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खुद भी आतंकी बनने की राह पर था अकबर, एटीएस को वाट्स एप ग्रुप पर मिली अहम जानकारियां

Tue, 06 Feb 2018 11:56 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 06 Feb 2018 11:56 PM IST
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arrested suspect sheikh ali akbar was helping terrorist.
शेख अली अकबर - फोटो : amar ujala

लखनऊ से सोमवार को पकड़ा गया शेख अली अकबर न सिर्फ आतंकियों की मदद कर रहा था बल्कि खुद भी आतंकी बनने की राह पर था। एटीएस ने अकबर के मोबाइल से जो डाटा रिकवर किया है उसके मुताबिक वह पाकिस्तान और कश्मीर में बैठे आईएसआई एजेंट समेत 20 आतंकियों के संपर्क में था। वहीं एटीएस उसके एक और साथी महबूब से भी पूछताछ कर रही है।

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एटीएस को शक है कि अकबर की सारी गतिविधियां महबूब को मालूम थीं। एटीएस इस बात की पड़ताल कर रही है कि कहीं वह अकबर को सहयोग तो नहीं कर रहा था? आईजी एटीएस असीम अरुण ने बताया कि शेख अली अकबर ने सितंबर में फेसबुक पर जेहाद नाम से सर्च किया और कुछ नंबर वहां से हासिल किए। तब से वह एक के बाद एक व्हाट्स एप ग्रुप से जुड़ता चला गया।
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अकबर के मोबाइल में 9 ऐसे व्हाट्स एप ग्रुप मिले हैं, जिसमें देश विरोधी गतिविधियां चल रही थीं। जिन व्हाट्स एप ग्रुप में अकबर जुड़ा था उसमें हिजबुल हमारी शान है, फ्रीडम फाइटर्स, हिज्ब मीडिया, जमात उद दावा कश्मीर, कश्मीर की आजादी और मूसा-मूसा नाम के ग्रुप शामिल हैं।
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इन्हीं ग्रुप में से एक में कश्मीर के बांदीपुरा में पकड़े गए आतंकी भी जुड़े थे, जिसने इससे पिस्टल की डिमांड रखी और इसके लिए दो बार में चालीस हजार रुपये अकबर के रिश्तेदार के बैंक खाते में जमा कराए गए। एक बार 10 हजार रुपये और दूसरी बार में 30 हजार रुपये खाते में डाले गए। यह पिस्टल जम्मू में डिलीवर होनी थी। बांदीपुरा में पकड़े गए आतंकी वहां से जम्मू आते और अकबर को गाजीपुर से जम्मू पहुंचना था।

अपने चाचा के यहां आया था अकबर

arrested suspect sheikh ali akbar was helping terrorist.

पूछताछ में अकबर ने एटीएस के अधिकारियों को बताया कि वह चिनहट में रहने वाले अपने चाचा के यहां आया था। चाचा से उसने बताया था कि वह नौकरी ढूंढने आया है। जबकि वह गाजीपुर में एक जनरल स्टोर पर 6000 रुपये की मासिक वेतन पर नौकरी कर रहा था।

पाकिस्तान में बैठे आईएसआई एजेंट के सीधे संपर्क में था
एटीएस के अधिकारियों की मानें तो अकबर के मोबाइल से आईएसआई एजेंट नाम से एक नंबर सेव था, जिस पर व्हाट्सएप के माध्यम से लगातार संपर्क में था। इसके अलावा 19 और नंबर इसके मोबाइल में मिले हैं, जो पाकिस्तान के ही हैं। दावा किया जा रहा है कि आईएसआई एजेंट ने ही इसे जिहाद के लिए ट्रेनिंग देने की बात कही थी और इसके लिए उसे पाकिस्तान बुलाया था, लेकिन वह नहीं गया।

कश्मीर पहुंची एटीएस
यूपी एटीएस की एक टीम कश्मीर पहुंच गई है जहां वह रविवार को बांदीपुरा से पकड़े गए चार आतंकियों वकार यासीन खां, आशिक हुसैन डार, रिजवान शफी लोन और जीशान लतीफ से पूछताछ करेगी। कश्मीर पुलिस ने दावा किया है कि इन चारों युवकों ने मिलकर आईएसआईएस का नया मॉडयूल तैयार किया था। इन्हीं आतंकियों ने पकड़े जाने के बाद शेख अली अकबर के बारे में जानकारी दी थी।

दस दिन की मिली रिमांड
न्यायालय ने शेख अली अकबर को 10 दिन की रिमांड पर एटीएस को सौंप दिया है। एटीएस उससे कश्मीर से लेकर पाकिस्तान और यूपी में उसके साथियों के बारे में पड़ताल करेगी।

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