लड़कियां छेड़ने वालों से क्या बोले आजम?
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विधानसभा में मंगलवार को यौन उत्पीड़न रोकने संबंधी एक सवाल पर संसदीय कार्य मंत्री मो. आजम खां ने नसीहत दे डाली।
उन्होंने कहा कि अच्छी नीयत से हाथ लगाएंगे तो बहन कहलाएगी, बुरी नजर से हाथ लगाएंगे तो 376 लग जाएगी।
आजम ने कहा कि अब ऐसा कानून बना है जो उन लोगों की गिरेबान तक जाता है, जिन तक किसी के हाथ नहीं पहुंचते थे।
बोले- इसी कानून की वजह से ही देश-दुनिया में तहलका मचा देने वाले तहलका डॉट कॉम के संपादक गोवा की जेल में हैं।
माना हो सकता है कानून का दुरुपयोग
सदन में कानून के दुरुपयोग का मामला उठाने वाले सदस्य की जिज्ञासा, परेशानी और बेचैनी को वाजिब बताते हुए आजम ने माना कि इस कानून के दुरुपयोग की गुंजाइश है।
इसकी रोकथाम के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। प्रश्न प्रहर में कांग्रेस के अखिलेश प्रताप सिंह, भाजपा के सुरेश कुमार खन्ना तथा अन्य सदस्यों के सवाल के जवाब में महिला कल्याण मंत्री अरुणा कोरी ने बताया कि सरकारी तथा निजी क्षेत्र के कार्यालयों में यौन उत्पीड़न रोकने के लिए आंतरिक शिकायत समितियों एवं स्थानीय शिकायत समितियों के गठन तथा नोडल अधिकारियों के नामित करने की व्यवस्था है।
अनुपूरक सवालों के जवाब में कोरी ने कहा कि यौन उत्पीड़न की शिकार लड़कियों और महिलाओं की काउंसलिंग के लिए ब्लॉक और तहसील स्तर पर केंद्र स्थापित करने पर विचार किया जाएगा।
राजनीतिक रंजिश में हो रहा गलत इस्तेमाल
खन्ना ने निर्दोष लोगों को यौन उत्पीड़न के मामलों में फंसाए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि राजनीतिक रंजिशवश इस कानून का दुरुपयोग भी हो रहा है।
इससे पहले मूल प्रश्नकर्ता अखिलेश प्रताप सिंह ने कानून पर अमल संबंधी शासनादेश महिला कल्याण विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध न होने का मामला उठाया।
अरुणा कोरी ने यौन उत्पीड़न की शिकार महिलाओं व लड़कियों के लिए शासनादेश में किए गए प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि शिकायत सही पाए जाने पर आर्थिक मदद भी दी जा रही है।
कई जिलों में समितियों का गठन हो गया है और कुछ जगहों पर इसकी प्रक्रिया चल रही है।
महिलाओं के लिए भी दिए गए सुझाव
बसपा के नीरज मौर्य ने यौन उत्पीड़न के बाद अवसाद में चली जाने वाली महिलाओं की काउंसलिंग के लिए ब्लॉक व तहसील स्तर पर केंद्र खोलने का सुझाव दिया।
बसपा के ही इंद्रजीत सरोज ने गत 16 दिसंबर को कौशांबी में हुई बलात्कार की घटना का मामला उठाया और कहा कि उसमें अभी तक रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई और न ही पीड़िता का मेडिकल कराया गया।
सरोज के पीड़िता को निचले तबले की बताने पर संसदीय कार्य मंत्री ने आपत्ति की और कहा कि इससे समाज को वर्गों में बांटने की राजनीति की जा रही है।
आजम ने कहा कि यह हमारी सरकार के एजेंडे में था, है और रहेगा। पहले से जो बुराइयां चली आ रही हैं, उनमें कमी लाने का प्रयास किया जा रहा है।
आप जैसा सबका आचरण हो...
विधानसभा में यौन उत्पीड़न संबंधी सवाल उठाने वाले सदस्यों में से एक सुरेश खन्ना जब अनुपूरक सवाल पूछने की अनुमति मांग रहे थे तो अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय ने पहले तो कहा कि आप क्यों पूछ रहे हैं?
फिर उन्होंने खन्ना से कहा कि आप जैसा आचरण सबका हो जाए तो यह सवाल ही नहीं उठेगा।
संसदीय कार्य मंत्री आजम खां ने भी यौन उत्पीड़न कानून के दुरुपयोग का मामला उठाने के लिए खन्ना की तारीफ की। आजम ने कहा कि सरकार की मंशा है कि पीड़िता को न्याय मिलना चाहिए वह चाहे किसी भी वर्ग की हो।
नेता विरोधी दल स्वामी प्रसाद मौर्य ने यौन उत्पीड़न पर अंकुश लगाने के लिए सरकार को इसे अपने एजेंडे में शामिल करते हुए जनचेतना अभियान चलाने का का सुझाव दिया।