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Lucknow News: बांदा-बहराइच ओवरब्रिज की सड़क उखड़ी
Thu, 27 Jun 2024 04:15 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Thu, 27 Jun 2024 04:15 AM IST
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बछरावां (रायबरेली)। बांदा-बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग पर बने ओवरब्रिज की दशा खराब है। सड़क की गिट्टियां तक बाहर निकल आई हैं और सरिया दिखने लगी हैं। इससे हादसों का खतरा हमेशा बना रहता है। 2023 में ओवरब्रिज की सड़क की मरम्मत को लेकर प्रस्ताव भेजा गया था लेकिन उसे पास नहीं किया गया। इस लेटलतीफी से ओवरब्रिज की दशा और खराब होती चली गई।
राहगीरों के लिए आवागमन सुलभ करने व कस्बे के मुख्य चौराहे पर जाम से निजात दिलाने के उद्देश्य से हाईवे पर ओवरब्रिज बनाया गया था। इस ओवरब्रिज से प्रतिदिन 30 हजार लोग आवागमन करते हैं। 2011 में ओवरब्रिज निर्माण का कार्य शुरू हुआ और इसके बनने में चार वर्ष का समय लगा। दो करोड़ 40 लाख रुपये से ओवरब्रिज बनकर तैयार हुआ था। 15 सितंबर 2015 को तत्कालीन लोक निर्माण मंत्री शिवपाल यादव ने ओवर ब्रिज का शुभारंभ किया था। हाल यह है कि हर दो साल में ही ओवरब्रिज की सड़क गड्ढों में तब्दील हो जाती है।
शशि शुक्ला, व्यापारी मनोज मिश्रा, प्रवेश वर्मा, शकील मंसूरी, शशिकांत मिश्रा ने बताया कि गड्ढा युक्त ओवरब्रिज की सड़क पर आए दिन हादसे होते हैं और वाहन सवार घायल होते हैं। ओवरब्रिज पर गढ्ढे होने से ब्रिज के बीम में पड़ी सरिया तक बाहर निकल आई है, जिनसे आए दिन भारी व हल्के वाहनों के टायर फटते हैं। ओवर ब्रिज के रखरखाव को लेकर विभागीय अधिकारी उदासीन हैं। ओवरब्रिज पर रोशनी के लिए स्ट्रीट लाइटें लगाई गईं थीं, लेकिन देखरेख के अभाव में अधिकांश स्ट्रीट लाइटें गायब हो गई। (संवाद)
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मरम्मत के लिए भेजा है प्रस्ताव
जेई पीडब्ल्यूडी अल्का सिंह ने बताया कि सेतु निगम ने ब्रिज बीते 2022 में हैंडओवर हुआ था। वर्ष 2023 में एस्टीमेट बनाकर ओवर ब्रिज की मरम्मत और स्ट्रीट लाइट के लिए धनराशि की मांग की गई थी, लेकिन धनराशि स्वीकृति नहीं की गई। बीते अप्रैल माह में कार्य योजना में दोबारा प्रस्ताव को भेजा गया है। जल्द ही ओवर ब्रिज की मरम्मत शुरू होगी।
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राहगीरों के लिए आवागमन सुलभ करने व कस्बे के मुख्य चौराहे पर जाम से निजात दिलाने के उद्देश्य से हाईवे पर ओवरब्रिज बनाया गया था। इस ओवरब्रिज से प्रतिदिन 30 हजार लोग आवागमन करते हैं। 2011 में ओवरब्रिज निर्माण का कार्य शुरू हुआ और इसके बनने में चार वर्ष का समय लगा। दो करोड़ 40 लाख रुपये से ओवरब्रिज बनकर तैयार हुआ था। 15 सितंबर 2015 को तत्कालीन लोक निर्माण मंत्री शिवपाल यादव ने ओवर ब्रिज का शुभारंभ किया था। हाल यह है कि हर दो साल में ही ओवरब्रिज की सड़क गड्ढों में तब्दील हो जाती है।
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शशि शुक्ला, व्यापारी मनोज मिश्रा, प्रवेश वर्मा, शकील मंसूरी, शशिकांत मिश्रा ने बताया कि गड्ढा युक्त ओवरब्रिज की सड़क पर आए दिन हादसे होते हैं और वाहन सवार घायल होते हैं। ओवरब्रिज पर गढ्ढे होने से ब्रिज के बीम में पड़ी सरिया तक बाहर निकल आई है, जिनसे आए दिन भारी व हल्के वाहनों के टायर फटते हैं। ओवर ब्रिज के रखरखाव को लेकर विभागीय अधिकारी उदासीन हैं। ओवरब्रिज पर रोशनी के लिए स्ट्रीट लाइटें लगाई गईं थीं, लेकिन देखरेख के अभाव में अधिकांश स्ट्रीट लाइटें गायब हो गई। (संवाद)
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मरम्मत के लिए भेजा है प्रस्ताव
जेई पीडब्ल्यूडी अल्का सिंह ने बताया कि सेतु निगम ने ब्रिज बीते 2022 में हैंडओवर हुआ था। वर्ष 2023 में एस्टीमेट बनाकर ओवर ब्रिज की मरम्मत और स्ट्रीट लाइट के लिए धनराशि की मांग की गई थी, लेकिन धनराशि स्वीकृति नहीं की गई। बीते अप्रैल माह में कार्य योजना में दोबारा प्रस्ताव को भेजा गया है। जल्द ही ओवर ब्रिज की मरम्मत शुरू होगी।