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यूपी को मिलेगा अब तक का सबसे बड़ा अनुपूरक बजट

Sun, 09 Aug 2015 01:27 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 09 Aug 2015 01:27 AM IST
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Biggest supplementary budget for UP.

वित्त वर्ष 2015-16 के अनुपूरक बजट के प्रस्तावों के परीक्षण के बाद उच्च स्तर पर विचार-विमर्श का दौर शुरू हो गया है। शनिवार को प्रमुख सचिव वित्त राहुल भटनागर ने मुख्य सचिव आलोक रंजन के साथ सरकार की प्राथमिकताओं पर चर्चा की।

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रविवार को मुख्यमंत्री के साथ चर्चा होने की संभावना है। 11 अगस्त को अनुपूरक बजट प्रस्तावों को कैबिनेट से मंजूरी लेने की तैयारी है। इस बजट में अधूरी योजनाओं को पूरा करने पर जोर रहने की संभावना है।
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प्रदेश सरकार ने विधानमंडल के आगामी सत्र में 17 अगस्त को अनुपूरक बजट पेश करने की योजना बनाई है। इसके लिए विभागों से आए प्रस्तावों के परीक्षण का काम पूरा हो गया है। विभागों ने अनुपूरक के लिए 500 से ज्यादा प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजे थे।
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शनिवार को प्रमुख सचिव वित्त भटनागर ने मुख्य सचिव से मुलाकात कर विभागों की मांग और प्रस्तावित नई योजनाओं की जानकारी दी। मुख्य सचिव से अनुपूरक बजट में सरकार की प्राथमिकताओं पर चर्चा की।

पिछले अनुपूरक बजट से करीब डेढ़ गुना

Biggest supplementary budget for UP.

अब बजट प्रस्तावों व बजट आकार पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ चर्चा कर अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके बाद चयनित प्रस्तावों पर बजट आवंटन की कार्यवाही शुरू की जाएगी।

11 अगस्त को प्रस्तावित कैबिनेट की बैठक में अनुपूरक बजट प्रस्तावों का अनुमोदन लेने की योजना है। वित्त विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वित्त वर्ष 2015-16 का पहला अनुपूरक बजट अब तक का सबसे बड़ा अनुपूरक बजट होगा। यह पिछले अनुपूरक बजट से करीब डेढ़ गुना ज्यादा हो सकता है।

पिछले साल का अनुपूरक बजट 14856.14 करोड़ का था। इस बार इसके 22 हजार करोड़ रुपये का आकार पार कर जाने की संभावना है। इसकी मुख्य वजह ये है कि चौदहवें वित्त से मिलने वाले रकम में हिस्सेदारी बढ़ी है और केंद्रीय योजनाओं के रीस्ट्रक्चर किए जाने से कई योजनाएं खत्म हुई हैं तो कई योजनाओं का फंडिंग पैटर्न बदला है।

इसी वजह से सरकार ने केंद्र की खत्म हो रही लेकिन प्रदेश के लिए उपयोगी रही योजनाओं के विकल्प में नए नाम से नई योजनाएं लाने का फैसला किया है।

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