सुधार हुआ है। पहले लोगों के खाते खुले। जन धन खातों में डायरेक्ट ट्रांसफर से पैसा आया और फिर डिजिटल ट्रांसेक्शन से पैसे का लेन देन संभव हो पाया है। इनकम टैक्स की लिमिट बढ़ाई गई और फिर जीएसटी की दरों में बदलाव किया गया।
इस बदलाव को समझने के लिए शिशु बुद्धि से काम नहीं चलेगा। मोदी जी जैसी कुशाग्र बुद्धि चाहिए। प्रधानमंत्री ने इसके साथ स्वदेशी का आह्वान किया है। महात्मा गांधी ने सबसे पहले स्वदेशी आंदोलन चलाया था और अब मोदी जी के नेतृत्व में ये अभियान चलेगा।
वो आतंकवादियों के भी मुकदमे वापस ले सकते हैं...
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान कि अगर सपा सत्ता में आई तो आजम खां पर लगे मुकदमे वापस ले लिए जाएंगे पर सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि जो लोग आतंकवादियों के मुकदमे वापस ले सकते हैं वो किसी के भी मुकदमे वापस ले सकते हैं। वहीं, एफआईआर में जातियों का नाम हटाने के सवाल उठाने पर उन्होंने कहा कि ये वही हैं जो लोकसभा में जाति पूछने पर बोले थे कि जाति कैसे पूछ ली।