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अयोध्या: रामलला के बदले गए वस्त्र, गर्मी बढ़ने पर पहनाए गए गोटेदार सूती कपड़े, भोग में अभी बदलाव नहीं
Sun, 31 Mar 2024 07:49 AM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला संवाद, अयोध्या
अमर उजाला संवाद, अयोध्या
Published by: रोहित मिश्र
Updated Sun, 31 Mar 2024 07:49 AM IST
सार
Ramlala clothes changed: गर्मी आने के साथ ही रामलला के वस्त्र बदल दिए गए हैं। अब रामलला गर्मी के अनुसार आरामदायक सूती वस्त्र पहनेंगे। भोग में अभी मौसम के अनुरुप बदलाव नहीं किया गया है।
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बदले गए रामलला के वस्त्र।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने शनिवार को रामलला की दिव्य तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की है। इसी के साथ श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की ओर से एक्स पर जानकारी दी गई कि गर्मी के मौसम की शुरुआत हो रही है। तापमान धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। इसे ध्यान में रखते हुए अयोध्या के भव्य राम मंदिर में विराजमान रामलला को शनिवार को आरामदायक सूती पोशाक पहनाई गई।
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पोस्ट में लिखा गया है कि ''''ग्रीष्म ऋतु के आगमन और निरंतर बढ़ते तापमान को देखते हुए आज से भगवान रामलला सरकार सूती वस्त्र धारण करेंगे। प्रभु की ओर से आज धारण किए गए वस्त्र हस्तनिर्मित सूती मलमल से बने हैं, जिनको प्राकृतिक नील से रंगा गया है। साथ ही इसे गोटा पुष्पों से सजाया गया है।'''' इस पोस्ट के साथ ही रामलला की खूबसूरत तस्वीर शेयर की गई है। श्रीराम जन्मभूमि के मुख्य अर्चक आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि कई दिन पहले से ही रामलला को सूती वस्त्र पहनाए जा रहे हैं। राग भोग में अभी कोई बदलाव नहीं किया गया है।
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सीतानवमी और हनुमान जयंती भी भव्यता से मनाएगा ट्रस्ट
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय ने कहा कि रामनवमी की तरह सीतानवमी और हनुमान जयंती भी इस बार धूमधाम से मनाई जाएगी। रामनवमी में रामलला के दर्शन को आने वाले श्रद्धालुओं को धूप व गर्मी से बचाने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए जा रहे हैं। राम जन्मभूमि परिसर में दर्शनपथ सहित अन्य स्थानों पर जर्मन हैंगर लगाने और जूट की कारपेट बिछाने का काम शुरू कर दिया गया है। जगह-जगह पेयजल उपलब्ध रहेगा। चंपत राय ने यह बात कारसेवकपुरम में पत्रकारों के साथ होली मिलन समारोह के दौरान कही।
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उन्होंने बताया कि तीर्थक्षेत्र पुरम में पानी और दो सौ शौचालयों की व्यवस्था है। बड़े टिन शेड में श्रद्धालुओं के रहने के भी इंतजाम हैं। उन्होंने समाज के लोगों से छोटे-छोटे स्तर पर भोजनालय चलाने की अपील की है। श्रद्धालुओं से भी अपेक्षा की कि अपने साथ सत्तू लेकर आएं। यह फायदेमंद तो रहेगा ही, खानपान के संकट से भी बचाएगा। इस दौरान संत एमबी दास और राम नंदन दास ने भजन सुनाए। ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र, महंत दिनेंद्र दास, विहिप के शरद शर्मा मौजूद रहे।