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शराब की तय कीमत से ज्यादा लेने पर साढ़े सात गुना जुर्माना बढ़ा, तीसरी शिकायत पर लाइसेंस खत्म

Tue, 16 Jul 2019 09:33 AM IST
शाहरुख खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: शाहरुख खान Updated Tue, 16 Jul 2019 09:33 AM IST
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big decision on fixed liquor price in up cabinet meeting
फाइल फोटो
सरकारी लाइसेंस की दुकान से शराब में मिलावट मिलने पर अब सीधे लाइसेंस निरस्त होगा। इसके अलावा तय कीमत से अधिक दर पर शराब बेंचने की बात साबित होने पर पहले से साढ़े गुना अधिक जुर्माना अदा करना पड़ेगा। इस तरह के मामले में तीसरी शिकायत पर लाइसेंस रद कर दिया जाएगा। 
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प्रदेश कैबिनेट ने सोमवार को आबकारी नीति-2019-20 में कई महत्वपूर्ण बदलावों को मंजूरी दे दी। बाराबंकी में सरकारी शराब की दुकान से जहरीली शराब से हुई मौतों से सबक लेते हुए सरकार ने आबकारी नीति में बड़े बदलाव को मंजूरी दी है। 
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प्रमुख सचिव आबकारी संजय एस. भूसरेड्डी ने बताया कि मिलावटी शराब जैसी दु:खद घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए शराब के फुटकर व थोक लाइसेंसियों का सीधे लाइसेंस निरस्त किया जाएगा। 
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वर्तमान में पहली बार मिलावट मिलने पर 40 हजार व दूसरी बार पर 50 हजार का जुर्माना लगता था। तीसरी बार लाइसेंस निरस्त होता था। जुर्माने की रकम कम होने से मिलावट पर अंकुश नहीं लग पा रहा था। इसके अलावा मिलावट की घटनाओं में आईपीसी की धारा 272, 273 व 304 आईपीसी के  तहत कार्रवाई के साथ गैंगेस्टर व रासुका के तहत कार्रवाई की जाएगी। उसका धन जब्त किया जाएगा।

इसी तरह शराब की तय कीमत से अधिक लेने पर वर्तमान में पहली बार के अपराध पर 10 हजार, दूसरी बार 20 व तीसरी बार 30 हजार रुपये दंड की व्यवस्था है। अब पहली बार 75 हजार रुपये और दूसरी बार में 1.5 लाख जुर्माना लगेगा। 

तीसरी बार शिकायत पर लाइसेंस निरस्त हो जाएगा। प्रमुख सचिव ने बताया कि फुटकर व होलसेल दोनों ही तरह के दुकानों पर यह कार्रवाई होगी।

शराब दुकानदारों को भी कई तरह की सहूलियत
आबकारी नीति में प्रत्येक डिस्टलरी को आपूर्ति आदेश पाने के तीन दिन के भीतर शराब की आपूर्ति करना अनिवार्य है। ऐसा न कर पाने पर आपूर्ति से मिलने वाले राजस्व का 0.5 प्रतिशत की दर से प्रतिदिन जुर्माने की व्यवस्था है। इसके बाद 5000 रुपये प्रतिदिन दंड की व्यवस्था है।

शराब आपूर्ति करने वालों की शिकायत थी कि वे अपनी अधिकतम उत्पादन क्षमता के अनुरूप उत्पादन व निकासी के बावजूद अत्यधिक डिमांग की वजह से तीन दिन में मांग के हिसाब से आपूर्ति नहीं कर पाती हैं। कैबिनेट ने अधिकतम मासिक उत्पादन क्षमता के अनुरूप उत्पादन करते हुए निकासी करने वाली डिस्टलरियों को इस जुर्माने से मुक्त करने का फैसला किया है। जो डिस्टलरी अपनी क्षमता से कम आपूर्ति करेगी, उसे जितनी कम आपूर्ति की होगी, उसी के हिसाब से जुर्माना लगेगा।

अब 20, 30 लीटर के भी ड्राट बीयर भी रख सकेंगे रेस्टोरेंट

वर्तमान में रेस्टोरेंट आदि 50 लीटर के ड्राट बीयर कैग्स (पीपा) ही रख सकते हैं। छोटे रेस्टोरेंट इतनी अधिक मात्रा में बीयर नहीं रख पाते हैं। सरकार ने 50 लीटर के कैग्स के साथ 20 और 30 लीटर के ड्राट बीयर रखने की अनुमति दे दी है। इसी तरह वर्तमान में सिक्योरिटी मनी राष्ट्रीय बचत पत्र के माध्यम से ही जमा की जा सकती है। सरकार ने ईज ऑफ डुइंग बिजनेस की ओर कदम बढ़ाते हुए ई-पेमेंट व सावधि जमा रसीद (एफडीआर) से भी सिक्योरिटी राशि जमा करने की अनुमति दे दी है।

छोटे दुकानों पर भी मिलेगी विदेशी शराब के महंगे ब्रांड
वर्तमान में छोटे दुकानदार विदेशी ब्रांड की फुल काटेज न ले पाने की वजह से विदेशी महंगी शराब नहीं रख पाते हैं। सरकार ने 4000 रुपये या इससे अधिक कीमत वाली विदेशी शराब की बोतलों के मोनोकार्टन को ही एक सील्ड पेटी मानते हुए रखने की अनुमति दे दी है।
 
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