छात्रा को सीनियर ने छेड़ा हुई नोकझोंक तो पकड़ लिया हाथ, सहयोगियों ने पीटा, हंगामा
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छात्रा ने मामले की लिखित शिकायत प्रॉक्टर से की। वहीं, छात्र ने भी पत्रक देकर पीटने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। देर रात तक पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ प्रॉक्टर कार्यालय में मामले को लेकर वार्ता चलती रही। सूत्रों के अनुसार, बीटेक की छात्रा क्लास से लौट रही थी। कैंटीन के पास पहले से खड़े सीनियर छात्र ने उसे रोका और बातचीत करने की कोशिश की।
इसे लेकर नोकझोंक हुई तो छात्र ने छात्रा का हाथ पकड़ लिया। इस बीच पीछे से क्लास के अन्य लड़के आ गए और उन्होंने छेड़छाड़ कर रहे छात्र को रोका, लेकिन वह नहीं माना। विवाद बढ़ा तो छात्रों ने उसे जमकर पीट दिया। छात्रा की सूचना पर उसके परिवारीजन भी विश्वविद्यालय पहुंच गए।
प्रोफेसर इंचार्ज सिक्योरिटी की तैनाती
चर्चा यह भी रही कि सीनियर छात्र, छात्रा का इंट्रो लेने का प्रयास कर रहा था। उन्होंने प्रॉक्टर प्रो. रामचंद्रा से इस मामले की लिखित शिकायत की और कड़ी कार्रवाई की मांग की। वहीं, इसके बाद पिटने वाला छात्र प्रॉक्टर के पास पहुंचा और उसने भी पत्रक देकर पीटने वाले छात्रों पर कार्रवाई की मांग उठाई।
इसे लेकर प्रॉक्टर कार्यालय में देर रात तक हंगामा चलता रहा। प्रॉक्टर प्रो. रामचंद्रा ने कहा कि छात्रा की शिकायत पर कार्रवाई की जा रही है।चूंकि मामला जूनियर-सीनियर के बीच का है। इसलिए इसे रैगिंग कमेटी के पास भी भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि आरोपित छात्र को पीटने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस व प्रशासन को लिखा गया है।
विश्वविद्यालय में आए दिन हो रही अराजकता, मारपीट, छेड़छाड़ की घटनाओं पर अंकुश न लगता देख विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रोफेसर इंचार्ज सिक्योरिटी का नया पद सृजित किया है। सोमवार को रजिस्ट्रार प्रो. एस विक्टर बाबू की ओर से जारी आदेश में केमेस्ट्री के वरिष्ठ शिक्षक प्रो. गजानन पांडेय को प्रोफेसर इंचार्ज सिक्योरिटी की जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बेहतर करने की जिम्मेदारी होगी। अभी तक सिक्योरिटी इंचार्ज की जिम्मेदारी सिक्योरिटी के लोगों के ही पास थी।
छात्रावास में छह छात्र चिह्नित
विश्वविद्यालय प्रशासन ने एकेडमिक काउंसिल के निर्णय के अनुसार सोमवार को एक 11 सदस्यीय अनुशासन समिति का भी गठन किया है। सीनियर डीन प्रो. रिपु सूदन को इसका अध्यक्ष बनाया गया है। जबकि प्रॉक्टर, डीएसडब्ल्यू, इंचार्ज एससी-एसटी सेल, चेयरमैन महिला सेल, संबंधित विभाग के विभागाध्यक्ष, पीएचडी छात्र के सुपरवाइजर, वार्डेन, प्रोफेसर इंचार्ज सिक्योरिटी इसके सदस्य होंगे। सिक्योरिटी ऑफिसर इसके सचिव होंगे। यह समिति भी परिसर में अनुशासन बनाने व विभिन्न शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करेगी।
छात्रावास में छह छात्र चिह्नित
विश्वविद्यालय के छात्रावास में पिछले दिनों हुई घटनाओं को देखते हुए वार्डन व अन्य सदस्यों की टीम ने रविवार देर रात भी छात्रावासों का औचक निरीक्षण किया। हालांकि टीम के पहुंचने से पहले ही छात्रावास में रह रहे बाहरी लड़के भाग गए। अशोका छात्रावास के वार्डन डॉ. रंजीत चौधरी ने कहा कि छह ऐसी बाहरी छात्रों को चिह्नित किया गया है। जिन्हें हॉस्टल एलाट नहीं है, लेकिन उनकी गतिविधियां देखी गई हैं। जल्द ही उन्हें पकड़ा जाएगा और सख्त कार्रवाई की जाएगी।