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बछरावां : सात सीटर बोलेरो में सवार थे 12 लोग... हो गया हादसा
Sun, 24 Nov 2024 04:41 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sun, 24 Nov 2024 04:41 AM IST
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बछरावां थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर गांव के पास सड़क हादसे में क्षतिग्रस्त बोलेरो।
- फोटो : संवाद
बछरावां (रायबरेली)। हादसे में तीन लोगों की मौत की खबर गांव पहुंची तो परिजनों में चीख पुकार मच गई। तिलकोत्सव कार्यक्रम की खुशियां गम में तब्दील हो गईं। जिन लोगों के चेहरे पर कार्यक्रम को लेकर खुशी थी, उनमें मायूसी छा गई। थोड़ी सी चूक हादसे का सबब बनी। जांच में पाया गया कि बोलेरो सात सीटर थी, लेकिन उसमें चालक समेत 12 लोग सवार थे। आगे वाली सीट पर ही चालक समेत चार लोग बैठे थे। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि बोलेरो की रफ्तार तेज थी। चालक गाड़ी संभाल नहीं पाया। ऐसे में बोलेरो अनियंत्रित होकर ट्रैक्टर-ट्राली में जा घुसी।
बछरावां कोतवाली क्षेत्र के शीतलाखेड़ा गांव निवासी धुन्नी सिंह की बेटी की शादी हरचंदपुर थाना क्षेत्र के जुग्गा का पुरवा गांव में हुई है। शनिवार को उनकी बेटी के देवर का तिलकोत्सव कार्यक्रम था। धुन्नी सिंह रिश्तेदारों के साथ बोलेरो से तिलकोत्सव कार्यक्रम में भाग लेने के लिए जा रहे थे। असनी सुल्तानपुर गांव के पास सड़क के किनारे खड़ी धान लदी ट्रैक्टर ट्राॅली में पीछे से बोलेरो जा घुसी। हादसे में धुन्नी सिंह (50), उनके जीजा रमेश व साढ़ू की पत्नी निर्मला की जान चली गई। नौ लोग घायल हुए। हादसे के बाद सीओ डलमऊ अरुण कुमार घटनास्थल पर पहुंचकर पड़ताल की।
सीओ के मुताबिक बोलेरो सात सीटर थी, लेकिन उसमें क्षमता से ज्यादा लोग सवार थे। आशंका जताई जा रही है कि बोलेरो की रफ्तार अधिक थी। आगे वाली सीट पर अधिक लोग बैठने के चलते चालक गाड़ी को संभाल नहीं पाया और हादसा हो गया। हादसे में बोलेरो क्षतिग्रस्त हो गई। बोलेरो धुन्नी सिंह के रिश्तेदार की बताई जा रही है। बोलेरो कौन चला रहा था, इसकी जानकारी नहीं हो पाई है।
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उधर, हादसे की खबर धुन्नी सिंह और उसकी बेटी के गांव पहुंची तो रोना पिटना मच गया। तिलकोत्सव कार्यक्रम की खुशियां गम में बदल गईं। पिता की मौत सुनते ही बेटी दहाड़े मारकर रोने लगी। हादसे की खबर पर परिजन सीएचसी बछरावां पहुंचे। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया।
यातायात प्रभारी अजय सिंह तोमर ने बताया कि बोलेरो सात सीटर होती है। क्षमता से ज्यादा लोग बैठने पर हादसे की गुंजाइश रहती है। खासकर आगे वाली सीट पर ज्यादा लोगों के बैठने पर चालक को ब्रेक लगाने में दिक्कत होती है। ऐसे में चालक को गाड़ी को नियंत्रित रखना आसान नहीं होता है।
किसानों ने ट्रैक्टर ट्राॅली में लादा था धान
जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां पर किसानों के खेत हैं। किसानों ने धान की मड़ाई के बाद उसे घर ले जाने के लिए ट्रैक्टर ट्राॅली पर लादा था। ट्रैक्टर ट्राॅली सड़क के किनारे खड़ी थी। इससे पहले कि किसान धान लदी ट्राॅली घर ले जाते, यह हादसा हो गया।
जेसीबी बुलाकर निकाले गए लोग
