Ayodhya : शासन का बड़ा फैसला, अब रामपथ और 14 कोसी मार्ग पर नहीं बिकेगा नॉनवेज, सीएम योगी ने दिए थे निर्देश
Non-veg will not be sold in Ayodhya: अयोध्या के प्रमुख धार्मिक मार्गो पर अब नॉनवेज की बिक्री नहीं होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर यह कार्रवाई हुई है।
विस्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अब रामपथ, धर्मपथ, भक्तिपथ, 14 कोसी परिक्रमा मार्ग और पंचकोसी परिक्रमा मार्ग पर अब नॉनवेज नहीं बिकेगा। सहायक आयुक्त खाद्य मानिक चंद सिंह बुधवार शाम टीम के साथ राम मंदिर से जुड़े इन सभी पथ और मार्गों के भ्रमण पर निकले।
अयोध्या कैंट के सहादतगंज से अयोध्या धाम के लता मंगेशकर चौक तक 13 किमी लंबे रामपथ का निरीक्षण किया। इस दौरान नॉनवेज बेचने वाले दुकान मालिकों को सख्त हिदायत दी। सभी नॉनवेज बेचने वाले दुकानदारों से कहा गया कि सात दिन के अंदर अपनी दुकानें बंद कर दें। सात दिन के अंदर दुकान नहीं बंद हुई तो नगर निगम का प्रवर्तन दल की ओर से कार्रवाई होगी।
बताया कि दुकानों में सामान होने की वजह से मानवतावश दुकानदारों को समय दिया गया है। सीएम पोर्टल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दरबार में श्रीराम जन्मभूमि से जुड़े इन पथों और मार्गों पर नॉनवेज बेचने की शिकायत हुई थी। महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी की पहल पर नगर निगम भी इस संबंध में प्रस्ताव पारित कर चुका है।
रोज होगा मंदिरों में पूजन, जनता दर्शन विचाराधीन
राम जन्मभूमि परिसर के देवालयों में प्राण प्रतिष्ठा के बाद रोजाना पूजन-अर्चन का क्रम शुरू हो जाएगा, लेकिन जनता दर्शन कब से होगा यह विचाराधीन है। परिसर के देवालयों में श्रद्धालुओं को दर्शन-पूजन की अनुमति अभी नहीं दी जाएगी। वहीं यह तय है कि राम मंदिर के प्रथम तल पर विराजमान होने जा रहे राम दरबार के दर्शन के लिए सीमित संख्या में श्रद्धालु जा सकेंगे।
प्राण प्रतिष्ठा के बाद देवालयों में पूजन के लिए 14 पुजारियों की और नियुक्ति की जा रही है। राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि पहले हमारी योजना थी कि पांच जून को प्राण प्रतिष्ठा के बाद देवालयों को दर्शन के लिए खोल दिया जाएगा, लेकिन अभी ऐसा करना संभव नहीं है। इन मंदिरों में दर्शन-पूजन की सुविधा के लिए श्रद्धालुओं को अभी इंतजार करना पड़ेगा। परकोटा के चारों कोनों को आपस में जोड़ने का काम अभी बाकी है। परकोटा के कोर्टयार्ड में अभी पत्थरों का मलबा पड़ा है, इसे भी हटाने का काम बाकी है। वहीं राम मंदिर के प्रथम तल पर स्थापित राम दरबार के दर्शन के लिए सीमित संख्या में लोगों के जाने की व्यवस्था की जाएगी। हर घंटे 50 लोगों को जाने की अनुमति होगी। एक दिन में करीब आठ सौ लोगों को दर्शन कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि मंदिर निर्माण का काम पूरा हो चुका है। शिखर को स्वर्ण जड़ित किया जा चुका है। सभी मंदिरों के शिखर पर कलश व ध्वज दंड लगाए जा चुके हैं। मुख्य मंदिर के ऊपर राम दरबार के ऊपरी कलश व शिखर को स्वर्ण जड़ित किया जा चुका है। परकोटा, सप्तमंडपम के मंदिरों में दरवाजे लग चुके हैं। अब केवल परकोटा निर्माण का काम बाकी है, यह सितंबर तक पूरा हो जाएगा।
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