{"_id":"6a39a1715b4329320107410e","slug":"bbau-develops-ai-based-dengue-forecasting-model-lucknow-news-c-13-1-lko1028-1795947-2026-06-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: बीबीएयू ने विकसित किया एआई आधारित डेंगू पूर्वानुमान मॉडल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: बीबीएयू ने विकसित किया एआई आधारित डेंगू पूर्वानुमान मॉडल
विज्ञापन
बीबीएयू
लखनऊ। बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) के शोधकर्ताओं ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग (एमएल) पर आधारित राज्यवार डेंगू पूर्वानुमान मॉडल विकसित किया है। यह मॉडल भारत की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रतिक्रिया को नई दिशा देगा। यह अध्ययन स्प्रिंगर नेचर की अंतरराष्ट्रीय पत्रिका डिस्कवर पब्लिक हेल्थ में प्रकाशित हुआ है।
बीबीएयू के जैव प्रौद्योगिकी विभाग के युसुफ अख्तर और सांख्यिकी विभाग के सुभाष कुमार यादव ने यह मॉडल तैयार किया है। शोध दल ने 2017 से 2024 तक के भारतीय राज्यों के डेंगू मामलों और मृत्यु दर के आंकड़ों का विश्लेषण किया। यह अध्ययन भारत के विशाल और विविध महामारी विज्ञान परिदृश्य के लिए राज्य-विशिष्ट दृष्टिकोण पर जोर देता है। शोध दल का मानना है कि भारत जैसे देश में संक्रामक रोग पूर्वानुमान के लिए एक ही मॉडल पर्याप्त नहीं है। यह देश के लिए एक अधिक स्मार्ट डेंगू निगरानी पारिस्थितिकी तंत्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। विवि के कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने शोध टीम को बधाई दी है।
शोध में सामने आया है कि डेंगू का बोझ भारत के राज्यों में असमान रूप से पड़ता है। उत्तर प्रदेश में 2023 में 35,000 से अधिक मामले और 36 मौतें दर्ज की गईं, जिसमें लखनऊ सर्वाधिक प्रभावित रहा। लखनऊ 957 मामलों के साथ डेंगू के सर्वाधिक प्रभावित जिले के रूप में आया। इसके बाद मुरादाबाद में 944 मामले और गौतम बुद्धनगर में 819 मामले रहे। केरल में उच्च मृत्यु दर चिंता का विषय है, जबकि तमिलनाडु ने 2024 में मामलों में वृद्धि के बावजूद मृत्यु दर को नियंत्रित रखा। यह शोध नीति नियोजन, स्वास्थ्य सेवा संसाधन आवंटन और वेक्टर नियंत्रण अभियानों को सीधे सूचित कर सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बीबीएयू के जैव प्रौद्योगिकी विभाग के युसुफ अख्तर और सांख्यिकी विभाग के सुभाष कुमार यादव ने यह मॉडल तैयार किया है। शोध दल ने 2017 से 2024 तक के भारतीय राज्यों के डेंगू मामलों और मृत्यु दर के आंकड़ों का विश्लेषण किया। यह अध्ययन भारत के विशाल और विविध महामारी विज्ञान परिदृश्य के लिए राज्य-विशिष्ट दृष्टिकोण पर जोर देता है। शोध दल का मानना है कि भारत जैसे देश में संक्रामक रोग पूर्वानुमान के लिए एक ही मॉडल पर्याप्त नहीं है। यह देश के लिए एक अधिक स्मार्ट डेंगू निगरानी पारिस्थितिकी तंत्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। विवि के कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने शोध टीम को बधाई दी है।
विज्ञापन
शोध में सामने आया है कि डेंगू का बोझ भारत के राज्यों में असमान रूप से पड़ता है। उत्तर प्रदेश में 2023 में 35,000 से अधिक मामले और 36 मौतें दर्ज की गईं, जिसमें लखनऊ सर्वाधिक प्रभावित रहा। लखनऊ 957 मामलों के साथ डेंगू के सर्वाधिक प्रभावित जिले के रूप में आया। इसके बाद मुरादाबाद में 944 मामले और गौतम बुद्धनगर में 819 मामले रहे। केरल में उच्च मृत्यु दर चिंता का विषय है, जबकि तमिलनाडु ने 2024 में मामलों में वृद्धि के बावजूद मृत्यु दर को नियंत्रित रखा। यह शोध नीति नियोजन, स्वास्थ्य सेवा संसाधन आवंटन और वेक्टर नियंत्रण अभियानों को सीधे सूचित कर सकता है।
विज्ञापन