2019 चुनाव के लिए विकास को इस तरह सरकार का चेहरा बना रही है भाजपा, कर रही है ये काम
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केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग, जहाजरानी व गंगा सफाई मंत्री नितिन गडकरी ने पूर्वांचल में लगभग 6517 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली सड़कों का शिलान्यास किया। केंद्रीय गृहमंत्री और राजधानी के सांसद राजनाथ सिंह ने लखनऊ में बन रही नई आउटर रिंग रोड का निरीक्षण किया। पिछले वर्ष राजनाथ ने ही इसका शिलान्यास किया था।
गडकरी ने यह एलान भी किया कि केन-बेतवा लिंक मार्ग सहित अन्य कई परियोजनाओं का काम भी जल्द शुरू होगा। दो महीने में प्रधानमंत्री मोदी इनका शिलान्यास करेंगे। इसके अलावा प्रदेश सरकार द्वारा मार्च में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का काम शुरू कराने की घोषणा, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय के संसदीय क्षेत्र में पं. दीनदयाल उपाध्याय बहुउद्देश्यीय प्रेक्षागृह का शिलान्यास तथा प्रदेश में कई स्थानों के लिए उड़ानें शुरू करने का फैसला बताता है कि भगवा टोली लोकसभा चुनाव के मद्देनजर विकास का एजेंडा सेट करने में जुटी है।
सभी को स्मरण होगा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा और विधानसभा के चुनाव के दौरान पूर्वांचल की बदहाली को बड़ा मुद्दा बनाया था। उन्होंने पूर्वांचल की अनदेखी के लिए सपा, बसपा और कांग्रेस को कठघरे में खड़ा करते हुए सवाल उठाया था कि देश व प्रदेश को राजनीतिक नेतृत्व देने में अग्रणी पूर्वांचल की बदहाली क्यों...।
शायद यह मोदी की पूर्वांचल के स्वाभिमान को धार देने की रणनीति का ही कमाल था कि इस इलाके में पहले जहां भाजपा की सीटें कुछ निश्चित क्षेत्र में ही सिमटकर रह जाती थीं, वहां उसके पक्ष में एक तरह से लहर जैसी चली।
सफल रही भगवा टोली की रणनीति
केंद्र में भाजपा सरकार बनने के बाद गोरखपुर में एम्स का शिलान्यास, चांद छाप यूरिया के बंद पड़े कारखाने के पुनरुद्धार का काम, राम-जानकी मार्ग से लेकर राम वनगमन मार्ग सहित पूर्वांचल की कई सड़कों के निर्माण जैसे कई काम शुरू कराए गए, जिससे लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा की तरफ से किए गए वादों पर खरा उतरने के इरादों पर लोगों को भरोसा हो सके। भगवा टोली की रणनीति सफल रही।
काशी सहित पूर्वांचल के कई स्थानों पर केंद्र की तरफ से शुरू की गई परियोजनाओं का उसे लाभ मिला। विधानसभा चुनाव में भी पूर्वांचल ने भाजपा के रणनीतिकारों को निराश नहीं किया। इसीलिए अब प्रदेश में भी भाजपा सरकार बन जाने के बाद भगवा टोली हिंदुत्व के साथ विकास के एजेंडे से लोकसभा के चुनाव में एक बार फिर विपक्ष को पटकनी देने की तैयारी में जुट गई है।
यह है बानगी, ...लगातार हिंदुत्व के एजेंडे को दी धार
भाजपा नेता हिंदुत्व और राम को विकास का पर्याय बताते रहे हैं। शायद यही वजह रही कि स्लॉटर हाउस पर पाबंदी व गांव में पशुओं की कटान पर प्रतिबंध के साथ थानों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाने का एलान और नवरात्र में शक्तिपीठों पर साफ-सफाई के साथ रोशनी के प्रबंध का निर्णय, सरकार के स्तर पर रोजा इफ्तारी जैसे कार्यक्रमों से दूरी तो अयोध्या में दिवाली व चित्रकूट की यात्रा व मंदाकिनी की आरती से हिंदुत्व के एजेंडे को धार दी गई तो दूसरी तरफ सड़क व पुलों का शिलान्यास कर भगवा टोली के हिंदुत्व व विकास के योग से अगली सत्ता का रास्ता आसान बनाने की कोशिश शुरू हुई।
भाजपा के प्रदेश महामंत्री विजय बहादुर पाठक कहते भी हैं कि हिंदुत्व किसी पूजा-पद्धति का नाम नहीं अपितु सभी के सुखी होने की कामना करने की संस्कृति का प्रतीक है। इसलिए प्रधानमंत्री मोदी ने सत्ता संभालते ही ‘सबका साथ और सबका विकास’ के संकल्प से काम करने की घोषणा की थी।
उसी दिशा में सरकार आगे बढ़ रही है। बात चाहे सड़कों की हो या केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की, उनसे सभी को लाभ मिलेगा। चाहे वह किसी भी वर्ग या जाति के हों।
यह भी है प्रमाण
भले ही पाठक के तर्क राजनीतिक हों, लेकिन प्रदेश में ‘एक जिला एक उत्पाद’ योजना की शुरुआत, लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे के निर्माण की घोषणा, जल परिवहन योजना का फैसला, अटल की सरकार में नदियों को जोड़ने की परियोजनाओं पर काम, 24 घंटे बिजली आपूर्ति के लिए केंद्र से समझौता, गरीबों को मुफ्त बिजली और रसोई गैस कनेक्शन के निर्णय यह बताने के लिए पर्याप्त हैं कि भगवा टोली ने विकास के एजेंडे के जरिये 2019 में भाजपा का परचम फहराने की तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इनमें कई काम शुरू हो चुके हैं और कुछ को शुरू करने की तैयारी है।
यह बात ठीक है कि इस दौरान प्राथमिक स्कूलों के छात्रों को स्वेटर वितरण में देरी जैसे कुछ फैसले अलग-अलग कारणों से प्रदेश सरकार की किरकिरी कराने का कारण भी बने।
पर, पिछले दिनों समन्वय बैठक के दौरान संघ और सरकार के शीर्ष लोगों के बीच जिस तरह मंत्रियों को लगातार जनता के बीच रहने और उनकी समस्याओं के समाधान के साथ विकास के कामों में तेजी लाने का निर्देश दिया गया, उससे भी भाजपा के विकास एजेंडे से विपक्ष के पटकनी देने की तैयारी का संदेश निकलता दिखता है।