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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   BJP attacks on SP with the help of Bhadarsa case and Hindutva.

उपचुनाव में जीत : मिल्कीपुर में भदरसा कांड और हिंदुत्व के सहारे हमलावर रही भाजपा, ऐसे मिली जीत

Sat, 08 Feb 2025 09:25 PM IST
ishwar ashish अभिषेक राज, अमर उजाला, लखनऊ
अभिषेक राज, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sat, 08 Feb 2025 09:25 PM IST
सार

मिल्कीपुर उपचुनाव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भदरसा दुष्कर्म कांड के बहाने सपा पर हमलावर रहे। वहीं, मोईद खान से सपा सांसद के रिश्ते पर भी सीएम प्रहार करते रहे।

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BJP attacks on SP with the help of Bhadarsa case and Hindutva.
- फोटो : amar ujala

विस्तार

मिल्कीपुर विधानसभा उपचुनाव में भदरसा और भगवा के साथ भाजपा छा गई। पूरे समय भाजपा भदरसा दुष्कर्म कांड के बहाने सपा पर हमलावर रही। आरोपी सपा नेता मोईद खान और सांसद के संबंधों पर सीएम योगी मंच से भी प्रहार करते रहे। एससी बेटी से अत्याचार पर सांसद की चुप्पी पर सवाल पूछते रहे। सांसद अवधेश प्रसाद ने भले ही चुप्पी साधे रखी, लेकिन मतदाताओं ने जोरदार जवाब दिया। चुनाव की घोषणा से लेकर ही भाजपा मिल्कीपुर में भदरसा व हिंदुत्व के प्रतीक भगवा को साधे रखी। पार्टी एजेंडे से न हटी और न ही भटकी।

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संगठन को भी करीने से साधा
चंद्रभानु को भाजपा से टिकट मिलने के बाद पार्टी में बगावत की आशंका जताई गई। पूर्व विधायक गोरखनाथ ने तेवर भी दिखाए, लेकिन सीएम योगी ने सभी को साधकर साथ बनाए रखा। वहीं, सपा इसमें असफल दिखी। पार्टी में परिवारवाद का आरोप लगाकर खींचतान होती रही। सपा से जुड़े संतोष कुमार ने आजाद समाज पार्टी के टिकट पर ताल ठोंकी और दमदारी से लड़े भी। इसके साथ ही सपा के कोर वोटर यादव भी पार्टी से किनारे करते दिखे।
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24 के साथ 98 का हिसाब भी चुकता किया
लोकसभा चुनाव में अयोध्या (फैजाबाद) से हार के साथ ही भाजपा ने सपा से 1998 का हिसाब भी चुकता किया। यहां पहली बार 1998 और दूसरी बार 2004 में उपचुनाव हुए। 1998 में कल्याण सिंह के नेतृत्व में भाजपा की सरकार थी। मित्रसेन यादव के इस्तीफा देने के बाद उपचुनाव में सपा ने राम चंद्र यादव और भाजपा ने डॉ. बृजभूषण मणि त्रिपाठी को उतारा। रामचंद्र यादव विधायक चुने गए। प्रदेश में सरकार होते हुए भाजपा मिल्कीपुर सीट हार गई। वर्ष 2004 में दूसरी बार उपचुनाव हुआ। इस बार भी सपा ने जीत दर्ज की। अब तीसरी बार 2025 में मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भाजपा ने जीत का रिकॉर्ड बनाया और सपा से 1998 का हिसाब भी चुकता कर लिया।
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यहां सिर्फ हिंदू जीता
सपा का पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक (पीडीए) का नारा बनाम भाजपा का हिंदुत्व उपचुनाव में भारी पड़ा। सांसद अवधेश प्रसाद ने बसवार बुज़ुर्ग गांव में एक बैठक में कहा था  'भाजपा दगे हुए कारतूस की तरह है। आप सभी मेरे परिवार हैं। भाजपा से सावधान रहें। वे आपके अधिकारों को छीनने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं।' इसके इतर भाजपा ने जातियों की जगह हिंदुत्व की बात की। हिंदू एकता की बात की। मतदान के समय इसका असर भी दिखा। भाजपा नेता धर्मेंद्र सिंह कहते हैं कि हमने सकारात्मक रूप से चुनाव लड़ा और जीत भी दर्ज की।

नकारात्मक को नकार आगे बढ़ा मिल्कीपुर

चुनाव प्रचार के दौरान सपा नेता और कार्यकर्ता प्रशासन में पिछड़े वर्गों, दलितों और अल्पसंख्यकों के साथ कथित भेदभाव को उजागर करते रहे। वहीं, भाजपा संगठित हिंदुओं के मुद्दे को धार देती रही। विधानसभा क्षेत्र के विकास की बात करती रही। ऐसे में नकारात्मक विचारों को नकार मिल्कीपुर ने भाजपा के साथ नई राह चुनी।

किलेबंदी का कमाल
मिल्कीपुर में भाजपा के साथ संघ ने भी मोर्चा संभाला। मजबूत किलेबंदी के साथ हर बूथ पर संघ पदाधिकारी डटे रहे। इनका काम मतदान के दिन दिखा। घर-घर पहुंच भाजपा के कोर वोटरों को मतदान केंद्र पर भेजने में जुटे रहे। इसके साथ ही भाजपा संगठन के पदाधिकारी भी लगे रहे। क्षेत्रीय अध्यक्ष के साथ पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्षों की पूरी फौज डटी रही। बूथ कमेटी वन टेन, पन्ना प्रमुख, शक्ति केंद्र, मंडल के साथ ही जिला कमेटियों को भी लगाया गया। मोबाइल, सोशल मीडिया व बाइकर्स टीम भी मतदान के दिन जुटी रही।

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