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Atiq-Ashraf murder : पहले जेल, अब सड़क पर खुलेआम हत्या से कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल

Sun, 16 Apr 2023 01:57 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 16 Apr 2023 01:57 AM IST
सार

प्रदेश पुलिस के अतीक और अशरफ को पूरी सुरक्षा देने के दावे चंद सेकंड में अंजाम दी गयी इस वारदात से तार-तार हो गए।

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Atiq-Ashraf murder: First jail, now open murder on the road raises questions on law and order
अतीक अहमद

विस्तार

बरेली और चित्रकूट जेल में न्यायिक अभिरक्षा में हुई हत्याओं के बाद शुक्रवार रात प्रयागराज में पुलिस अभिरक्षा में माफिया अतीक और उसके भाई अशरफ की हत्या ने प्रदेश की बेहतर कानून-व्यवस्था के दावों पर कई सवाल उठा दिए। प्रदेश पुलिस के अतीक और अशरफ को पूरी सुरक्षा देने के दावे चंद सेकंड में अंजाम दी गयी इस वारदात से तार-तार हो गए। इससे पहले प्रयागराज में राजूपाल हत्याकांड के गवाह उमेश पाल और दो सरकारी गनर की दिन-दहाड़े हुई हत्या से भी प्रदेश पुलिस की खासी किरकिरी हुई थी।

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बताते चलें कि करीब पांच वर्ष पहले बागपत जेल में माफिया मुन्ना बजरंगी की हत्या कर दी गई थी। इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है। अभी तक सीबीआई ने अपनी जांच पूरी नहीं की है। वहीं दो वर्ष पूर्व चित्रकूट जेल में भी पश्चिमी उप्र के माफिया मुकीम काला और मुख्तार के करीबी मेराज अहमद की गोलियां बरसाकर कुख्यात अपराधी अंशू दीक्षित ने हत्या कर दी थी। अब पुलिस अभिरक्षा में अतीक और अशरफ की हत्या ने प्रयागराज पुलिस की तैयारियों के साथ बड़े अफसरों की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं।
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गौरतलब है कि उमेश पाल हत्याकांड के बाद अतीक अहमद प्रदेश का सबसे दुर्दांत अपराधी बन गया था। इससे पहले इस फेहरिस्त में पहले मुख्तार अंसारी का नाम दर्ज था जबकि, अतीक पर मुख्तार से ज्यादा मुकदमे दर्ज थे। उमेश पाल और दो सरकारी गनर की हत्या ने अतीक को पहले बेटे असद को खोने का गम दिया। असद के एनकाउंटर के 72 घंटे भी नहीं बीते थे कि शूटरों को पालने का शौक रखने वाले अतीक और उसका भाई अशरफ खुद तीन शूटरों की गोली का शिकार बन गए।
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बताते चलें कि उमेश पाल हत्याकांड से पहले अतीक और उसके कुनबे के खिलाफ कुल 164 मुकदमे दर्ज रहे हैं। बीते छह वर्षों में अतीक और उसके करीबियों की 1153 करोड़ की संपत्तियों को भी जब्त या ध्वस्त किया गया। पुलिस ने अतीक के आर्थिक साम्राज्य पर चोट करने के लिए ठेके-टेंडर से होने वाली 200 करोड़ से अधिक की आमदनी के सारे स्रोत भी बंद करा दिए थे। वहीं ईडी ने भी अतीक पर अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया था। उसने बीते मंगलवार को अतीक के रिश्तेदार, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट, करीबी कारोबारियों के ठिकानों पर छापे मारकर 150 करोड़ रुपये की मनी लांड्रिंग के सुबूत एकत्र किए थे।

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