{"_id":"2190f0a067c354ea41a1846653c0d533","slug":"bjp-leader-demand-ticket-in-hometown","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाजपा में हर किसी को चाहिए यूपी में टिकट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाजपा में हर किसी को चाहिए यूपी में टिकट
अखिलेश वाजपेयी/लखनऊ
Updated Fri, 22 Nov 2013 10:50 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नरेन्द्र मोदी के नाम की हवा भाजपा का परचम कितना ऊंचा उठा पाएगी, यह तो समय बताएगा।
विज्ञापन
पर, दिल्ली व मुंबई रहने वाले तमाम लोग भाजपा में यूपी से टिकट के दावेदार हो गए हैं।
वर्षों से गांव घर की तरफ न देखने वालों को अचानक अपने वतन और प्रदेश की याद सताने लगी है।
बहती गंगा में हर छोटा-बड़ा हाथ धुलकर सांसद बन लेना चाहता है।
इनमें वह भी हैं जो भाजपा की राष्ट्रीय स्तर की टीम में किसी न किसी रूप में जुड़े हैं तो वह भी जिनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि का अभी तक पता नहीं है।
पढ़ें-मोदी-मुलायम, दोनों की रैली पर दंगों के 'दाग'
अभी तक इन्होंने दिल्ली व मुंबई में रहकर पैसा कमाया और अब भाजपा व मोदी के सहारे ‘माननीय’ कहलाना चाहते हैं।
भाजपा के कुछ नेता भी इन प्रवासियों के पराक्रम की तमाम गाथाएं लेकर टिकट दिलाने की पैरोकारी में जुट गए हैं।
संगठन के बजाय सांसदी की बेताबी
संगठन के लोगों की बात करें तो सिद्धार्थनाथ सिंह दिल्ली में सक्रिय रहते हैं। पर, यह फूलपुर से टिकट चाह रहे हैं। पिछली बार यह सीतापुर से चुनाव लड़ना चाहते थे।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक, सिद्धार्थनाथ सिंह के पूर्वज सीतापुर के रहने वाले थे। फिर यह लोग इलाहाबाद व फूलपुर इलाके में शिफ्ट हो गए।
श्रीकांत शर्मा पार्टी के दूसरी बार राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी हैं। पर, अब इनका मन भी संगठन के बजाय सांसद बनने को मचलने लगा है।
पढ़ें-देश की सरकार को मार गया लकवा: मोदी
विज्ञापन
यह मथुरा से चुनाव लड़ना चाहते हैं। हालांकि मथुरा से पार्टी के एक और नेता जो विनिवेश प्रकोष्ठ से जुड़े हैं। वह भी टिकट चाह रहे हैं। यह नेता फतेहपुर सीकरी से भी दावेदार हैं।
क्रिकेटर चैतन चौहान को फिर यूपी की याद आ रही है। चौहान पिछली बार वह दिल्ली से लड़े थे।
इस बार वह भी अमरोहा, मुरादाबाद, गौतमबुद्धनगर में किसी सीट पर चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं।
पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सतपाल मलिक भी पूरी तरह दिल्ली में ही सक्रिय हैं। पर, टिकट वह भी यूपी के मुजफ्फरनगर से चाहते हैं।
होर्डिंगों के जरिये सामने आई होड़
बहराइच में मोदी की रैली के दिन प्रतीक भूषण और संजय भल्ला के नाम की होर्डिंगें सिर्फ भाजपाइयों की नहीं बल्कि इस इलाके के लोगों का ध्यान भी आकर्षित कर रही थी।
प्रतीक भूषण के बारे में तो लोगों को पता था कि यह सपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के पुत्र हैं।
पर, संजय भल्ला के बारे में तमाम भाजपाइयों को ही नहीं पता है कि यह कौन शख्स हैं। हालांकि कुछ लोगों का कहना है कि संजय बहुत पहले भाजपा के राष्ट्रीय आई.टी. सेल में थे।
भल्ला की इच्छा लखीमपुरखीरी से चुनाव लड़ने की है। भल्ला इस समय पूरी तरह दिल्ली वाले हो गए हैं। प्रतापगढ़ में तीन लोगों के नामों की होर्डिंगों की होड़ मची हैं।
किसी पर दिनेश तिवारी भाजपा के कमल और मोदी के साथ हाथ जोड़े दिखाई देते हैं तो किसी पर संगमलाल गुप्त तो कई पर विद्याधर मिश्र भगवा होर्डिंगों पर प्रतापगढ़ के लोगों की सेवा के वादे के साथ विराजमान हैं।
यह सभी लोग मुंबई के बड़े कारोबारी बताए जाते हैं। यह भाजपा में हैं या नहीं है, यह भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी को भी याद नहीं आ रहा है।
पर, सूत्रों के मुताबिक, यह सब पार्टी के कुछ बड़े नेताओं के संपर्क में हैं। उन्हीं की सलाह पर वर्षों बाद अपने सूबे की सेवा का ख्याल इनके दिमाग में आया है।
इन सीटों का भी दिलचस्प नजारा
गोंडा में शेरबहादुर मिश्र की होर्डिंग लोगों में इनके भाजपा से टिकट के दावेदार होने का संकेत दे रही हैं। अमरोहा में तरुण राठी के फोटो साहित होर्डिंगें लगी हुई हैं।
मुंबई में रहने वाले राठी फिल्म निर्माण क्षेत्र से भी जुड़े बताए जाते हैं। भाजपा में इनकी आधिकारिक इंट्री कब हुई, किसी को नहीं पता।
पर, यह अमरोहा से भाजपा का टिकट चाहने वाले दावेदारों में शामिल बताए जाते हैं। मुजफ्फरनगर में भाजपा के जो नेता दावेदार हैं वह तो हैं ही। एक नया नाम होर्डिंगों के जरिये बाबूलाल बलियान का सामने आया है।
बताया जाता है कि सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता पद से सेवानिवृत्त होने के बाद यह पूरी तरह नोएडा में शिफ्ट हैं। पर, चाहते हैं कि नौकरी के बाद मोदी के सहारे ‘सांसदी’ का भी मजा ले लिया जाए।
लखनऊ की अन्य खबरों के लिए देखें यहां