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Lucknow News: भाषा विवि शुरू करेगा इंटीग्रेटेड टीचर्स एजुकेशन प्रोग्राम
Fri, 20 Jun 2025 01:42 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Fri, 20 Jun 2025 01:42 AM IST
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भाषा विवि शुरू करेगा इंटीग्रेटेड टीचर्स एजुकेशन प्रोग्राम
लखनऊ। ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय अपने छात्रों के लिए इंटीग्रेटेड टीचर्स एजुकेशन प्रोग्राम (आईटीईपी) शुरू करने जा रहा है। विवि में बृहस्पतिवार को हुई कार्यपरिषद की बैठक में इसे सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई। कार्यपरिषद ने विवि में मास्टर्स इन एजुकेशन (एमएड) पाठ्यक्रम और एमए पॉलिटिकल साइंस शुरू किए जाने को भी अपनी स्वीकृति दी।
कुलसचिव महेश कुमार ने बताया कि आईटीईपी नेशनल काउंसिल फॉर टीचिंग एजुकेशन (एनसीटीई) के निर्देशन में तैयार किया गया चार वर्षीय शिक्षण कार्यक्रम है। इंटरमीडिएट के बाद छात्र इस पाठ्यक्रम में प्रवेश ले सकेंगे। इसके अंतर्गत विश्वविद्यालय बीए-बीएड, बीकॉम-बीए और बीएससी बीएड की पढ़ाई कराएगा। एनसीटीई से अनुमति मिलने के बाद विवि में इसमें प्रवेश के लिए अधिसूचना जारी करेगा। भाषा विवि शिक्षा शास्त्र विभाग में इस तरह का कोर्स शुरू करने वाला पहला संस्थान होगा। वर्तमान में आईटीईपी गिने चुने शिक्षण संस्थानों जैसे आईआईटी और एनआईटी में ही चलाया जा रहा है।
इंजीनियरिंग संकाय में बर्खास्त दो शिक्षकों की हुई बहाली
भाषा विवि में 10 मार्च 2024 को तत्कालीन कुलपति प्रो. एनबी सिंह की अध्यक्षता में हुई कार्यपरिषद में इंजीनियरिंग संकाय के दो शिक्षकों डॉ. ममता शुक्ला और डॉ. मानवेंद्र सिंह को बर्खास्त कर दिया गया था। 15 महीने बाद इन्हें कार्यपरिषद की बैठक में इनकी बर्खास्तगी के निर्णय को गलत मानते हुए रद कर दिया गया। अब फिर से विवि में शिक्षण कार्य कर सकेंगे। कार्यपरिषद अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) विशेषज्ञों की समिति की रिपोर्ट के आधार पर इन शिक्षकों को सेवा में वापस लिए जाने का निर्णय लिया है। पूर्व में इनपर नियुक्ति के तय अर्हता पूरी न करने का दोष सिद्ध हुआ था। बैठक में लेखाकार शबीह हैदर के खिलाफ चल रही जांच में उन्हें भी दोष मुक्त किया गया। इसके अलावा बिना कारण बताए अवकाश पर गए शिक्षक डॉ. मुर्तजा के संबंध में समिति गठित करने का फैसला किया गया।
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अन्य शिक्षकों के लिए खुली राह
भाषा विवि में 10 मार्च 2024 को कार्यपरिषद ने पूर्व कुलपति प्रो. माहरूख मिर्जा सहित नौ शिक्षकों की सेवा समाप्त की थी। अब दो शिक्षकों की बहाली से उन शिक्षकों में उम्मीद जगी है। सभी ने बर्खास्तगी कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट में गुहार लगाई है।
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कुलसचिव महेश कुमार ने बताया कि आईटीईपी नेशनल काउंसिल फॉर टीचिंग एजुकेशन (एनसीटीई) के निर्देशन में तैयार किया गया चार वर्षीय शिक्षण कार्यक्रम है। इंटरमीडिएट के बाद छात्र इस पाठ्यक्रम में प्रवेश ले सकेंगे। इसके अंतर्गत विश्वविद्यालय बीए-बीएड, बीकॉम-बीए और बीएससी बीएड की पढ़ाई कराएगा। एनसीटीई से अनुमति मिलने के बाद विवि में इसमें प्रवेश के लिए अधिसूचना जारी करेगा। भाषा विवि शिक्षा शास्त्र विभाग में इस तरह का कोर्स शुरू करने वाला पहला संस्थान होगा। वर्तमान में आईटीईपी गिने चुने शिक्षण संस्थानों जैसे आईआईटी और एनआईटी में ही चलाया जा रहा है।
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इंजीनियरिंग संकाय में बर्खास्त दो शिक्षकों की हुई बहाली
भाषा विवि में 10 मार्च 2024 को तत्कालीन कुलपति प्रो. एनबी सिंह की अध्यक्षता में हुई कार्यपरिषद में इंजीनियरिंग संकाय के दो शिक्षकों डॉ. ममता शुक्ला और डॉ. मानवेंद्र सिंह को बर्खास्त कर दिया गया था। 15 महीने बाद इन्हें कार्यपरिषद की बैठक में इनकी बर्खास्तगी के निर्णय को गलत मानते हुए रद कर दिया गया। अब फिर से विवि में शिक्षण कार्य कर सकेंगे। कार्यपरिषद अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) विशेषज्ञों की समिति की रिपोर्ट के आधार पर इन शिक्षकों को सेवा में वापस लिए जाने का निर्णय लिया है। पूर्व में इनपर नियुक्ति के तय अर्हता पूरी न करने का दोष सिद्ध हुआ था। बैठक में लेखाकार शबीह हैदर के खिलाफ चल रही जांच में उन्हें भी दोष मुक्त किया गया। इसके अलावा बिना कारण बताए अवकाश पर गए शिक्षक डॉ. मुर्तजा के संबंध में समिति गठित करने का फैसला किया गया।
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अन्य शिक्षकों के लिए खुली राह
भाषा विवि में 10 मार्च 2024 को कार्यपरिषद ने पूर्व कुलपति प्रो. माहरूख मिर्जा सहित नौ शिक्षकों की सेवा समाप्त की थी। अब दो शिक्षकों की बहाली से उन शिक्षकों में उम्मीद जगी है। सभी ने बर्खास्तगी कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट में गुहार लगाई है।