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Lucknow News: हत्या आरोपी के पिता ने दर्ज कराया चोरी का केस, जांच में फर्जी निकला, एफआर लगाने के लिए दरोगा मांग रहा घूस

Mon, 08 May 2023 12:55 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 08 May 2023 12:55 AM IST
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Bike theft case found fake, Daroga asking bribe for fr
सूरज शुक्ला लखनऊ। सीडीआरआई की टेक्निकल असिस्टेंट वर्षा सिंह हत्याकांड से जुड़े एक केस को लेकर बड़ा खेल उजागर हुआ है। वर्षा के ससुर ने उसके भाई को फंसाने के लिए उस पर बाइक चोरी का एक फर्जी केस दर्ज कराया। पुलिस ने जांच की तो आरोप फर्जी पाया गया। अब विवेचक केस में फाइनल रिपोर्ट लगाने के लिए रिश्वत मांग कर रहा है। जब रकम देने से मना कर दिया तो उसने मामला लटका दिया है।
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मऊ निवासी वर्षा सिंह जानकीपुरम स्थित सीडीआरआई में टेक्निकल असिस्टेंट के पद पर कार्यरत थीं। वह सीडीआरआई के परिसर में स्थित सरकारी आवास में अपने पति विश्वेश्वर सिंह के साथ रहती थीं। 11 अप्रैल 2022 को घर के बाहर कार में वर्षा का शव बरामद हुआ था।
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पुलिस ने खुलासा किया था कि विश्वेश्वर सिंह ने वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने विश्वेश्वर को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वह अभी भी जेल में बंद है। वर्षा का सरकारी आवास अभी भी उनके परिजनों को ही अलॉट है। अब खाली करने का नोटिस जारी हुआ है।
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इस बीच 10 जनवरी 2023 को विश्वेश्वर सिंह के पिता राजेश कुमार सिंह ने कोर्ट के आदेश पर जानकीपुरम थाने में वर्षा के भाई विकास कुमार व एक अज्ञात पर बाइक चोरी का केस दर्ज कराया। ये बाइक विश्वेश्वर के पास रहती थी जो राजेश के नाम पर थी। केस की विवेचना इंदिरानगर थाने ट्रांसफर हुई। दरोगा अशोक कुमार यादव विवेचक हैं।

उगाही की कोशिश में दरोगा, फर्जी केस के पुख्ता साक्ष्य
एफआईआर में दावा किया गया कि बाइक (यूपी 25 एई 1325) चोरी की गई। पुलिस की जांच में स्पष्ट हुआ कि बाइक सीडीआरआई परिसर में ही है। इस बारे में सीडीआरआई के अनुभाग अधिकारी ने 14 मार्च 2023 को लिखित में जारी कर एक पत्र विकास को भेजा। इसमें लिखा कि ये बाइक सीडीआरआई परिसर में ही थी। वर्तमान में भी वहीं पर मौजूद है। इससे स्पष्ट हो गया कि फर्जी केस दर्ज कराया गया था। विकास के मुताबिक दो मई को विवेचक ने उनको बुलाया था। इस दौरान पहले 40 और फिर 25 हजार रुपये की मांग की। उसके बाद ही केस बंद करने का आश्वासन दिया। वह बिना पैसे दिए चले गए।

इसलिए किया पूरा खेल
विकास के मुताबिक, राजेश पुलिस में तैनात हैं। वह कई बार केस वापस लेने का दबाव बना चुके थे। इस दौरान एक बार राजेश ने कहा कि तारीख पर आना तो बाइक लेते आना। इसलिए एक बार बाइक लेकर कोर्ट पहुंचा था। राजेश ने बाइक नहीं ली थी, लिहाजा विकास ने वापस सीडीआरआई कैंपस में बाइक खड़ी कर दी थी। राजेश ने इसलिए ये किया था, जिससे वह चोरी का आरोप साबित कर सकें लेकिन जांच हुई तो मामला साफ हो गया। दबाव बनाने के लिए ये पूरा खेल रचा गया।




सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी
डीसीपी नॉर्थ एसएम कासिम आब्दी ने बताया कि वर्षा सिंह की मौत के मामले की जानकारी है। चोरी वाले केस के बारे में अभी जानकारी नहीं है। प्रकरण की जानकारी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। अगर किसी ने कोई पैसे आदि की मांग की होगी तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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