छोटी दिवाली की शाम राम की नगरी के लिए न सिर्फ यादगार बन गई, बल्कि दीप जलाने का विश्व रिकॉर्ड भी अयोध्या नगरी के नाम कर गई। जैसे ही राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य ने सरयू के तट पर दीप जलाए देखते ही देखते सरयू के घाटों पर 6,06,569 दीप जगमगा उठे।
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अयोध्या दीपोत्सव 2020
- फोटो : amar ujala
गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड की टीम ने राम की पैड़ी के 24 घाटो पर 40 मिनट के भीतर एक साथ पांच मिनट तक लगातार जलते हुए दीपों की गणना की तो पिछले साल का अपना ही रिकार्ड तोड़ते हुए रामनगरी ने नया कीर्तिमान छह लाख 6 हजार 569 दीप जलाने का बनाया। हर कोई इस अद्भुत और अनुपम दृश्य को अपनी यादों में संजोए रखने के लिए सेल्फी लेने के प्रयास में दिखा।
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अयोध्या दीपोत्सव 2020
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गुरुवार को अयोध्या के नया घाट और राम की पैड़ी को भगवान राम के स्वागत के लिए पूरी राजसी भव्यता के साथ सजाया गया था। चप्पा-चप्पा जगमगा रहा था। आम जन भी पूरे अनुशासन के साथ घाटों पर जमे हुए थे। शाम साढ़े पांच बजे जैसे ही आरती के लिए राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य अन्य मंत्रियों एवं संत-धर्माचार्यों के साथ पहुंचे तो पूरा वातावरण शंखनाद से गूंज उठा। करीब आधा घंटे तक मुख्यमंत्री और राज्यपाल ने 5100 बत्ती की मां सरयू की आरती उतारी। उसके बाद सभी ने प्रदेश और देश के कल्याण की प्रार्थना मर्यादा पुरूषोत्तम राम से की।
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अयोध्या दीपोत्सव 2020
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इसी के साथ अवध विश्वविद्यालय के दस हजार छात्र-छात्राओं ने अथक प्रयास से दीपोत्सव का नया रिकार्ड छह लाख 6 हजार 569 दीप जलाकर कायम किया। इसके लिए गिनीज बुक की टीम ने तीन ड्रोन की सहायता से दीपों की गणना की। पिछला रिकार्ड 4 लाख 04 हजार दीपोत्सव का था। दीपोत्सव को लेकर तीन दिन से स्वंय सेवकों ने कड़ी मेहनत की थी। 8 घाटों पर श्रीराम दरबार, राममंदिर मॉडल, उड़ते हनुमान समेत रामायण कालीन दृश्यों से दीपोत्सव सजाया गया था।
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अयोध्या दीपोत्सव 2020
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इस अनुपम छटा को वर्चुअल प्लेटफार्म पर देख न सिर्फ अयोध्यावासी बल्कि समूचा विश्व आश्चर्य चकित और भाव विह्वल नजर आया। कोरोना के चलते हजारों अयोध्या वासी दीपोत्सव में हिस्सा लेने से वंचित रहे लेकिन अपने घर और मठ-मंदिरों में दीपों की माला सजाकर उत्साह के भागी बने। मुख्यमंत्री, राज्यपाल समेत मंत्रियों, अधिकारियों और अवध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.रविशंकर सिंह ने स्वंयसेवकों को बधाई दी।