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रकम के बंटवारे को लेकर हुई थी लविश की हत्या, मुठभेड़ में गिरफ्तार आरोपी ने खोले राज
Fri, 12 Jun 2020 04:00 PM IST
अमर उजाला लोकल ब्यूरो
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
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Published by: अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Fri, 12 Jun 2020 04:00 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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मोहनलालगंज में हुए लविश हत्याकांड में मुजफ्फरनगर में पुलिस मुठभेड़ में दबोचे गए आरोपी अनिल धनपत ने कई राज उगले हैं। मोहनलालगंज पुलिस के मुजफ्फरनगर जिले में एक बड़ी वारदात के बाद मिलने वाली रकम के बटवारे को लेकर लविश की हत्या की गई। हालांकि पुलिस यह नहीं बता पा रही है कि इस वारदात की सुपारी भी ली गई थी या सिर्फ योजना बन रही थी।
गत 17 मई को आरोपी मोहनलालगंज के खुजौली में लविश की हत्या कर सिर व धड़ को अलग-अलग जगह दफनाकर फरार हो गए थे। इसके बाद पुलिस ने शव की शिनाख्त बागपत निवासी लविश के रूप में की। इस हत्याकांड में मुजफ्फरनगर के रहने वाले लविश के साथी सौरभ व अनिल का नाम सामने आया था।
इसके बाद पुलिस ने दोनों की तलाश करते हुए कई दिन मुजफ्फरनगर व बागपत की खाक छानी, लेकिन इसी दौरान लविश हत्याकांड के वादी प्रशांत की हत्या कर दी गई और हत्यारोपी सौरभ को भी मौत के घाट उतार दिया गया। इस घटना के कुछ दिन बाद ही मुजफ्फरनगर पुलिस ने मुठभेड़ में हत्यारोपी अनिल को भी गिरफ्तार कर लिया।
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गिरफ्तारी के बाद पूछताछ के लिए मोहनलालगंज पुलिस मुजफ्फरनगर पहुंची थी। एसीपी संजीव सिन्हा के मुताबिक ये सब शातिर अपराधी थे। पूछताछ में अनिल ने बताया कि तीनों दोस्त मुजफ्फरनगर में एक बड़ी वारदात का प्लान बना रहे थे, जिसमें जिसमें मिलने वाले पैसे के बंटवारे को लेकर तीनों में गोमती नगर स्थित अपार्टमेंट में झगड़ा हुआ था।
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गत 17 मई को आरोपी मोहनलालगंज के खुजौली में लविश की हत्या कर सिर व धड़ को अलग-अलग जगह दफनाकर फरार हो गए थे। इसके बाद पुलिस ने शव की शिनाख्त बागपत निवासी लविश के रूप में की। इस हत्याकांड में मुजफ्फरनगर के रहने वाले लविश के साथी सौरभ व अनिल का नाम सामने आया था।
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इसके बाद पुलिस ने दोनों की तलाश करते हुए कई दिन मुजफ्फरनगर व बागपत की खाक छानी, लेकिन इसी दौरान लविश हत्याकांड के वादी प्रशांत की हत्या कर दी गई और हत्यारोपी सौरभ को भी मौत के घाट उतार दिया गया। इस घटना के कुछ दिन बाद ही मुजफ्फरनगर पुलिस ने मुठभेड़ में हत्यारोपी अनिल को भी गिरफ्तार कर लिया।
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गिरफ्तारी के बाद पूछताछ के लिए मोहनलालगंज पुलिस मुजफ्फरनगर पहुंची थी। एसीपी संजीव सिन्हा के मुताबिक ये सब शातिर अपराधी थे। पूछताछ में अनिल ने बताया कि तीनों दोस्त मुजफ्फरनगर में एक बड़ी वारदात का प्लान बना रहे थे, जिसमें जिसमें मिलने वाले पैसे के बंटवारे को लेकर तीनों में गोमती नगर स्थित अपार्टमेंट में झगड़ा हुआ था।
मुजफ्फरनगर में ली थी बड़ी वारदात की सुपारी
इस दौरान शोर सुनकर पड़ोस के लोगों के हस्तक्षेप किया तो झगड़ा शांत हो गया था। इसके बाद तीनों खुजौली स्थित एक चर्चित फार्म हाउस पर चले आए। वहां अनिल ने चाकू से लविश की गर्दन अलग कर दी थी। इसके बाद शव व धड़ को दफना कर फरार हो गए थे।
पुलिस के मुताबिक मुठभेड़ में हत्थे चढ़े शातिर बदमाश अनिल धनपत ने मुजफ्फरनगर में बड़ी वारदात की सुपारी ली थी, जिसमें मोटी रकम हाथ लगने वाली थी। इसी रुपये के बंटवारे को लेकर लविश की हत्या की गई। इसके बाद हुए गैंगवार में दो की मौत हो गई और अनिल पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के मुताबिक मुठभेड़ में हत्थे चढ़े शातिर बदमाश अनिल धनपत ने मुजफ्फरनगर में बड़ी वारदात की सुपारी ली थी, जिसमें मोटी रकम हाथ लगने वाली थी। इसी रुपये के बंटवारे को लेकर लविश की हत्या की गई। इसके बाद हुए गैंगवार में दो की मौत हो गई और अनिल पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया गया।