आजम बोले, जव्वाद ने तो अपनी कौम ही बेच दी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ मंत्री मोहम्मद आजम खां ने मंगलवार को भी शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद पर जमकर निशाना साधा।
उन्होंने कहा, ‘...वाह! धर्मगुरु, झोली में 14 मेंबर हैं नहीं और बने फिरते हैं ठेकेदार, जरा चुनाव होने दीजिए, फिर मालूम होगा कि धर्मगुरु के बहनोई ने शिया जायदादों को कितना लूटा है।
आजम खां ने जव्वाद पर कौम को बेचने का आरोप लगाया।
आजम बोले कैसे जवाब देंगे जव्वाद
आजम खां ने कहा कि जिसने कर्बला और हुसैनी सराय तक बेच दिया और एक ही स्थान पर चार मस्जिदों को शहीद कराकर उसकी प्लॉटिंग करा दी, वे कहां से और कैसे जवाब देंगे?
जिसने कौम का सौदा कर लिया हो, वह अगर शिया वक्फ संपत्तियों का सौदा कर रहा है तो क्या ताज्जुब हो सकता है।’
जव्वाद के पास एक भी अच्छा आदमी नहीं
आजम ने पूछा कि यदि धर्मगुरु के पास एक भी अच्छा व्यक्ति चुनाव लड़ाकर जिताने के लिए नहीं है तो ऐसे व्यक्ति को धर्मगुरु कहलाने का क्या अधिकार है?
उन्होंने मौलाना का नाम लिए बगैर कहा कि तथाकथित धर्मगुरु के बहनोई और चहेतों के अध्यक्ष रहते जितनी वक्फ जायदादों की लूट हुई, उतनी पहले कभी नहीं हुई।
भाजपाइयों के सामने गिड़गिड़ाएं धर्मगुरू
आजम खां बोले कि कभी भी एक कब्र के लिए लाखों रुपये में जगह नहीं बेची गई। आजम ने कल्बे जव्वाद की मुलायम सिंह यादव से हुई मुलाकात पर तंज कसते हुए कहा, ‘...तथाकथित धर्मगुरु ने शिया वक्फ बोर्ड का चुनाव टलवाने के लिए दर-दर की ठोकरें खाई हैं।
अगर मुझसे कान में कह दिया होता तो दरवाजे-दरवाजे ठोकरें खाने से बच जाते। धर्मगुरु चुनाव का विरोध न करें, चुनाव जीतें और अपने भाजपाई आकाओं से केंद्रीय कानून बदलने के लिए गिड़गिड़ाएं तो ज्यादा अच्छा होगा।’