मोदी आए तो पाकिस्तान बचेगा ही नहीं: आजम
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भले ही चुनाव आयोग ने आजम की रैलियों और जनसभाओं पर प्रतिबंध लगाया हो, लेकिन आजम बयानबाजी किए जा रहे हैं।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और नगर विकास मंत्री आजम खां ने बुधवार को भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी पर तगड़ा हमला बोला।
उन्होंने कहा कि तोगड़िया, गिरिराज और रामदास कदम जैसे नेता मोदी के एजेंडे पर बोल रहे हैं। वे बताना चाहते हैं कि नया भारत कैसा होगा।
आजम ने सवाल किया है कि मोदी विरोधियों को हिंदुस्तान में रहने नहीं दिया जाएगा और पाकिस्तान बचेगा नहीं, ऐसे में उन्हें कहां भेजा जाएगा?
भाजपा दे रही देश तोड़ने वाले बयान
आजम खां ने एक बयान में कहा, गिरिराज सिंह, प्रवीण तोगड़िया और शिवसेना नेता रामदास कदम ने, मुसलमान पाकिस्तान चलें जाएं, मकान खाली कर दें और छह महीने के भीतर पाकिस्तान का नामोनिशान मिट जाएगा, जैसी बयानबाजी की है।
आजम ने कहा कि देश को तोड़ने वाले इन बयानों की न केवल निंदा होनी चाहिए, बल्कि धर्मनिरपेक्ष सियासी पार्टियों और देश से प्रेम करने वाले हर बुद्धिजीवी को इन पर गंभीरता से विचार भी करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इन बयानों से एक सच सामने निकलकर आया है कि भाजपा और फासिस्ट ताकतों का यही एजेंडा है।
दुनिया के किसी बैंक में नहीं है मेरा अकाउंट
सपा महासचिव ने कहा, गिरिराज ने तो यह भी कहा है कि वह आजम खां नहीं हो सकते। वह हरगिज आजम खां नहीं हो सकते क्योंकि राजनीति के 40 साल के दौर में आजम का विधानसभा के सचिवालय के अलावा दुनिया के किसी बैंक में निजी खाता नहीं है।
उनके दोस्त तो क्या दुश्मन भी यह जुर्रत नहीं कर सकते कि बेईमानी का छोटा सा इल्जाम भी लगा सकें। उन्होंने कहा, विदेशी बैंकों से काला धन लाने का ढोंग करने वालों को अपने गिरेबान में झांककर देखना चाहिए कि उस धन में उनका खुद का कितना हिस्सा है।
आजम ने कहा, भाजपा नेता जो मुल्क की दूसरी सबसे बड़ी आबादी मुसलमानों को बाहर का रास्ता दिखाने की बात करते हैं, वे भूल गए हैं कि इसी सोच ने मुल्क को 1947 में बांटा।
इसी विचारधारा ने आजादी के बाद देश में नफरत पैदा करने और भाई को भाई से लड़ाने का काम अंजाम दिया।
आजम को फिर भेजा नोटिस
चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री आजम खां को आचार संहिता के उल्लंघन पर फिर नोटिस भेजा है।
प्रतिबंध के बावजूद आयोग के फैसले की आलोचना तथा चुनावी सभाओं में लिखित भाषण दूसरों से पढ़वाने के मामले में आजम खान को आचार संहिता के उल्लंघन का दोषी माना गया है।
आयोग ने बुधवार को आजम को भेजे नोटिस में कहा है कि भड़काऊ भाषणों के आधार पर 11 अप्रैल को आपके चुनाव प्रचार में शामिल होने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।
इस आदेश पर अमल न करके आपने मीडिया से बातचीत में आयोग के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की।