अटल मिशन से बदल जाएगी यूपी के शहरों की सूरत
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केंद्र सरकार अटल मिशन फॉर रिजुवनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन (अमृत) योजना के जरिये पुराने शहरों के बुनियादी ढांचों को मजबूत बनाने के लिए धन मुहैया कराएगी। इसमें यूपी के 14 नगर निगमों के साथ ग्रेटर नोएडा व नोएडा समेत 64 शहर शामिल होंगे।
नगर विकास विभाग एक लाख से अधिक आबादी वाले शहरों को इसमें शामिल कर रहा है। केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय से इस संबंध में दिशा-निर्देश मिलने के बाद डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कराते हुए भेजा जाएगा।
केंद्र सरकार ने शहरों में बुनियादी सुविधा मुहैया कराने के लिए अटल मिशन योजना की शुरुआत 25 जून को की है। इसके तहत शहरों में जरूरत के आधार पर विकास कार्य कराए जाएंगे। इस पर खर्च होने वाली धनराशि का बड़ा हिस्सा केंद्र सरकार का होगा।
केंद्र सरकार ने इसके लिए राज्यों के मुख्यमंत्रियों, मेयरों के साथ स्थानीय निकाय के अधिकारियों और नगर विकास विभाग के अधिकारियों की कार्यशाला आयोजित करते हुए योजना के बारे में जानकारी दे चुका है। यूपी सरकार ने अमृत योजना के लिए पहले चरण में 64 शहरों को चुना है।
लखनऊ समेत अवध क्षेत्र के सभी बड़े शहर शामिल
अमृत योजना में लखनऊ समेत अवध क्षेत्र के सभी बड़े शहर
लखनऊ, कानपुर, गाजियाबाद, आगरा, वाराणसी, मेरठ, इलाहाबाद, बरेली, अलीगढ़, मुरादाबाद, सहारनपुर, गोरखपुर, फीरोजाबाद व झांसी, सभी नगर निगम हैं।
इसके अलावा फैजाबाद, रायबरेली, गोंडा, बाराबंकी, सीतापुर, बहराइच, सुल्तानपुर, मुजफ्फरनगर, मथुरा, उरई, रामपुर, शाहजहांपुर, फर्रुखाबाद, मऊनाथ भंजन, हापुड़, इटावा, मिर्जापुर, बुलंदशहर, संभल, अमरोहा, हरदोई, फतेहपुर, मोदीनगर, जौनपुर, उन्नाव, लखीमपुर, हाथरस, बांदा, बदायूं, पीलीभीत, मुगलसराय, खुर्जा, मैनपुरी, ललितपुर, एटा, देवरिया, गाजीपुर, आजमगढ़, बिजनौर, बस्ती, चंदौली, बलिया, अकबरपुर, मुबारकपुर, शिकोहाबाद, शामली, बड़ौत, कासगंज, ग्रेटर नोएडा व नोएडा शामिल हैं।
शहरों का होगा सुनियोजित विकास
उत्तर प्रदेश मेयर काउंसलिंग के अध्यक्ष दिनेश शर्मा कहते हैं कि केंद्र सरकार ने शहरों के सुनियोजित विकास के लिए अमृत योजना की शुरुआत की है। इसका मुख्य मकसद शहरी लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
इसके तहत शहरी आबादी के आधार पर प्रस्ताव तैयार कराते हुए केंद्र सरकार को भेजा जाएगा और वहां से मंजूरी के बाद विकास कार्य कराने को स्वीकृति मिलेगी। विकास कार्य कराने में निकायों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।