फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Big loot in lucknow.

दिनदहाड़े लूट लिए पौने पांच लाख रुपये, हड़कंप

Sat, 13 Feb 2016 01:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 13 Feb 2016 01:11 AM IST
विज्ञापन
Big loot in lucknow.

रिंकल सिक्योरिटी गार्ड कंपनी के संचालक खदरा निवासी हरेराम सिंह को रुपयों की फिक्र ही नहीं थी। उसने बताया कि बैंक से चेक कैश कराने के बाद एक पॉलिथिन में रकम लपेटकर बाइक से लटके बैग में रख दी। कुछ और रुपयों की जरूरत थी। इसलिए वह फिर एटीएम बूथ पर गया।

विज्ञापन


यहां कार्ड लगाने पर रुपये नहीं निकले तो वह पूछताछ करने आईसीआईसीआई बैंक के काउंटर पर चला गया। इस दौरान रुपये बाइक के बैग में ही रखे रहे। हरेराम ने यह भी बताया कि उसने बहन को फोन कर पांच लाख रुपये निकालने और स्टाफ का पेमेंट करने की जानकारी दी थी।
विज्ञापन


एएसपी ट्रांसगोमती का कहना है कि हरेराम ने लापरवाही से रुपये रखे और उसके बारे में फोन पर बातचीत की। आसपास के लोगों ने उसकी इस लापरवाही को देखा। हो सकता है कि उसके बैंक के भीतर जाने पर बैग में रखे रुपये किसी ने निकाल लिए हों?
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी संभव है कि हरेराम को फोन पर रुपये निकालने की जानकारी पाकर बैंक से लुटेरे पीछे लग गए हों? उन्होंने बताया कि जिस जगह हरेराम ने बाइक खड़ी की थी, वहां सीसीटीवी कैमरे की पहुंच नहीं है। आसपास अन्य जगहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज निकलवाई जा रही है।

लूट की सूचना पर मचा हड़कंप

Big loot in lucknow.

हरेराम ने पुलिस कंट्रोल रूम को फोन कर वारदात की सूचना दी तो हड़कंप मच गया। डीआईजी रेंज डीके चौधरी और एएसपी ट्रांसगोमती जयप्रकाश ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही बैंक जाकर सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। हरेराम की तरफ से हसनगंज थाना में अज्ञात बाइक सवार बदमाशों के खिलाफ लूट की एफआईआर दर्ज कराई है।

बैंक में 17 मिनट तक रहा पीड़ित
आईसीआईसीआई बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरे में हरेराम चार लाख रुपये की चेक कैश कराकर 2.57 बजे रुपये लेकर बाहर जाते दिखा। इसके बाद 3.14 पर वह बैंक के एटीएम बूथ से रुपये निकालने की कोशिश करते दिखा। रुपये नहीं निकले तो बैंक के काउंटर आकर उसने और रुपये निकालने के बारे में पूछा। उसे बताया गया कि डेली लिमिट पूरी हो गई है।

हरेराम ने बताया कि सुबह विकासनगर के एक एटीएम बूथ से चार हजार रुपये और दोपहर में लेखराज मार्केट स्थित एक एटीएम बूथ से बीस हजार रुपये व चार हजार रुपये निकाले थे। ईसीआईसीआई बैंक में चेक से रुपये निकालने के बाद भी उसने पचास हजार रुपये निकाले थे।

इन 16 मिनट में क्या हुआ?

Big loot in lucknow.

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हरेराम को बैंक से बाइक लेकर करीब 200 मीटर दूर स्थित घटनास्थल तक पहुंचने में 16 मिनट लगे।

अगर कोई पैदल भी जाता तो शायद इससे कम वक्त में यह दूरी तय कर लेता। हरेराम को इतनी देर क्यों लगी?

बैंक से बाहर निकलकर वह सीधे पुल पर पहुंचा या बीच में कहीं और गया? इन 16 मिनट में क्या हुआ?

पुलिस यह पता लगाने के लिए उसके मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।

जेब में रखे 11000 रुपये बच गए
हरेराम के पास 11,000 रुपये पहले से थे। यह रुपये उसकी जेब में रखे थे। लुटेरे उसकी बाइक के बैग में रखे रुपये ले गए, लेकिन जेब की ओर ध्यान नहीं दिया।

शालीमार और मानस ग्रुप में तैनात स्टाफ को देनी थी सेलरी

Big loot in lucknow.

हरेराम की कंपनी में करीब 45 सिक्योरिटी गार्ड काम करते हैं। उसने बताया कि शुक्रवार को एलडीए प्लाजा स्थित शालीमार के ऑफिस में तैनात छह गार्ड व सुपरवाइजर की सेलरी का करीब डेढ़ लाख रुपया देना था जबकि गाजीपुर में ही मानस ग्रुप में तैनात स्टाफ को ढाई लाख रुपये बांटने थे।

उसने बताया कि गार्ड से सुपरवाइजर तक की सेलरी छह हजार से चौदह हजार के बीच है। कई महीने की सेलरी देनी थी।

इसलिए ज्यादा रकम ले जा रहा था। एक प्लॉट के बैनामे के लिए एक लाख रुपये देने थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed