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Lucknow News: बैंक कर्मी हड़ताल पर... बैंकों का गिरा शटर, खाताधारक मायूस
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प्रदर्शन करते बैंककर्मी।
लखनऊ। पांच दिवसीय बैंकिंग, भेदभाव रहित पीएलआई (परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव) योजना लागू करने और अन्य मांगों को लेकर बैंककर्मियों ने शुक्रवार को देशव्यापी हड़ताल की और विरोध प्रदर्शन किया। इस कारण लखनऊ की 905 बैंक शाखाओं में ताला लटका रहा। जमा-निकासी और अन्य कार्यों के लिए बैंक पहुंचे खाताधारकों को निराश लौटना पड़ा।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के जिला संयोजक अनिल श्रीवास्तव ने बताया कि बैंककर्मी काफी समय से देशव्यापी प्रदर्शन, काला बैज धारण, एक्स व पोस्टर अभियान चला रहे थे। मांगें पूरी न होने पर शुक्रवार को हड़ताल पर चले गए। फोरम के राज्य संयोजक वाईके अरोड़ा के नेतृत्व में हजरतगंज स्थित इंडियन बैंक में सभा एवं प्रदर्शन किया।
सभा को संबोधित करते हुए दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि रिजर्व बैंक, एलआईसी, सेबी, नाबार्ड आदि विभागों में पांच कार्यदिवस हैं। हमारे साथ ही क्यों नाइंसाफी की जा रही है। एसके संगतानी ने सरकार की ओर से थोपी गई भेदभावपूर्ण पीएलआई योजना को तुरंत स्थगित करने की मांग की। लक्ष्मण सिंह ने कहा कि जिन बैंकों ने अपने उच्चाधिकारियों को लाखों रुपये पीएलआई के नाम पर भुगतान किए हैं। उसे तत्काल वापस लिया जाए।
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प्रदर्शन में बैंक नेताओं आरएन शुक्ला, करुणेश शुक्ला, शकील अहमद, विभाकर कुशवाहा, अभिषेक तिवारी, राकेश पाण्डेय, गौरव चौरसिया, आशुतोष वर्मा, मनीष कांत, तारकेश्वर चौहान, ललित श्रीवास्तव, आकाश शर्मा, स्वाति सिंह, अनुषा दुबे, आनंद सिंह आदि ने कहा कि जब तक सरकार बैंककर्मियों की लंबित मांगों को पूरा नहीं कर देती, संघर्ष जारी रहेगा।
ढाई हजार करोड़ का लेनदेन प्रभावित... आगे भी होगी हड़ताल
मीडिया प्रभारी अनिल तिवारी ने बताया कि हड़ताल से करीब ढाई हजार करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ है। अब 28, 29 व 30 सितंबर को तीन दिवसीय और अक्तूबर में अनिश्चितकालीन देशव्यापी बैंक हड़ताल की जाएगी।
हड़ताल का नहीं था पता
दो हजार रुपये निकालने बैंक आए थे। यहां पहुंचकर हड़ताल का पता चला। खाते से तो रुपये निकले नहीं, अब किसी से उधार लेकर काम चलाएंगे। - मोहम्मद चांद, काकोरी
नहीं निकाल सके रुपये
रुपये निकालने के लिए स्टेट बैंक शाखा काकोरी गए थे। हड़ताल होने की वजह से धनराशि नहीं निकल सकी। अब दो दिन बाद काम हो सकेगा।- नीरज वर्मा, कठिनगरा, काकोरी
जैसे-तैसे काम चलाना पड़ेगा
जरूरी काम के चलते रुपये निकालने पंजाब नेशनल बैंक शाखा दिलावर नगर आए थे। हड़ताल के कारण रुपये नहीं निकल सके। अब जैसे तैसे काम चलाना पड़ेगा। - अनूप अवस्थी, भतोईया, रहीमाबाद
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यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के जिला संयोजक अनिल श्रीवास्तव ने बताया कि बैंककर्मी काफी समय से देशव्यापी प्रदर्शन, काला बैज धारण, एक्स व पोस्टर अभियान चला रहे थे। मांगें पूरी न होने पर शुक्रवार को हड़ताल पर चले गए। फोरम के राज्य संयोजक वाईके अरोड़ा के नेतृत्व में हजरतगंज स्थित इंडियन बैंक में सभा एवं प्रदर्शन किया।
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सभा को संबोधित करते हुए दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि रिजर्व बैंक, एलआईसी, सेबी, नाबार्ड आदि विभागों में पांच कार्यदिवस हैं। हमारे साथ ही क्यों नाइंसाफी की जा रही है। एसके संगतानी ने सरकार की ओर से थोपी गई भेदभावपूर्ण पीएलआई योजना को तुरंत स्थगित करने की मांग की। लक्ष्मण सिंह ने कहा कि जिन बैंकों ने अपने उच्चाधिकारियों को लाखों रुपये पीएलआई के नाम पर भुगतान किए हैं। उसे तत्काल वापस लिया जाए।
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प्रदर्शन में बैंक नेताओं आरएन शुक्ला, करुणेश शुक्ला, शकील अहमद, विभाकर कुशवाहा, अभिषेक तिवारी, राकेश पाण्डेय, गौरव चौरसिया, आशुतोष वर्मा, मनीष कांत, तारकेश्वर चौहान, ललित श्रीवास्तव, आकाश शर्मा, स्वाति सिंह, अनुषा दुबे, आनंद सिंह आदि ने कहा कि जब तक सरकार बैंककर्मियों की लंबित मांगों को पूरा नहीं कर देती, संघर्ष जारी रहेगा।
ढाई हजार करोड़ का लेनदेन प्रभावित... आगे भी होगी हड़ताल
मीडिया प्रभारी अनिल तिवारी ने बताया कि हड़ताल से करीब ढाई हजार करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ है। अब 28, 29 व 30 सितंबर को तीन दिवसीय और अक्तूबर में अनिश्चितकालीन देशव्यापी बैंक हड़ताल की जाएगी।
हड़ताल का नहीं था पता
दो हजार रुपये निकालने बैंक आए थे। यहां पहुंचकर हड़ताल का पता चला। खाते से तो रुपये निकले नहीं, अब किसी से उधार लेकर काम चलाएंगे। - मोहम्मद चांद, काकोरी
नहीं निकाल सके रुपये
रुपये निकालने के लिए स्टेट बैंक शाखा काकोरी गए थे। हड़ताल होने की वजह से धनराशि नहीं निकल सकी। अब दो दिन बाद काम हो सकेगा।- नीरज वर्मा, कठिनगरा, काकोरी
जैसे-तैसे काम चलाना पड़ेगा
जरूरी काम के चलते रुपये निकालने पंजाब नेशनल बैंक शाखा दिलावर नगर आए थे। हड़ताल के कारण रुपये नहीं निकल सके। अब जैसे तैसे काम चलाना पड़ेगा। - अनूप अवस्थी, भतोईया, रहीमाबाद

प्रदर्शन करते बैंककर्मी।

प्रदर्शन करते बैंककर्मी।

प्रदर्शन करते बैंककर्मी।

प्रदर्शन करते बैंककर्मी।

प्रदर्शन करते बैंककर्मी।