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साड़ी नहीं पहने होने पर पद्मश्री अरुणिमा को महाकाल मंदिर में जाने से रोका, पीएम को किया ट्वीट

Wed, 27 Dec 2017 05:26 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 27 Dec 2017 05:26 AM IST
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arunima sinha prevented to enter in mahakaal temple
उज्जैन के महाकाल मंदिर में अरुणिमा सिन्हा को प्रवेश करने से रोकतीं कर्मचारी।

पद्मश्री अरुणिमा सिन्हा को उज्जैन के महाकाल मंदिर में साड़ी नहीं पहने होने की वजह से रोक दिया गया। इससे आहत अरुणिमा ने कहा, मैं एवरेस्ट चोटी फतह के वक्त भी इतना नर्वस नहीं हुई थी। एवरेस्ट की चोटी फतह करने से यह चुनौती कहीं ज्यादा बड़ी है, क्योंकि इससे भारतीय संस्कृति का सम्मान जुड़ा है। उन्होंने इस मामले को लेकर न केवल ट्वीट किया बल्कि पीएमओ व मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री को भी टैग किया।

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मध्य प्रदेश के महिला कल्याण विभाग के बुलावे पर अरुणिमा वहां कार्यक्रम में गई थीं। अरुणिमा का कहना है कि मैंने अपनी निशक्तता का हवाला दिया और कृत्रिम पैर भी खोलकर दिखाया। यह भी कहा कि इसी वजह से मैं साड़ी में नहीं हूं। आखिर आस्था पर परिधान कैसे भारी पड़ सकता है।
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बहरहाल मध्यप्रदेश के गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह व महिला एवं बाल विकास मंत्री  अर्चना चिटणिस ने मुझे फोन कर इसपर खेद जताया। मध्य प्रदेश सरकार ने सम्मान सहित दोबारा दर्शन के लिए आने का न्यौता भी दिया है।

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मंदिर के गर्भगृह में ड्रेस कोड का पालन अनिवार्य : महाकाल प्रशासन

arunima sinha prevented to enter in mahakaal temple
माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहरातीं अरुणिमा सिन्हा। (फाइल फोटो)

अरुणिमा सिन्हा के आरोपों पर मंगलवार को महाकाल मंदिर प्रशासन ने कहा, मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश के लिए तय ‘ड्रेस कोड’ का पालन करना अनिवार्य है। वहीं, महिला एवं बाल विकास मंत्री अर्चना चिटणिस ने जांच के आदेश दिए हैं। सिन्हा का नाम वीआईपी सूची में चिटणिस की ही तरफ से दर्ज किया गया था।

मंदिर प्रशासक अवधेश शर्मा का कहना है कि गर्भगृह में ‘भस्म आरती’ के दौरान पुरुषों को धोती और महिलाओं को साड़ी पहनना अनिवार्य है। सामान्य तौर पर धोती या साड़ी न पहनने वाले लोगों को गर्भगृह में जाने की तो इजाजत है लेकिन ‘भस्म आरती’ में शामिल होने की नहीं है। ‘भस्म आरती’ में शामिल होने के लिए पहले ही नाम दर्ज कराया जाता है जबकि सिन्हा देर से पहुंची थीं।

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