बहराइच हिंसा: जिन घरों पर नोटिस हुआ था चस्पा उन्होंने घर से बनाई दूरी, कोर्ट की मोहलत का खास असर नहीं
Bahraich violence: बहराइच हिंसा के बाद 23 घरों पर बुलडोजर चलने का नोटिस जारी हुआ था। इस मामले में कोर्ट से मोहलत मिलने के बाद भी बुलडोजर की आशंका बनी हुई है।
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महसी के महराजगंज कस्बे में विसर्जन जुलूस पर हुई पत्थरबाजी व रामगोपाल मिश्रा हत्याकांड के बाद लोक निर्माण विभाग ने मुख्य आरोपी अब्दुल हमीद समेत 23 घरों पर अतिक्रमण का नोटिस चस्पा किया था। जिसमें तीन दिन के अंदर अपना पक्ष रखते हुए अतिक्रमण हटाने की बात कही गई थी। जिस पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है और मोहलत को 15 दिन बढ़ा दिया है। अब जिन घरों पर नोटिस चस्पा हुआ था, वे 15 दिन के भीतर अपना जवाब दे सकते हैं। हाईकोर्ट की रोक के बाद सोमवार को कस्बे के लोगों में खुशी रही। हालांकि नोटिस चस्पा वाले अधिकांश घरों पर लोग मौजूद नहीं रहे। महराजगंज कस्बे में शांति व्यवस्था कायम रही और पुलिस व पीएसी जवानों का कड़ा पहरा देखने को मिला।
महराजगंज कस्बे में हुए रामगोपाल मिश्रा हत्याकांड के बाद 23 घरों पर अवैध अतिक्रमण का नोटिस चस्पा किया गया था। जिसके बाद कस्बे में बुलडोजर कार्रवाई की दहशत फैल गई थी और लोग अपने घर व दुकान से सामान हटाने लगे थे। यही नहीं नोटिस वाले अधिकांश घरों के लोग सामान लेकर अपने पैतृक घर चले गए थे। इन सब के बीच रविवार को हाईकोर्ट की ओर से आया 15 दिन की मोहलत का फैसला सभी के लिए राहत भरा रहा और घर-दुकान छोड़ कर गए कई लोग लौट आए। लेकिन अधिकांश घर सोमवार को भी खाली रहे। अमर उजाला की ओर से सोमवार को की गई पड़ताल में नोटिस वाले अधिकांश घर बंद रहे। वहीं जिन घरों पर लोग मौजूद भी रहे, उन्होंने बात करने से मना कर दिया। महराजगंज कस्बा निवासी राजकिशोर गुप्ता ने बताया कि लोगों के दिल में अभी भी दहशत है। जिसके चलते लोग अभी नहीं लौटे हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी दुकान खोली है। वहीं मोहम्मद शमीम, पूर्व प्रधान चंदपईया शकील अहमद आदि ने बताया कि माहौल शांत है। डर के चलते कई लोग घर छोड़ कर चले गए थे। जो धीरे-धीरे लौट रहे हैं। कोर्ट के आदेश के बाद से लोगों में खुशी की लहर है।
मुख्य आरोपी के पड़ोसी बैठे मिले दुकान में
पुलिस पर प्रताड़ना का आरोप, बार एसोसिएशन ने सौंपा ज्ञापन
महसी बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने हरदी पुलिस पर बिना सर्च वारंट के घर में घुसकर लोगों को परेशान करने का आरोप लगाते हुए एसडीएम को ज्ञापन दिया है। अध्यक्ष राजवंत मिश्रा ने बताया कि पुलिस अचानक किसी के भी घर में घुस रही है। घर में मौजूद लोगों के साथ अभद्रता की जा रही है। रविवार की देर रात सिपहियाप्यूली निवासी पूर्व महामंत्री रामकरण त्रिपाठी के घर में घुसकर उन्हें अपमानित किया। जबकि उनका घटना से कोई संबंध नहीं है। इस दौरान सर्वेश कुमार अवस्थी, राम तेज मिश्रा, रूद्रप्रकाश त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
ब्राह्मणों का हो रहा उत्पीड़न, रामगोपाल के परिजनों को मिले एक करोड़
महराजगंज हत्याकांड को लेकर ब्राह्मण संगठनों में उबाल है। सोमवार को अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद ने आठ सूत्रीय मांग पत्र सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। जिलाध्यक्ष पंडित दीपक त्रिवेदी ने बताया कि मृतक राम गोपाल मिश्रा के परिवार को एक करोड़ की आर्थिक सहायता, परिवार को नौकरी की मांग की गई है। साथ ही पुलिस द्वारा बिना प्रमाण के हिंदू समाज के किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी न करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का रवैया घटना के बाद से ठीक नहीं है। ब्राह्मण समाज के घरों पर देर रात दबिश दी जा रही है। दिलीप त्रिपाठी ने कहा कि एक ओर विकास दूबे की गाड़ी पलटा दी जाती है तो वहीं यहां एनकाउंटर का नाटक किया गया। ब्राह्मणों की प्रताड़ना बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान किशन मिश्र, संदीप अवस्थी, छोटू त्रिवेदी, सूरज त्रिपाठी, अंबरीष आदि मौजूद रहे।
पसमांदा समाज ने सौहार्द बनाए रखने को सौंपा ज्ञापन
महाराजगंज कस्बे में हुई घटना को लेकर सोमवार को मिहींपुरवा में पसमांदा समाज के पदाधिकारियों ने एसडीएम संजय कुमार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन देने पहुंचे इबादुल हक, नफीस अहमद, आवेश अंसारी, इश्तिखार अहमद आदि ने बताया कि ज्ञापन सौंपने का उद्देश्य क्षेत्र में शांति बनाए रखना है।