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UP News : आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेजों को तैयार करनी होंगी शोध परियोजनाएं, एलोपैथ की तर्ज पर शोध की तैयारी

Wed, 27 Jul 2022 12:25 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Wed, 27 Jul 2022 12:25 AM IST
सार

प्रदेश में सरकारी क्षेत्र के आठ राजकीय आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज हैं। इनमें से लखनऊ, पीलीभीत व वाराणसी स्थित तीन कॉलेजों में एमडी की पढ़ाई होती है। इसी तरह निजी क्षेत्र के 57 में से महज 4 आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेजों में एमडी की पढ़ाई होती है।

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Ayurvedic medical colleges will have to prepare research projects, research preparation on the lines of allopa
सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

प्रदेश के आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेजों को हर माह शोध परियोजना तैयार करनी होंगी। इसके जरिए एलोपैथिक मेडिकल कॉलेजों की तर्ज पर आयुष में भी शोध को बढ़ावा दिया जाएगा। प्रदेश में सरकारी क्षेत्र के आठ राजकीय आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज हैं। इनमें से लखनऊ, पीलीभीत व वाराणसी स्थित तीन कॉलेजों में एमडी की पढ़ाई होती है। इसी तरह निजी क्षेत्र के 57 में से महज 4 आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेजों में एमडी की पढ़ाई होती है। पहले चरण में सरकारी आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेजों को लक्ष्य दिया गया है। इन कॉलेजों में शोध तो हो रहे हैं, पर ये सिर्फ शोध पत्र तक सीमित हैं। 

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ऐसे में राजकीय आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेजों में बड़ी शोध परियोजनाएं लाने की योजना बनाई गई है। इसके तहत ये कॉलेज हर माह अपने यहां संचालित पीजी विभाग में उपचारित होने वाली बीमारियों को लेकर परियोजना तैयार करेंगे। इसका प्रदेश स्तर पर महानिदेशालय में मूल्यांकन कर आयुष मंत्रालय और शोध के लिए बजट मुहैया कराने वाले दूसरे आयुर्वेद व विज्ञान से जुड़े विभागों में भेजा जाएगा। इसके जरिए प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा शोध परियोजनाएं लाने का प्रयास किया जा रहा है।
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आयुर्वेद निदेशक प्रो. एसएन सिंह ने बताया कि आयुष से जुड़ी परियोजनाएं के प्रदेश में आने से रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। एमडी कोर्स पूरा करने वाले विद्यार्थियों को परियोजना से रोजगार मिलेगा। वहीं आयुष में भी इलाज की नई तकनीक का विकास होगा। नई-नई दवाओं की संबंधित मर्ज में गुणवत्ता का नए सिरे से आकलन हो सकेगा। ऐसे में आयुष विधि से उपचार की भी गुणवत्ता बढ़ेगी।
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आयुष चिकित्सा पद्धति के  प्रति लोगों का विश्वास बढ़ रहा है। ऐसे में विभाग की जिम्मेदारी है कि इलाज की गुणवत्ता बढ़ाए। इसके मद्देनजर अस्पतालों का विकास और आयुर्वेद शिक्षा की गुणवत्ता व नए शोध को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। - डॉ. दयाशंकर मिश्र दयालु, आयुष एवं एफएसडीए राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)

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