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कोरोना का खौफ: गांवों में टूट रही रिश्तों की डोर...क्वारंटीन के बाद भी दूरियां बना रहे अपने
Sat, 23 May 2020 11:02 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 23 May 2020 11:02 AM IST
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पटखौली गांव में मचान पर दोनों भाई
- फोटो : अमर उजाला।
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कोरोना वायरस के संक्रमण का खौफ सामाजिक ताने-बाने को तार-तार कर रहा है। सोशल डिस्टेंसिंग कोरोना से बचाव के लिए जरूरी है। पर, ऐसे भी मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें क्वारंटीन का वक्त पूरा करने के बावजूद समाज लोगों को अपना नहीं पा रहे।
कहीं ‘कोरोना आया- कोरोना आया’ के ताने हैं तो कहीं क्वारंटीन को लेकर तनाव की स्थितियां, नौबत मारपीट तक पहुंच जा रही है। लखनऊ के निगोहां इलाके के अघईया निवासी शिवकुमार के लिए सोशल डिस्टेंसिंग के मायने दिलों की दूरियां बन गया है।
शिवकुमार का दिल्ली से गांव आना ही बखेड़े का कारण बन गया। 14 दिन के होम क्वारंटीन के बावजूद उनकी गाड़ी पटरी पर नहीं आई। वह मनरेगा में मजदूरी करने पहुंचे तो वहां भी बेरुखी का सामना करना पड़ा। कोई उनसे बात ही नहीं करता था।
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वहीं, आजमगढ़ के सरायमीर इलाके के खुदकाश्त मोहल्ले में तो बुधवार शाम अलग ही तरह का मामला सामने आया। दिल्ली से लौटी जितली देवी के परिवार को लोग कोरोना संक्रमित कहकर चिढ़ाने लगे। नतीजतन मारपीट हुई और 15 लोग घायल हो गए। गांवों में क्वारंटीन को लेकर जगह-जगह से तनातनी के मामले सामने आ रहे हैं। परिवारों को बहिष्कार तक की चेतावनी दी जा रही है।
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कहीं ‘कोरोना आया- कोरोना आया’ के ताने हैं तो कहीं क्वारंटीन को लेकर तनाव की स्थितियां, नौबत मारपीट तक पहुंच जा रही है। लखनऊ के निगोहां इलाके के अघईया निवासी शिवकुमार के लिए सोशल डिस्टेंसिंग के मायने दिलों की दूरियां बन गया है।
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शिवकुमार का दिल्ली से गांव आना ही बखेड़े का कारण बन गया। 14 दिन के होम क्वारंटीन के बावजूद उनकी गाड़ी पटरी पर नहीं आई। वह मनरेगा में मजदूरी करने पहुंचे तो वहां भी बेरुखी का सामना करना पड़ा। कोई उनसे बात ही नहीं करता था।
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वहीं, आजमगढ़ के सरायमीर इलाके के खुदकाश्त मोहल्ले में तो बुधवार शाम अलग ही तरह का मामला सामने आया। दिल्ली से लौटी जितली देवी के परिवार को लोग कोरोना संक्रमित कहकर चिढ़ाने लगे। नतीजतन मारपीट हुई और 15 लोग घायल हो गए। गांवों में क्वारंटीन को लेकर जगह-जगह से तनातनी के मामले सामने आ रहे हैं। परिवारों को बहिष्कार तक की चेतावनी दी जा रही है।
मजबूरी ऐसी... सुल्तानपुर में दो भाइयों ने मचान पर खुद को किया क्वारंटीन
अयोध्या में इनायतनगर के खजूरी मिर्जापुर गांव में दो युवकों को पेड़ पर क्वारंटीन का मामला सामने आया ही था अब सुल्तानपुर के मोतिगरपुर इलाके के पटखौली गांव में भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला है। सत्येंद्र कुमार व उनके छोटे भाई श्रवण दिल्ली में निजी कंपनी में काम करते थे।
काम बंद हुआ तो 12 मई को ट्रक से अयोध्या पहुंचे। रिश्तेदार की बाइक से घर पहुंचे। लोगों की आपत्तियों को देखते हुए दोनों ने घर से करीब 600 मीटर दूर अपने खेत में मचान बना लिया। एक भाई मचान पर तो दूसरा तख्त पर क्वारंटीन हो गया।
परिवार ने यहीं उन्हें लालटेन व अन्य जरूरी सामान मुहैया करा दिया है। खाना भी यहीं पहुंचा दिया जाता है। बहरहाल दोनों के क्वारंटीन होने से गांव वाले बहुत सुकून महसूस कर रहे हैं।
काम बंद हुआ तो 12 मई को ट्रक से अयोध्या पहुंचे। रिश्तेदार की बाइक से घर पहुंचे। लोगों की आपत्तियों को देखते हुए दोनों ने घर से करीब 600 मीटर दूर अपने खेत में मचान बना लिया। एक भाई मचान पर तो दूसरा तख्त पर क्वारंटीन हो गया।
परिवार ने यहीं उन्हें लालटेन व अन्य जरूरी सामान मुहैया करा दिया है। खाना भी यहीं पहुंचा दिया जाता है। बहरहाल दोनों के क्वारंटीन होने से गांव वाले बहुत सुकून महसूस कर रहे हैं।