यूपी: पुलिस भर्ती बोर्ड करेगा 3500 भर्तियां
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सूबे में 3500 बंदी रक्षकों की भर्ती की जाएगी। यह भर्तियां पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के जरिये कराई जाएंगी। सूबे के कारागारों में सुधार के मुद्दे पर विचार के लिए जेल स्थायी समिति की शुक्रवार को हुई बैठक में यह प्रस्ताव तैयार किया गया। स्थायी समिति की बैठक नौ साल बाद हुई।
योजना आयोग में हुई बैठक में महिला बंदियों की जेलों में सुधार के साथ ही जेलों के किचन को और बेहतर किए जाने, खुराक भत्ता दो-गुना करे जाने, जेलों से चल रही आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी रोकथाम करने और बंदी गृहों की क्षमता बढ़ाने पर सहमति बनी।
कारागार मंत्री बलराम यादव ने कहा कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रख कर नई जेलें बनाई जाएं। उन्होंने कहा कि जेलों को यातना गृह के बजाए सुधार गृह में बदला जाए।
प्रमुख सचिव गृह एवं कारागार देवाशीष पंडा ने कहा कि जेलों की क्षमता को 25 हजार तक और बढ़ाया जा रहा है। मौजूदा समय में यह क्षमता 53 हजार है।
उन्होंने कहा कि इस वजह से 11 नई जेलें बनाई जा रही हैं। इस मौके पर 2006 की बैठक के प्रस्तावों पर हुए अमल पर भी चर्चा हुई।
तैयार हो रही ई-प्रिजन योजना
जेलों के लिए ई-प्रिजन योजना तैयार की गई है। इसके तहत बंदियों की मुलाकात सहित कारागारों के सभी कार्यों को कंप्यूटरीकृत किया जाएगा।
इसके लिए 23 जेलों में सीसीटीवी कैमरे लगवाए जा रहे हैं, जिससे जेलों में आने-जाने वालों पर सीधी नजर रखी जा सके। बैठक में बताया गया कि बंदियों की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किए जाने के लिए 32 जेलों में उपकरण लगाए जा चुके हैं।
जल्द ही 35 और जेलों में इन्हें लगाया जाएगा। प्रमुख सचिव ने कहा कि कुल बजट 762 करोड़ रुपये है जिसमें से 243 करोड़ निर्माण कार्य के लिए दिया जा चुका है।
प्रमुख सचिव ने बताया कि दस अति संवेदनशील जेलों में पहले चरण में जैमर लगाए जाएंगे। इनमें अत्याधुनिक मेटल डिटेक्शन सिस्टम लगवाया जा रहा है। कहा गया कि आगामी वित्तीय वर्ष तक सभी जेलों में जैमर लगाने की योजना है।