'केंद्र व राज्य दोनों सरकारें उद्योगपतियों को रिझाने में लगीं'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय सचिव अतुल अंजान ने कहा है कि केंद्र व प्रदेश की सरकारें किसान विरोधी हैं। दोनों सिर्फ उद्योगपतियों के हित में काम कर रही हैं।
सूखा, बाढ़ व प्राकृतिक आपदा से परेशान किसानों को राहत देने के नाम पर घोषणाएं तो की जाती हैं, पर उन तक राहत अक्सर नहीं पहुंचती।
अतुल अंजान शनिवार को प्रेस क्लब में कृषि संकट एवं सरकार की भूमिका विषय पर आयोजित सेमिनार में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि लगातार भू-जल स्तर गिर रहा है, जिससे कृषि व किसान दोनों संकट में हैं। उन्हें न तो पर्याप्त बिजली मिल रही है और न ही नहरों में पानी दिया जा रहा है।
किसानों के लिए बड़ा आंदोलन जरूरी
अंजान के अनुसार, इसके बाद भी सरकारें किसानों को उबारने के बजाय बड़े-बड़े उद्योगपतियों को रिझाने के लिए नातियां बना रही है।
सेमिनार में मौजूद अन्य वक्ताओं ने भी किसानों की अनदेखी के खिलाफ बड़े आंदोलन पर बल दिया।
संगठन के उपाध्यक्ष छितर सिंह ने कहा कि सभा के प्रांतीय सम्मेलन में व्यापक आंदोलन की रणनाति तैयार की जाएगी।
अन्य वक्ताओं में सभा के अध्यक्ष इम्तेयाज बेग, राजेंद्र यादव, देवेंद्र मिश्रा, प्रो. केएन सिंह, राधेश्याम यादव, रामकुमार भारती व अर्चना उपाध्याय आदि शामिल थे।