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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Birth anniversary of former PM late Atal Bihari vajpayee.

गोनार्द से अटल का अटल नाता: अभी भी पूर्व प्रधानमंत्री को याद कर भावुक हो जाते हैं यहां के लोग, साझा की यादें

Wed, 25 Dec 2024 11:38 AM IST
ishwar ashish नंदलाल तिवारी, अमर उजाला, गोंडा
नंदलाल तिवारी, अमर उजाला, गोंडा Published by: ishwar ashish Updated Wed, 25 Dec 2024 11:38 AM IST
सार

पूर्व प्रधानमंत्री अटल जी का लोगों से आत्मीय रिश्ता रहा है। वह आज भी गोंडा में लोगों के जेहन में रहते हैं। गोंडा के लोगों ने उनसे जुड़ी यादें साझा की।

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Birth anniversary of former PM late Atal Bihari vajpayee.
गोंडा में अटल बिहारी वाजपेयी। - फोटो : amar ujala

विस्तार

आज का दिन खास है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती मनाई जा रही है। इन सबके बीच गोनार्द की धरती से पूर्व प्रधानमंत्री का अटल नाता रहा है। पहली बार वह अविभाजित गोंडा के बलरामपुर संसदीय सीट से ही चुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे। अटल बिहारी वाजपेयी से जुड़ी यादें यहां के लोगों की जुबां पर है। 

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भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को ग्वालियर में हुआ था लेकिन राजनीतिक पारी का आगाज गोनार्द की भूमि से करने के कारण आज भी यहां के लोगों की जुबां पर उनसे जुड़े कई किस्से हैं। जनसंघ के टिकट पर अविभाजित गोंडा की बलरामपुर संसदीय सीट से अटल ने 1957 में पहला चुनाव जीता था।  वर्ष 1962 का चुनाव वह हार गए थे, लेकिन वर्ष 1967 में वह एक बार फिर इसी सीट से सांसद चुने गए थे। अब बलरामपुर गोंडा से अलग होकर नया जिला हो गया है। वर्तमान में परिसीमन के बाद बलरामपुर सीट को श्रावस्ती के नाम से जाना जाता है।
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भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष केके श्रीवास्तव का कहना है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी में आत्मीयता व स्नेह कूट-कूट कर भरा था। कार्यकर्ताओं के लिए उनके हृदय में असीम प्रेम था। बताया कि बलरामपुर के आयकर बिक्री कर के मित्र वकील की केंद्रीय विद्यालय में कार्यरत पत्नी का स्थानांतरण सुदूर दक्षिण में हो गया था।अटल जी उस समय नेता प्रतिपक्ष थे, मेरे मित्र कोई आसरा न देखकर दिल्ली अटल जी के पास पहुंच गए।
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अटल जी के निजी सचिव शिवकुमार जी ने जब उनसे बताया कि बलरामपुर से गौरी शंकर जायसवाल के पुत्र आए हैं तो उन्होंने तुरंत उन्हें बुला लिया और उनके पूरे परिवार का हाल-चाल पूछा। उसके बाद उन्होंने तत्कालीन सचिन मानव संसाधन मंत्रालय से वार्ता की और दूसरे दिन ही उनका स्थानांतरण हो गया। बताया कि जब वह पूर्व सांसद स्वर्गीय सत्यदेव सिंह के यहां उनकी पत्रकार वार्ता का संचालन रहे थे पत्रकारों का परिचय कराने के बाद बहुत सहज भाव से अटल जी ने सत्यदेव सिंह से कहा कि यह जो महोदय परिचय कर रहे हैं आप इनका भी परिचय कराइए।

निराश न हो फिर लड़ूंगा... मुंह लटकाकर मत बैठो

Birth anniversary of former PM late Atal Bihari vajpayee.
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी। - फोटो : amar ujala

पूर्व विधायक तुलसीदास राय चंदानी कहते हैं कि बात वर्ष 1962 के चुनाव की है। संसदीय सीट बलरामपुर से चुनाव हारने के बाद गोंडा शहर के पीपल तिराहे के पास अटल बिहारी वाजपेयी के आवास के सामने लोगों की भीड़ एकत्र थी। बहुत से कार्यकर्ता निराश थे। हर कोई मुंह लटका कर बैठा था। तभी अटल जी कमरे से बाहर निकले। कहा कि क्यों निराश हो, मुंह मत लटकाओ। फिर लड़ेंगे और जीतेंगे। इस तरह से अटल जी ने कार्यकर्ताओं में जोश भरा।इसके बाद वह वर्ष 1967 में वह वहीं से चुनाव जीते भी। पूर्व विधायक कहते हैं कि अटल जी की यादें ही उनकी पूंजी है। बताया कि 1962 व 1967 के चुनाव में बलरामपुर में गैसड़ी, हरैया व पचपेड़वा में कैंप करके उन्होंने अटल जी के चुनाव की कमान संभाली थी। उस वक्त गांव-गांव भ्रमण किया। आज भी वह पल याद है, यही जीवन की सबसे बड़ी धरोहर है।

अटल को पसंद था बाटी-चोखा

Birth anniversary of former PM late Atal Bihari vajpayee.
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी। - फोटो : amar ujala

पूर्व सांसद स्वर्गीय सत्यदेव सिंह की बेटी व लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय प्रबंध समिति की उपाध्यक्ष वर्षा सिंह ने बताया कि जब भी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी गोंडा आते थे, उनके आवास पर जरूर आते थे। पिताजी से राजनीतिक मुद्दों पर उनकी लंबी बातचीत होती थी। वह कमरे में तख्त पर बैठते थे। स्थानीय लोगों से संवाद करते थे। बताया कि मम्मी स्वर्गीय सरोज रानी सिंह से वह मनपसंद खाने की फरमाइश करते थे। काला नमक चावल उन्हें बहुत पसंद था। बाटी चोखा भी अटल जी को पसंद था। वह बड़े गिलास में दूध पीते थे, उसे वह गिलास देवता कहते थे। बताया कि मिठाई के वह काफी शौकीन थे। कई बार बलरामपुर से मुंशियाइन का पेठा पापा ने उनके लिए मंगवाया। बताया कि अटल जी की यादें आज भी जेहन में है।

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