हादसे के बाद बोलेरो सवार लोगों में चीख पुकार मची थी। रात होने के कारण अंधेरा था। किसान भी वहां पर मौजूद नहीं थे। चीख पुकार सुनकर राहगीर रुके और हादसे की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने पहुंचकर बोलेरो के पीछे वाली सीट पर बैठे लोगों को बाहर निकाल लिया, लेकिन जो आगे वाली सीट पर बैठे थे, उन्हें निकालना आसान नहीं था। ऐसे में पुलिस ने जेसीबी बुलाई और ट्रैक्टर ट्राॅली को उठाकर आगे वाली सीट पर बैठे लोगों को बाहर निकाला।
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बछरावां कोतवाली क्षेत्र के शीतलाखेड़ा गांव निवासी धुन्नी सिंह की बेटी की शादी हरचंदपुर थाना क्षेत्र के जुग्गा का पुरवा गांव में हुई है। शनिवार को उनकी बेटी के देवर का तिलकोत्सव कार्यक्रम था। धुन्नी सिंह रिश्तेदारों के साथ बोलेरो से तिलकोत्सव कार्यक्रम में भाग लेने के लिए जा रहे थे। असनी सुल्तानपुर गांव के पास सड़क के किनारे खड़ी धान लदी ट्रैक्टर ट्राॅली में पीछे से बोलेरो जा घुसी। हादसे में धुन्नी सिंह (50), उनके जीजा रमेश व साढ़ू की पत्नी निर्मला की जान चली गई। नौ लोग घायल हुए। हादसे के बाद सीओ डलमऊ अरुण कुमार घटनास्थल पर पहुंचकर पड़ताल की।
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सीओ के मुताबिक बोलेरो सात सीटर थी, लेकिन उसमें क्षमता से ज्यादा लोग सवार थे। आशंका जताई जा रही है कि बोलेरो की रफ्तार अधिक थी। आगे वाली सीट पर अधिक लोग बैठने के चलते चालक गाड़ी को संभाल नहीं पाया और हादसा हो गया। हादसे में बोलेरो क्षतिग्रस्त हो गई। बोलेरो धुन्नी सिंह के रिश्तेदार की बताई जा रही है। बोलेरो कौन चला रहा था, इसकी जानकारी नहीं हो पाई है।
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उधर, हादसे की खबर धुन्नी सिंह और उसकी बेटी के गांव पहुंची तो रोना पिटना मच गया। तिलकोत्सव कार्यक्रम की खुशियां गम में बदल गईं। पिता की मौत सुनते ही बेटी दहाड़े मारकर रोने लगी। हादसे की खबर पर परिजन सीएचसी बछरावां पहुंचे। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया।
यातायात प्रभारी अजय सिंह तोमर ने बताया कि बोलेरो सात सीटर होती है। क्षमता से ज्यादा लोग बैठने पर हादसे की गुंजाइश रहती है। खासकर आगे वाली सीट पर ज्यादा लोगों के बैठने पर चालक को ब्रेक लगाने में दिक्कत होती है। ऐसे में चालक को गाड़ी को नियंत्रित रखना आसान नहीं होता है।
किसानों ने ट्रैक्टर ट्राॅली में लादा था धान
जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां पर किसानों के खेत हैं। किसानों ने धान की मड़ाई के बाद उसे घर ले जाने के लिए ट्रैक्टर ट्राॅली पर लादा था। ट्रैक्टर ट्राॅली सड़क के किनारे खड़ी थी। इससे पहले कि किसान धान लदी ट्राॅली घर ले जाते, यह हादसा हो गया।
जेसीबी बुलाकर निकाले गए लोग
हादसे के बाद बोलेरो सवार लोगों में चीख पुकार मची थी। रात होने के कारण अंधेरा था। किसान भी वहां पर मौजूद नहीं थे। चीख पुकार सुनकर राहगीर रुके और हादसे की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने पहुंचकर बोलेरो के पीछे वाली सीट पर बैठे लोगों को बाहर निकाल लिया, लेकिन जो आगे वाली सीट पर बैठे थे, उन्हें निकालना आसान नहीं था। ऐसे में पुलिस ने जेसीबी बुलाई और ट्रैक्टर ट्राॅली को उठाकर आगे वाली सीट पर बैठे लोगों को बाहर निकाला।