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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Ayodhya dispute: Nirmohi Akhada Mahant Bhaskar Das passed away 

राम जन्मभूमि मामले के पक्षकार रहे निर्मोही अखाड़े के महंत भास्कर दास का निधन

Sat, 16 Sep 2017 10:54 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 16 Sep 2017 10:54 AM IST
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Ayodhya dispute: Nirmohi Akhada Mahant Bhaskar Das passed away 
Mahant Bhaskar Das passed - फोटो : file photo

राम जन्मभूमि  बाबरी मस्जिद विवाद में हिंदू पक्ष से मुख्य पक्षकार निर्मोही अखाड़े के सरपंच महंत भास्कर दास का लम्बी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह 89 वर्ष के थे।

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श्री दास बीते काफी समय से अस्वस्थ चल रहे थे और उन्हें सांस लेने में समस्या हो रही थी।

बीते बुधवार को ही उन्हें फैजाबाद के हर्षण ह्रदय संस्थान में इलाज के लिए भर्तीं कराया गया था जहां शनिवार की भोर करीब तीन बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।

दिवंगत महंत भास्कर दास का पार्थिव शरीर लोगों के अंतिम दर्शनार्थ नाका हनुमानगढ़ी परिसर में रखा गया है। महंत भास्कर दास का अंतिम संस्कार राम नगरी अयोध्या के सरयू तट पर किया जाएगा।
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महंत भास्कर दास का जन्म 20 मार्च सन 1929 में गोरखपुर जनपद के रानीडीह गांव में भागवत पाठक के घर हुआ था। 

16 साल की आयु में सन 1945 से 46 के बीच महंत भास्कर दास फैजाबाद के नाका हनुमान गढ़ी मंदिर पहुंचे, इसी मंदिर में सेवा पूजा करने के दौरान उनकी शिक्षा दीक्षा संपन्न हुई।
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तत्कालीन महंत बाबा बलदेव दास के शिष्य के रूप में नाका हनुमानगढ़ी में रह रहे भास्कर दास को सन 1946 में अयोध्या के विवादित परिसर में मौजूद राम चबूतरे पर बतौर पुजारी की रूप में नियुक्त किया गया। 

जिसके बाद सन 1946 से लेकर सन 1982 तक भास्कर दास राम चबूतरे पर पूजा अर्चना करते रहे।

सन 1986 में नाका हनुमानगढ़ी के निवर्तमान महंत और भास्कर दास के गुरु भाई बाबा बजरंग दास का निधन हो गया।

जिसके बाद सन 1986 में इन्हें फैजाबाद के नाका हनुमान गढ़ी का महंत बना दिया गया। मंदिर मस्जिद के मुकदमे में महंत भास्कर दास की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

इस मुकदमे में वह हिंदू पक्ष से एक पक्षकार के रूप में मुकदमा लड़ रहे हैं। सन 1959 में निर्मोही अखाड़े के महंत रघुनाथ दास ने राम जन्मभूमि पर अपने दावे को लेकर न्यायालय में वाद दाखिल किया था।


वही उसी परिसर में स्थित राम चबूतरे के पुजारी के रूप में पूजा पाठ करने वाले महंत भास्कर दास ने भी इसी मुकदमे में शामिल होते हुए अपनी ओर से भी एक और मुकदमा भी दाखिल किया था।

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