राज्यपाल राम नाईक के खिलाफ आजम खां ने फिर ‘उगला जहर’, पढ़ें क्या बोले
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आजम इंदिरा प्रतिष्ठान में अल्पसंख्यक अधिकार दिवस पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति, राज्यपाल व प्रधानमंत्री सभी के होते हैं।
पीएम मोदी ने चुनाव जीता है लेकिन दिल नहीं। हम जैसे कमजोर लोग जुल्म के खिलाफ उनकी मजम्मत करते रहेंगे।
राज्यपाल राम नाईक पर निशाना साधते हुए कहा, उन्होंने अल्पसंख्यक आयोग को अधिकार नहीं देने दिए। जो अधिकार हैं, सीएम की तरफ से हैं। राज्यपाल ने राजभवन की इज्जत की धज्जियां उड़ा दी।
उन्होंने कहा, राज्यपाल अयोध्या गए तो हिंदुओं की भावनाओं का ख्याल करते हुए जल्द से जल्द राम मंदिर बनाने की बात कही। अयोध्या का मामला देश की सबसे बड़ी अदालत में विचाराधीन है। राज्यपाल के बयान का सुप्रीम कोर्ट को स्वत: संज्ञान लेना चाहिए था।
सीएम ने नहीं दुखाया किसी का दिल
संविधान के साथ ठगी करने वाले राज्यपाल हमारी बर्खास्तगी तक जा सकते हैं। उन्होंने सीएम अखिलेश यादव की तारीफ की। कहा, वह मुसलमानों ही नहीं सभी इंसानों के दिलों की धड़कन हैं।
सीएम ने पौने पांच साल के कार्यकाल में किसी जुमले, लफ्ज या अमल से किसी का दिल नहीं दुखाया। उनका भी दिल नहीं दुखाया, जो उनका विरोध कर रहे थे। मुसलमानों से कहा कि जिसने सबका दिल जीता हो, उसके लिए दिल से दुआ कीजिए।
बापू के हत्यारे संविधान को नहीं मानते
आजम ने भाजपा पर हमला करते हुए कहा, बापू के हत्यारे संविधान को नहीं मानते। गोडसे का मंदिर बनाने वाले संविधान के प्रति वफादार हो भी नहीं सकते। वे मुसलमानों को पाकिस्तानी कह कर अपशब्दों तक का प्रयोग करते हैं और हम एकजुट होने को तैयार नहीं हैं।
आजम ने कहा, भाजपा यूपी का चुनाव जीती तो छठी का दूध याद दिला देगी। गुजरात में हालत यह है कि कातिल को बादशाह कहना मजबूरी है। फासिस्ट ताकत ने हमसे एएमयू छीन लिया, एक आवाज तक नहीं उठी। सिखों की एक संस्था छीन लेते तो गिनना मुश्किल हो जाता कि जिंदा कौन है।
बहार लौट आएगी फिर से बना दो बागवां इनको
आजम ने एक शेर के जरिये सीएम अखिलेश के लिए समर्थन मांगा। कहा-‘बहार लौट आएगी फिर से, बना दो बागवां इनको’ उन्होंने मुसलमानों से मजबूत फैसला करने की अपील की।