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आजम खां का 'कोपभवन' क्यों बनी कोठी नं तीन?
मनोज श्रीवास्तव/लखनऊ
Updated Thu, 12 Sep 2013 09:38 AM IST
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विक्रमादित्य मार्ग, कोठी नंबर तीन। कद्दावर मंत्री आजम खां का सरकारी निवास।
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आजम के लखनऊ प्रवास के दौरान गुलजार रहने वाली इस कोठी में बुधवार को उदासी पसरी थी।
अंदर जाने पर सख्त मनाही थी। सुबह से मीडिया से लेकर कई नेता वहां पहुंचे, पर सभी को एक ही जवाब मिल रहा था-साहब को तेज बुखार है, किसी से नहीं मिलेंगे।
लाख कोशिशों पर भी दरबान गेट खोलने को तैयार नहीं हो रहा था, कह रहा था, किसी को अंदर न भेजने का साफ निर्देश है, नौकरी थोड़े ही गंवानी है।
आगरा में सपा की राष्ट्रीय कार्यसमिति के प्रारंभ होने तक जब आजम खां वहां नहीं पहुंचे तो मीडिया के कान खड़े हुए। खोजबीन हुई तो पता चला कि वे लखनऊ में ही हैं।
आजम का फोन तो बंद था ही, उनके स्टाफ के लोगों का भी फोन नहीं उठ रहा था। मीडिया के लोग जब विक्रमादित्य मार्ग उनकी कोठी पर पहुंचे तो गेट पर कुछ मिलने वाले पहले से ही मौजूद थे, पर किसी को अंदर नहीं जाने दिया जा रहा था।
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गेटमैन सबको सख्ती से रोक रहा था और कह रहा था कि साहब को तेज बुखार है, किसी के अंदर जाने पर सख्त मनाही है।
यह सिलसिला देर शाम तक चला। शाम को आजम से मिलने आए बिलग्राम के राजेंद्र कुमार काफी देर से परेशान थे।
बता रहे थे कि मैं मंत्री जी की ससुराल का हूं, जब भी आता था, बस एक संदेश भिजवाते ही तपाक से अंदर से बुलावा आ जाता था, लगता है आज कोई खास बात है।
कुछ लोगों ने कोठी के बेसिक नंबर पर फोन किया तो जवाब मिला-अगले बुधवार को आइए। आजम दिन भर कोठी में ही रहे पर किसी से मिले नहीं।
बगल में पार्टी दफ्तर के पास सपा का ही एक कार्यकर्ता कह रहा था कि विक्रमादित्य मार्ग स्थित नेताजी की कोठी 5 विक्रमादित्य मार्ग से आजम की कोठी महज कुछ कदम पर है पर आज का नजारा देखने के बाद लग रहा है दोनों के बीच दूरियां कुछ ज्यादा ही बढ़ गई हैं।
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