ज्योतिषियों ने बताया यूपी में क्यों आ रहा है भूकंप
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शनि और गुरु उच्च राशियों में प्रवेश करते हैं तो भूमि कंपन की स्थिति उत्पन्न होती है। वर्तमान में यही स्थिति है। शनि के वक्री होने और मंगल अस्त होने से भी अजीबोगरीब स्थिति होती है।
इसी वजह से तरह-तरह बीमारियां, भूमि पर कंपन बार-बार होता रहता है। लेकिन, ज्योतिषाचार्यों का दावा है कि कानपुर और इसके आसपास के क्षेत्र हर लिहाज से सुरक्षित है।
ज्योतिषाचार्य पंडित दीपक पांडेय का कहना है कि शनि महाराज 14 मार्च से पहले वक्री थे और 20 मार्च को ग्रहण पड़ा था। इन दोनों योगों के भीतर 41वें दिन भूमि का कंपन हुआ था।
अर्थात 25 अप्रैल को पहला भूकंप आया था। भारतीय ज्योतिष में मंगल 41वें दिन और 41वें वर्ष का कारक होता है। इसलिए जुलाई तक विशेष सावधानी की आवश्यकता है।
...तो आ सकती है सुनामी
धरती में कंपन की स्थिति बनी रहेगी। वैसे कानपुर शहर में भूकंप का कोई असर नहीं होगा और न ही कोई जन हानि होगी।
ज्योतिषाचार्य नुपूर बी पंडित का कहना है कि इस समय गोचर में मंगल है अर्थात अस्त है। आकाश में जब भी कोई बड़ा मुख्य ग्रह वक्री होता है और मुख्य ग्रह उच्च का होता है तो भूमि के कंपन की आशंका होती है।
उन्होंने बताया कि उत्तर भारत में शनि और मंगल अशुभ वेध है। इसके चलते बार-बार भूकंप की स्थिति आती है। यदि इसमें राहु का भी अशुभ वेध हो गया तो सुनामी जैसी स्थिति आ सकती है।
लेकिन कानपुर कई मामलों में सुरक्षित है। हां नेपाल को नुकसान अधिक हो सकता है।