लखनऊ गैंगरेप: वीडियो टेप से किडनी वाला हिस्सा गायब!
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मोहनलालगंज कांड में जांच टीम ने शनिवार को एक बार फिर कागजों को खंगाला और पोस्टमार्टम की वीडियो फुटेज भी देखी। इसके बाद पीजीआई से मिले दस्तावेजों को मिलाने के बाद यह तो साफ हो गया है कि किडनी दान देने वाली महिला व मोहनलालगंज कांड की महिला एक ही है।
लेकिन इस वीडियो फुटेज की गुणवत्ता काफी खराब है। इसमें किडनी वाले हिस्से को नहीं दिखाया गया है। वहीं, अब जांच टीम को फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है।
जांच कर रहे डीजीएमई डॉ. केके गुप्ता ने बताया कि अभी पोर्स्टमार्टम के दौरान भेजे गए सैंपल की रिपोर्ट नहीं मिली है।
डॉक्टरों की लापरवाही
कथित गैंगरेप की शिकार मृतक महिला की किडनी की अब तक हुई जांच में यह तो साफ हो गया है कि पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने इसमें काफी लापरवाही बरती है।
इतने गंभीर कांड की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामान्य ढंग से निपटा दी गई। इसी लापरवाही का ही नतीजा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक महिला की दो किडनियां दिखा दी गई।
हालांकि जांच टीम को अब फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है। साथ ही डीएनए व अन्य सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद ही जांच टीम आगे किसी निष्कर्ष पर पहुंचेगी।
सूत्रों के मुताबिक पोस्टमार्टम टीम में शामिल डॉक्टर भी घबराए हुए हैं। वे गुपचुप तरीके से मीटिंग भी कर रहे हैं। टीम में शामिल कुछ डॉक्टरों ने तो अपने वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात की।
मामले को रफा दफा करने की कोशिश में डॉक्टर
डॉक्टर इस कोशिश में लगे हैं कि किसी तरह मामला रफादफा हो जाए। इसके लिए वे प्रयास में जुट गए हैं। पोस्टमार्टम करने वाली टीम में छह लोग शामिल हैं। इनमें से तीन डॉक्टर तो राम मनोहर लोहिया अस्पताल के हैं। जबकि एक महिला डॉक्टर झलकारी बाई महिला चिकित्सालय की हैं।
एक व्यक्ति केजीएमयू की फोरेंसिक मेडिसिन विभाग व एक व्यक्ति पुलिस की फोरेंसिक विभाग के हैं। मोहनलालगंज मामले में मृतका की किडनी को लेकर विवाद अभी साफ नहीं हो सका है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला की दोनों किडनियां होने की बात कही गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ‘बोथ पेल एनएडी 150 ग्राम ईच’ लिखा हुआ है।
जबकि वह एक किडनी पहले ही अपने पति को दान में दे चुकी है। सरकार ने इस मामले की जांच डीजीएमई डॉ. केके गुप्ता व डीजी हेल्थ एएस राठौर को सौंपी है।
नहीं मिली ब्लड ग्रुप की रिपोर्ट
ब्लड ग्रुप की भी रिपोर्ट अभी नहीं मिली है। जब तक जांच रिपोर्ट पूरी नहीं मिल जाती हैं तब तक जांच के निष्कर्षों पर कुछ भी कहना उचित नहीं है।
वहीं, डीजी हेल्थ एएस राठौर भी यही कह रहे हैं कि पीजीआई के रिकॉर्ड तो खंगाल लिए गए हैं लेकिन अब अन्य दस्तावेजों का इंतजार है।
फोरेंसिक एक्सपर्ट की लेंगे राय
जांच टीम फोरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद विशेषज्ञों की भी मदद लेगी। इसके लिए जांच टीम ने आगरा से फोरेंसिक मेडिसिन के प्रमुख डॉ. अजय के साथ ही लखनऊ के दो फोरेंसिक एक्सपर्ट से मदद मांगी है। साथ ही डीएनए के मिलान से भी सारी चीजें साफ हो जाएंगी।