'पूर्वांचल को सपा और भाजपा से खतरा'
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बसपा सुप्रीमो मायावती ने आज चुनाव आयोग से सिफारिश की कि पूर्वांचल में ध्रुवीकरण कर लाभ कमाने के लिए भाजपा सपा सांप्रदायिक वारदातें करवा सकती हैं।
मायावती ने यह भी कहा कि भाजपा और सपा चुनाव को हिंदू मुस्लिम रंग देने का प्रयास कर रही हैं। इसलिए धार्मिक स्थलों की सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्र सरकार को सौंप दी जानी चाहिए।
वहीं आज जब सूबे के तीन प्रमुख धार्मिक स्थलों अयोध्या, काशी और मथुरा की सुरक्षा की त्रैमासिक समीक्षा के दौरान सुरक्षा में कई खामियां सामने आने से अफसरों के होश उड़े हुए हैं।
प्रमुख सचिव गृह और डीजीपी ने मौके पर मिली कमियों पर मातहतों को आड़े हाथ लेते हुए सुरक्षा प्रबंधों को तत्काल चौकस करने को कहा है।
सीसीटीवी कैमरे बेकार
अयोध्या और काशी दोनों ही धार्मिक स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों की दशा से अधिकारी असंतुष्ट दिखे। वाराणसी में तो कई कैमरे काम ही नहीं कर रहे थे।
अधिकारियों ने धार्मिक स्थलों पर लगे पुरानी तकनीक के सीसीटीवी को हटाकर एलईडी लगाने के लिए प्रस्ताव तैयार करने को कहा।
धार्मिक स्थलों की समीक्षा के लिए प्रमुख सचिव गृह अनिल कुमार गुप्ता, प्रमुख सचिव धर्मार्थ कार्य नवनीत सहगल, डीजीपी एएल बनर्जी, संयुक्त सचिव आईबी एस राजन के साथ एडीजी व गृह सचिव आदि ने शुक्रवार को मौके पर जाकर निरीक्षण किया।
वाराणसी पहुंचे अधिकारियों ने जब काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर की सुरक्षा के इंतजाम का जायजा लिया तो वहां कई कमियां दिखीं।
कैमरे से जुड़े टीवी खराब
एडीजी कानून-व्यवस्था मुकुल गोयल ने बताया कि काशी विश्वनाथ परिसर में लगे कैमरों से जुड़े लगभग पांच टीवी खराब पाए गए।
इसके अलावा विभिन्न द्वारों व धार्मिक स्थल को पहुंचने वाले मार्गों पर मौजूद सुरक्षा इंतजाम भी अपेक्षाकृत कुछ हल्के पाए गए।
इतना ही नहीं विश्वनाथ मंदिर परिसर में सुरक्षा उपकरण जोड़ने के लिए जो तार बिछाए गए थे वह भी उलझे और खुले स्थानों पर पाए गए।
इस पर अधिकारियों ने नाराजगी जताई और इन तारों को भूमिगत करने व केबलों को पाइप आदि में डाल कर रखे जाने के निर्देश दिए।
लगाए जाएं गार्ड्स
प्रमुख सचिव गृह ने बताया कि उन्होंने काशी विश्वनाथ गर्भगृह के आसपास स्थानीय प्रशिक्षित वर्दीधारी गार्ड्स के माध्यम से आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था किये जाने पर विचार करने का भी सुझाव व्यवस्थापकों को दिया।
साथ ही अधिकारियों ने वाराणसी व अयोध्या दोनों स्थानों पर अभिसूचना संकलन कार्य में लगे पुलिस कर्मियों को विशेष रुप से सक्रिय रहकर कार्य करने के भी निर्देश दिए।
आतंकी हमले की आशंका
अमूमन यह समीक्षा लखनऊ में शासन स्तर पर की जाती है लेकिन इस बार प्रमुख सचिव गृह अनिल कुमार गुप्ता, प्रमुख सचिव धर्मार्थ कार्य नवनीत सहगल और डीजीपी एएल बनर्जी व अन्य अधिकारियों ने मौके पर जाकर सुरक्षा प्रबंधों की जांच की।
इसके पीछे एक कारण यह भी था कि पिछले दिनों राज्य व केंद्र की खुफिया एजेंसियों द्वारा विभिन्न आतंकी संगठनों की सक्रियता का हवाला देते हुए प्रदेश के तीनों धार्मिक स्थलों पर खतरा बताया गया था।
इसके साथ ही लोकसभा चुनावों के मद्देनजर काशी विश्वनाथ और अयोध्या में खास सतर्कता के निर्देश भी दिए गए थे। इतना ही सुरक्षा एजेंसियों के हाथ में लगे कुछ आतंकियों ने भी पूछताछ में यह स्वीकार किया था कि वाराणसी, फैजाबाद और मथुरा उनके निशाने पर है।
यह भी कि वाराणसी में भाजपा नेता नरेंद्र मोदी को भी आतंकी अपने टार्गेट पर रख रहे हैं।